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Thursday, February 5, 2026

इस्माईलपुर गांव में घर पर गिरी बिजली, बुजुर्ग महिला गंभीर ?

अंबाला में आसमानी कहर: इस्माईलपुर गांव में घर पर गिरी बिजली, बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल | The Airnews Special Report

The Airnews 


घटना का संक्षिप्त विवरण

हरियाणा के अंबाला जिले में मौसम की अचानक बदली करवट ने एक परिवार पर कहर बनकर टूट पड़ी। शुक्रवार देर शाम को तेज आंधी और बारिश के बीच इस्माईलपुर गांव में एक घर पर आसमानी बिजली गिर गई, जिससे उस घर की एक दीवार भरभराकर गिर गई। दुर्भाग्यवश, यह दीवार एक बुजुर्ग महिला के ऊपर आ गिरी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।


मौसम की करवट और अचानक आई आफत

अंबाला में शुक्रवार को मौसम ने अचानक रूप बदला। जहां दिन भर गर्मी और उमस रही, वहीं शाम होते-होते आसमान में काले बादल छा गए। तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई और थोड़ी ही देर में बिजली की चमक और कड़क के साथ बारिश तेज हो गई। इसी दौरान इस्माईलपुर गांव में यह दर्दनाक हादसा हुआ।

गांव के निवासी बताते हैं कि बिजली की तेज गड़गड़ाहट के साथ अचानक एक जबरदस्त आवाज सुनाई दी और कुछ ही पलों में पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई। जब लोग बाहर निकले तो देखा कि एक घर की दीवार गिर चुकी थी और उसके नीचे एक बुजुर्ग महिला दब गई थीं।


घटना का पूरा विवरण: कैसे हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिस समय बिजली गिरी, उस वक्त महिला घर के आंगन में बैठी थीं। आंधी और बारिश से बचने के लिए उन्होंने दीवार के पास शरण ली थी, लेकिन किसे पता था कि यही दीवार उनके लिए खतरा बन जाएगी। बिजली गिरने से घर की दीवार कमजोर हो गई और भारी बारिश के कारण तुरंत गिर गई।

परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों ने तुरंत मलबा हटाकर महिला को बाहर निकाला और सिविल अस्पताल पहुंचाया। महिला की पहचान 72 वर्षीय सरोज देवी के रूप में हुई है।


इलाज में जुटा स्वास्थ्य विभाग

सरोज देवी को तुरंत अंबाला शहर के सिविल अस्पताल ले जाया गया। जहां आपातकालीन सेवा में तैनात डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया। जैसे ही जानकारी मिली कि यह मामला बिजली गिरने का है और महिला की स्थिति गंभीर है, तो स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर भी मौके पर पहुंचे।

डॉक्टरों के अनुसार, महिला के सिर में गंभीर चोटें आई हैं लेकिन समय रहते इलाज शुरू कर दिए जाने के कारण उनकी स्थिति अब स्थिर है। उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा गया है और न्यूरो विशेषज्ञों की निगरानी में इलाज चल रहा है।


गांव में भय का माहौल

घटना के बाद पूरे गांव में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी गांव के बाहरी इलाकों में बिजली गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इस बार मामला अधिक संवेदनशील है क्योंकि इससे एक जान पर बन आई।

गांव के सरपंच और पंचायत सदस्यों ने भी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और प्रशासन से तुरंत मुआवजा देने की मांग की।


प्रशासन से सहायता की अपील

पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य नहीं है। सरोज देवी के बेटे राजेंद्र कुमार ने बताया कि वे मजदूरी करके घर चलाते हैं और ऐसे में यह हादसा उनके लिए दोहरी मार लेकर आया है। उन्होंने प्रशासन से तुरंत आर्थिक सहायता और घर की मरम्मत हेतु मदद की मांग की है।

वहीं, प्रशासन की ओर से तहसीलदार और पटवारी को मौके पर भेजा गया है ताकि नुकसान का आकलन किया जा सके और राहत राशि स्वीकृत की जा सके।


क्या कहता है मौसम विभाग?

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में हरियाणा के कई जिलों में इसी तरह की आंधी और बारिश की संभावनाएं बनी हुई हैं। विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है, खासकर खुले इलाकों में खड़े न होने और पक्के निर्माणों के नीचे आश्रय न लेने की हिदायत दी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि वज्रपात के मामलों में अधिकतर लोग घरों के कोनों या पेड़ों के नीचे खड़े होने के कारण गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं।


सरकार और समाज से अपेक्षाएं

इस घटना के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि ग्रामीण इलाकों में आपदा प्रबंधन और प्राथमिक बचाव व्यवस्था कितनी सुदृढ़ है? क्या लोगों को वज्रपात और प्राकृतिक आपदाओं से बचने की पर्याप्त जानकारी और संसाधन उपलब्ध हैं?

सरकार को चाहिए कि गांवों में आपात स्थिति से निपटने की योजना को मजबूत करे, साथ ही आमजन को बिजली गिरने से संबंधित सावधानियों के बारे में जागरूक किया जाए।


स्थानीय जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया

विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय विधायक और पार्षदों ने भी घटना पर दुख जताया है और आश्वासन दिया है कि घायल महिला के इलाज का खर्च सरकार वहन करेगी। साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।


पूर्व की घटनाएं: चेतावनी या संयोग?

अंबाला जिले में पिछले कुछ वर्षों में कई बार बिजली गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं। 2022 में अंबाला कैंट क्षेत्र में एक स्कूल के मैदान में बिजली गिरने से दो बच्चे घायल हो गए थे। यह घटनाएं चेतावनी हैं कि ऐसे मामलों को केवल ‘कुदरत का कहर’ कहकर छोड़ देना समाधान नहीं है।

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