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अंबाला में 220 फीट गहरे बोरवेल में गिरा 4 साल का मासूम, NDRF-सेना का रेस्क्यू जारी; कैमरे में दिखा हाथ

 

हरियाणा ( Sahil Kasoon ) अंबाला में मंगलवार सुबह करीब 7 बजे 4 साल का मासूम 220 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। धन्यौड़ा गांव निवासी निर्भय अपने पिता के साथ खेत में दादा को खाना देने गया था। इसी दौरान खेलते-खेलते उसका पैर फिसल गया और वह खुले बोरवेल में जा गिरा। सूचना मिलते ही DC अजय सिंह तोमर समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए।

बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए NDRF और सेना की टीमें संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। बोरवेल में करीब 60 फीट की गहराई से पानी शुरू हो रहा है। रस्सी के सहारे अंडरवॉटर कैमरे उतारे गए हैं।

NDRF टीम के एक सदस्य ने बताया कि कैमरे में बच्चे का एक हाथ ऊपर की ओर दिखाई दिया, जबकि गर्दन नीचे की तरफ झुकी हुई है। उसे निकालने के लिए अब तक 7 बार कांटे और कुंडी डालकर कोशिश की गई, लेकिन कपड़ा नहीं फंस पाया और हाथ ऊपर होने के कारण भी दिक्कत आई।

दोपहर 12:30 बजे टीम ने नए डिजाइन के कांटे का इस्तेमाल करने का फैसला लिया, जिसके लिए वेल्डिंग कराने टीम अंबाला कैंट रवाना हुई।

बोरवेल के अंदर रस्सी के जरिए अंडरवाटर कैमरे डाले गए, ताकि निर्भय की लोकेशन पता लगाई जा सके।
बोरवेल के अंदर रस्सी के जरिए अंडरवाटर कैमरे डाले गए, ताकि निर्भय की लोकेशन पता लगाई जा सके।
NDRF की टीम स्पेशल तरह की कुंडी बनाते हुए, ताकि यह किसी तरह बच्चे के कपड़े में फंसे और उसे बाहर खींचा जा सके।
NDRF की टीम स्पेशल तरह की कुंडी बनाते हुए, ताकि यह किसी तरह बच्चे के कपड़े में फंसे और उसे बाहर खींचा जा सके।
गड्‌ढा खोदने के लिए जेसीबी और अन्य मशीनें भी मंगाई गई हैं।
गड्‌ढा खोदने के लिए जेसीबी और अन्य मशीनें भी मंगाई गई हैं।
धन्यौड़ा गांव में बच्चे के बोरवेल में गिरने की सूचना के बाद काफी संख्या में ग्रामीण इकट्‌ठा हो गए।
धन्यौड़ा गांव में बच्चे के बोरवेल में गिरने की सूचना के बाद काफी संख्या में ग्रामीण इकट्‌ठा हो गए।
घटना की सूचना मिलने के बाद DC अजय सिंह तोमर और कैंट SDM कनिका भी धन्यौड़ा गांव में पहुंचीं।
घटना की सूचना मिलने के बाद DC अजय सिंह तोमर और कैंट SDM कनिका भी धन्यौड़ा गांव में पहुंचीं।

निर्भय के दादा करनैल सिंह खेतों में काम करने गए थे। निर्भय के पिता मनजीत मंगलवार सुबह 6ः30 बजे अपने पिता करनैल सिंह के लिए रोटी लेकर जाने लगे। निर्भय ने भी साथ जाने की जिद की। पिता ने उसे भी साथ ले लिया। निर्भय के पिता मनजीत खेत में जाकर काम करने लगे, जबकि दादा रोटी खाने लगे। निर्भय भी दादा के पास ही बैठ गया।

मनजीत ने बताया कि कुछ देर में वो खेलने लगा। खेलते-खेलते वो कुछ दूरी पर चला गया। वहां खुल बेरवेल देखकर निर्भय उसमें मिट्ठी फेंकने लगा। नीचे गहराई से आवाज आ रही थी, तो वो नीचे झांककर देखने लगे। बोरवेल के पास मिट्टी भी गीली थी। शायद इसी दौरान पांव फिसला और झांकते वक्त वो बोरवेल में ही गिर गया।

पिता ने आगे बताया कि इस दौरान जोर की आवाज आई तो दादा व पिता का ध्यान इस तरफ गया। वो तुरंत बोरवेल के पास गए और आवाजें लगाई। दादा, पिता व आसपास के लोगों ने पहले खुद ही हाथ-पांव मारे। कुछ नहीं सूझा तो करीब साढ़े 7 बजे डायल 112 पर फोन करके पुलिस को सूचना दी। तब तक पिता व दादा बोरवेल के पास खड़े रोते-चिल्लाते रहे। पुलिस ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। NDRF व आर्मी को मदद के लिए बुलाया गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने में दिक्कत यह आई कि बोरवेल में करीब 60 फीट के बाद पानी भरा है। ट्यूबवेल लगाने के लिए यहां मशीन से करीब 220 फीट गहरे खुदाई गई थी। बच्चे के बोरवेल में गिरने के बाद पूरा प्रशासनिक अमला भी मौके पर पहुंच गया। कई गांवों के लोग भी मदद के लिए मौके पर जुट गए।

पोते के बोरवेल में गिरने के बाद रोते उसके दादा करनैल सिंह।
पोते के बोरवेल में गिरने के बाद रोते उसके दादा करनैल सिंह।

निर्भय के पिता मनजीत सिंह हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत बिजली निगम में कार्यरत हैं। उसके दादा करनैल सिंह धान की रोपाई के चलते तड़के से ही खेत में थे, जहां करीब दो एकड़ में धान की रोपाई का काम चल रहा था।

रेस्क्यू के दौरान पिता मनजीत सिंह “मेरे निर्भय को बचा लो… उसे बाहर निकाल लो…” कहकर अचानक जमीन पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें होश में लाने की कोशिश की, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहीं, मां जसबीर कौर सदमे में हैं। निर्भय की 12 साल की एक बहन भी है।

अंबाला में 220 फीट गहरे बोरवेल में गिरा 4 साल का मासूम, NDRF-सेना का रेस्क्यू जारी; कैमरे में दिखा हाथ

निर्भय की ई तस्वीर 

NDRF के मुताबिक, बच्चा 6 घंटे से पानी में है, इस वजह से उसकी स्किन खराब हो रही है। इसी वजह से कांटा भी काम नहीं कर पा रहा। काफी संख्या में बाहर खड़े लोग अरदास कर रहे हैं।

अब स्पेशल कांटा वेल्डिंग करवाया जा रहा

एनडीआरएफ व आर्मी के रेस्क्यू ऑपरेशन में अभी 7 कांटे-कुंडी बोरवेल में डालकर बच्चे को बाहर खींचने की कोशिश की गई। बोरवेल का पाइप 9 इंच का है। इसमें बच्चे बुरी तरह से फंसा है और कोई भी कांटा नीचे नहीं जा पा रहा। 12ः30 बजे फैसला लिया गया है कि अब नए तरह के कांटे का इस्तेमाल होगा। इसे वेल्डिंग कराने टीम अंबाला कैंट रवाना हुई।

धन्यौड़ा गांव में हुए हादसे के बाद अंबाला जिला प्रशासन ने सभी खुले बोरवेल 24 घंटे में बंद करने के आदेश दिए हैं। बोरवेल खुला मिलने पर इसे आपराधिक लापरवाही माना जाएगा। डीसी ओर से कहा गया कि कोई भी खुला बोरवेल मिलने पर डायल 112 पर सूचित किया जाए। बोरवेल मालिक के खिलाफ एफआईआर होगी।

 

गड्‌ढा खोदने के लिए JCB मंगाई गई

मेरे निर्भय को बचा लो…उसे बाहर निकाल लो…यह कहकर पिता मनजीत कई बार बदहवास हुए। फिर अचानक जमीन पर गिर पड़े। उन्हें होश में लाने की कोशिश की गई। जब बेहोशी नहीं टूटी तो सिविल अस्पताल ले जाया गया है।

पहले रस्सी डालकर वास्तविक गहराई का पता लगाया गया है। अब अंदर की स्थिति पता लगाने के लिए रस्सी के सहारे अंडर-वाटर कैमरे डाले जा रहे हैं। अभी बच्चे की स्थिति में ठीक से कुछ कहा नहीं जा सकता। हालांकि करीब 5 घंटे बीतने की वजह से अनहोनी का अंदेशा है।

प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि बोरवेल में करीब 60 फीट की गहराई के पानी शुरू हो रहा है। जिसकी वजह से बच्चे की स्थिति पता करने में दिक्कत आ रही है। इसी वजह से अभी रेस्क्यू ऑपरेशन संचालन भी मुश्किल हो रहा है।

एम्बुलेंस भी मौके पर बुलाई गई

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Sahil Kasoon

The Air News (Writer/Editer)

Sahil Kasoon

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