loader image
Latest:
Sunday, March 22, 2026

जींद में युवा किसान राजेश शर्मा की प्रतिमा का अनावरण: कंडेला कांड में पुलिस लाठीचार्ज से गई थी जान

कंडेला कांड में जान गंवाने वाले राजेश का फाइल फोटो।

जींद में युवा किसान राजेश शर्मा की प्रतिमा का अनावरण: कंडेला कांड में पुलिस लाठीचार्ज से गई थी जान

जींद 26 मई (The Airnews | रिपोर्टर: Sahil Kasoon) हरियाणा के जींद जिले के कंडेला गांव में रविवार को वर्ष 2002 के कंडेला कांड में शहीद हुए युवा किसान राजेश शर्मा की प्रतिमा का अनावरण किया गया। उस समय राजेश मात्र 13 वर्ष के थे और नौवीं कक्षा में पढ़ते थे। आंदोलन के दौरान पुलिस की लाठियों से गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनकी मौत हो गई थी।

इस मौके पर विभिन्न किसान यूनियनों के नेता, राजेश शर्मा का परिवार और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन किसान संगठनों और कंडेला गांववासियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

क्या था कंडेला कांड?

वर्ष 2002 में किसानों ने बिजली बिलों की माफी को लेकर तत्कालीन इनेलो सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू किया था। किसानों का आरोप था कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने बिजली बिल माफ करने का वादा किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद बिल वसूली शुरू कर दी गई।

19 मई 2002 को बिजली कटौती के विरोध में किसानों ने जींद के कंडेला गांव के पास रोड जाम कर प्रदर्शन शुरू किया। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों पर सवार होकर प्रदर्शन में शामिल हुए। पुलिस ने नगूरां गांव के पास बैरिकेडिंग कर दी और किसानों को रोकने की कोशिश की।

जब किसान जबरदस्ती आगे बढ़ने लगे, तो पुलिस ने लाठीचार्ज और फायरिंग कर दी। इसी दौरान 13 वर्षीय राजेश शर्मा पुलिस की लाठियों की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन 6 दिन बाद 25 मई 2002 को उनकी मौत हो गई।

किसानों ने बलिदान को किया याद

राजेश शर्मा समेत 9 किसानों की उस आंदोलन में जान गई थी और 45 से अधिक किसान घायल हो गए थे। आंदोलन इतना उग्र हो गया था कि कई सरकारी अधिकारी बंधक बना लिए गए और करीब दो महीने तक जींद-चंडीगढ़ मार्ग बंद रहा।

अब तक अन्य 8 किसानों की प्रतिमाएं बन चुकी थीं, लेकिन राजेश शर्मा की प्रतिमा नहीं बनी थी। इस बार भारतीय किसान यूनियन के प्रधान जोगेंद्र नैन के नेतृत्व में प्रदेशभर में किसान संगठनों से सहयोग लेकर प्रतिमा निर्माण करवाया गया।

परिवार ने जताई संतुष्टि

राजेश शर्मा के पिता ईश्वर और मां बिसनो देवी (जो रोडवेज से रिटायर हो चुकी हैं) ने इस अनावरण पर संतोष जताया और कहा कि यह प्रतिमा उनके बेटे की शहादत को सदा के लिए अमर बना देगी। परिवार में राजेश के तीन भाई-बहन हैं।

समारोह में भाकियू घासीराम नैन गुट के जोगेंद्र नैन, किसान सभा के बलबीर सिंह गुरूसर, रामफल कंडेला, गुरविंदर सिंह, ओमप्रकाश कंडेला सहित कई किसान नेता मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!