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Sunday, March 22, 2026

सरपंच के खिलाफ RTI डालना पड़ा महंगा ?

हमले के बाद हाॅस्पिटल में एडमिट कराने के दौरान - Dainik Bhaskar
                                      हमले के बाद हाॅस्पिटल में एडमिट कराने के दौरान

सरपंच के खिलाफ RTI डालना पड़ा महंगा: सोनीपत के पंचायत सदस्य राजेश पर 10-15 हमलावरों ने किया जानलेवा हमला, जेल में बंद भतीजे पर भी शक

The Airnews | सोनीपत | 2000 शब्दों की विशेष रिपोर्ट

हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव लल्हेड़ी खुर्द में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पंचायत सदस्य और किराना दुकानदार राजेश पर 10-15 अज्ञात युवकों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। यह हमला न केवल शारीरिक रूप से क्रूर था, बल्कि इसके पीछे की कथित राजनीतिक और प्रशासनिक साजिशें भी गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं। राजेश ने हमले के पीछे गांव के सरपंच और उसके जेल में बंद भतीजे का हाथ होने का संदेह जताया है। इस पूरी घटना ने हरियाणा की पंचायत व्यवस्था और उसमें व्याप्त भ्रष्टाचार को एक बार फिर उजागर कर दिया है।


घटना का विवरण: दुकान पर बैठे थे राजेश, अचानक हमला

राजेश ने थाना बड़ी में दी गई शिकायत में बताया कि घटना उस समय की है जब वह शाम करीब 7:45 बजे अपनी किराने की दुकान पर बैठे थे। तभी अचानक 10-15 लड़के जिनके हाथों में लाठी-डंडे थे, दुकान पर पहुंचे और बिना किसी बात के गाली-गलौज करते हुए राजेश पर टूट पड़े।

हमलावरों ने राजेश को बुरी तरह से पीटा, जिससे उनके शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं। शोर सुनकर आसपास के लोग एकत्र हुए और राजेश को हमलावरों से बचाया। हमलावर जाते-जाते धमकी देकर गए कि अगर उसने पुलिस में शिकायत की तो जान से मार देंगे।


इलाज के लिए किया गया रेफर

घायल अवस्था में राजेश को पहले गन्नौर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उन्हें खानपुर के बीपीएस अस्पताल रेफर किया गया। वर्तमान में राजेश सोनीपत के ट्यूलिप अस्पताल में उपचाराधीन हैं।


RTI बनी हमले की वजह?

जानकारी के अनुसार राजेश गांव लल्हेड़ी खुर्द के वार्ड नंबर 11 से पंचायत सदस्य हैं। गांव लल्हेड़ी खुर्द और लल्हेड़ी कलां का एक ही सरपंच है — मेहर सिंह, जो ढाई साल पहले सरपंच बना था। राजेश का आरोप है कि उनके वार्ड में कोई विकास कार्य नहीं किया जा रहा था, जिस कारण उन्होंने सरपंच के खिलाफ आरटीआई दायर की थी।

आरटीआई दाखिल करने के बाद से ही उन पर आरटीआई वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा था और उन्हें धमकियां मिल रही थीं।


जेल में बंद भतीजे से मिली धमकी

राजेश के पिता सुजान सिंह का आरोप है कि उनके बेटे को सरपंच के जेल में बंद भतीजे मोनू ने भी बार-बार धमकी दी। मोनू वर्तमान में हत्या के एक मामले में करनाल जेल में बंद है।

राजेश के मुताबिक, मोनू ने जेल से कॉल करके उन्हें तीन बार धमकाया और आरटीआई उठाने का दबाव डाला। चौथी बार धमकी मिलने के बाद यह जानलेवा हमला किया गया।


ऑडियो में धमकी की पुष्टि

इस मामले में एक ऑडियो क्लिप भी सामने आई है जिसमें जेल में बंद मोनू द्वारा राजेश को धमकी दी जा रही है। ऑडियो में निम्न बातचीत सुनी जा सकती है:

मोनू: “बहुत हो चुकी है, तेरे से बहुत ज्यादा रिक्वेस्ट की जा चुकी है।”

राजेश: “मैं आपसे क्या गलत बोला हूं?”

मोनू: “बोलकर देख ले। तुम्हारी कमर पर जेवड़े हैं… हम तुझे ऐसे नहीं छोड़ देंगे क्या?”

मोनू ने धमकी भरे लहजे में यह भी कहा, “मनिया मेट कर देंगे घर की।” — यानी घर में कोई नहीं बचेगा।

यह ऑडियो स्पष्ट रूप से यह दिखाता है कि किस तरह से जेल में बंद अपराधी पंचायत सदस्यों को धमकाकर प्रशासनिक कार्यों में हस्तक्षेप कर रहे हैं।


पुलिस की कार्रवाई और एफआईआर

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच शुरू की। जानकारी के अनुसार HC विकास ट्यूलिप अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर से अनुमति लेकर राजेश का बयान दर्ज किया। राजेश ने अपने बयान में सरपंच मेहर सिंह और मोनू पुत्र आजाद पर संदेह जताया।

पुलिस ने शिकायत, मेडिकल रिपोर्ट (MLR) और घटनास्थल की स्थिति को देखकर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं:

  • 115(2) — हत्या का प्रयास,
  • 191(3) — आपराधिक धमकी,
  • 190 — हमला,
  • 351(3) — जानलेवा हमला,
  • 333 — सार्वजनिक सेवक पर हमला,
  • 110, 61(2) — अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया।

पुलिस पर लापरवाही के आरोप

पीड़ित राजेश के पिता सुजान सिंह ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने बार-बार धमकियों की जानकारी पुलिस को दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। यदि समय रहते कार्रवाई की जाती, तो आज उनके बेटे की यह हालत नहीं होती।

सुजान सिंह का कहना है कि गांव में सरपंच के खिलाफ RTI लगाना जैसे जुर्म बन चुका है। उन्होंने कहा, “हम तो यही सोचकर चुप थे कि बेटा पंचायत मेंबर है, कोई सुनवाई होगी। पर अब तो लगता है कि सच बोलना ही सबसे बड़ा गुनाह है।

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