अमेरिका में करनाल के युवक की हत्या:रिटायर्ड फौजी ने की थी फायरिंग,आठ बहनों का इकलौता भाई था, कर्ज लेकर गया था विदेश
परिवार के मुताबिक प्रदीप करीब डेढ़ साल पहले अमेरिका गया था। उसे वहां तक पहुंचने में आठ महीने लग गए थे। वहां वह एक स्टोर पर काम करता था और तीन-चार दिन पहले ही घर पर बात करके बताया था कि सब ठीक चल रहा है। उसने कहा था कि उसे अब काम मिल गया है और वह जल्द ही कर्ज उतार देगा। प्रदीप परिवार का एकमात्र सहारा था क्योंकि पिता की मौत पहले ही हो चुकी थी।

जानकारी के अनुसार, अमेरिका में रहने वाले एक रिटायर्ड फौजी ने अज्ञात कारणों से अचानक स्टोर में फायरिंग शुरू कर दी। उसी समय प्रदीप भी वहां मौजूद था। चश्मदीदों के मुताबिक, आरोपी ने 15 मिनट पहले ही स्टोर में प्रवेश किया था और आते ही प्रदीप पर तीन से चार गोलियां दाग दीं। इसके बाद उसने खुद की कनपटी पर पिस्टल रखकर आत्महत्या कर ली। फायरिंग की वजह का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है।
परिवार को इस दर्दनाक हादसे की खबर शनिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे मिली। खबर मिलते ही गांव में मातम छा गया। प्रदीप आठ बहनों का इकलौता भाई था। उसकी शादी करीब दस साल पहले हुई थी, लेकिन अब तक कोई संतान नहीं थी। परिवार का कहना है कि दीवाली के त्यौहार से ठीक पहले आई यह खबर उनके लिए किसी सदमे से कम नहीं है।

परिजनों ने प्रशासन और सरकार से अपील की है कि प्रदीप के शव को जल्द से जल्द भारत लाया जाए, ताकि गांव में अंतिम संस्कार किया जा सके। ग्रामीण सतपाल पहलवान ने बताया कि परिवार पहले से ही कर्ज में डूबा हुआ है और घर की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। अब पूरे परिवार की जिम्मेदारी प्रदीप पर ही थी, लेकिन उसके जाने से सबकुछ बिखर गया है। बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है।






