हरियाणा के स्कूल में रील-मीम बनाने पर रोक:पढ़ाई प्रभावित होने पर फरीदाबाद DEO सख्त; सोशल मीडिया ट्रेंड पर ब्रेक
हरियाणा के फरीदाबाद जिले में सरकारी स्कूलों में रील और मीम बनाने के कई मामले सामने आए हैं। जिसके बाद शिक्षा विभाग अलर्ट हो गया है। इसको लेकर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) की ओर से एक लेटर भी जारी किया गया है। जिसमें लिखा है कि टीचर, एनी वर्कर और स्टूडेंट रील, मीम और इंटरटेनमेंट को लेकर वीडियो बना रहे हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी सरकारी स्कूलों के मुखियाओं को निर्देश जारी कर कहा है कि स्कूल समय के दौरान किसी भी प्रकार की रील या मनोरंजन के लिए वीडियो बनाने की अनुमति नहीं होगी, क्योंकि इससे पढ़ाई, अनुशासन और स्कूल की गरिमा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
यहां पढ़िए लेटर की कॉपी…

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई स्कूल शैक्षणिक, सांस्कृतिक या जागरूकता से जुड़ा वीडियो बनाना चाहता है, तो उसे पहले संबंधित अधिकारी की अनुमति लेनी होगी और शिक्षक की निगरानी में ही यह कार्य किया जा सकेगा। निर्देशों की अवहेलना को गंभीरता से लिया जाएगा।
कई स्कूल परिसरों में छात्रों और कर्मचारियों द्वारा मनोरंजन के लिए रील/लघु वीडियो बनाए जाने की शिकायतें मिली हैं। इससे पढ़ाई का समय प्रभावित होने और अनुशासन में ढील की स्थिति सामने आई। सोशल मीडिया पर स्कूल के अंदर की सामग्री वायरल होने से गोपनीयता और सुरक्षा के मुद्दे भी उठे।
आदेश के 5 प्रमुख निर्देश
1. पढ़ाई में बाधा नहीं: शिक्षण-अधिगम गतिविधियों में किसी भी प्रकार की रुकावट नहीं आनी चाहिए।
2. सुरक्षा और गोपनीयता जरूरी: वीडियो बनाते समय छात्रों की सुरक्षा और निजी जानकारी की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।
3. अनुचित कंटेंट पर रोक: कोई भी गैर-शैक्षणिक या प्रचारात्मक सामग्री स्कूल परिसर में नहीं बनाई जाएगी।
4. स्कूल की गरिमा बनाए रखें: अनुशासन और संस्थान की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
5. पहले अनुमति जरूरी: जरूरत पड़ने पर वीडियो बनाने से पहले संबंधित अधिकारी से पूर्व स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा।
पिछले कुछ वर्षों में स्कूलों में सोशल मीडिया रील बनाने का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। कई राज्यों में पहले भी स्कूल परिसरों में मोबाइल और वीडियो उपयोग को लेकर दिशानिर्देश जारी किए जा चुके हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि डिजिटल गतिविधियां तभी स्वीकार्य हैं, जब उनका उद्देश्य शिक्षा या जागरूकता हो।




