करनाल के बेटे की इटली में हत्या:रूममेट पर आरोप, 50 लाख कर्ज व जमीन बेचकर गया था दो बच्चों का पिता, परिवारा अकेला सहारा
करनाल जिले के नीलोखेड़ी के एक युवक की इटली में हत्या कर दी गई। इस दर्दनाक घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन गहरे सदमे में हैं। हत्या किस वजह से की गई, इसका अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। इटली पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन परिवार बेटे की पार्थिव देह भारत लाने को लेकर चिंतित है। आर्थिक हालत कमजोर होने से परिजन सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं।
दो महीने पहले इटली गया था युवक, कमरे में हुई हत्या मृतक की पहचान 37 वर्षीय भगत सिंह के रूप में हुई है। वह मूल रूप से नीलोखेड़ी की किसान बस्ती का रहने वाला था। भगत सिंह करीब साढ़े तीन साल पहले अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए विदेश गया था। पहले वह पुर्तगाल पहुंचा, जहां उसे पीआर मिला। इसके बाद करीब दो महीने पहले वह काम की तलाश में इटली चला गया था। परिजनों के अनुसार, इटली में वह जिस कमरे में रह रहा था, वहीं उसकी हत्या कर दी गई।
नीलोखेड़ी के बुटाना निवासी युवक पर हत्या का आरोप भगत सिंह की हत्या का आरोप उसी के रूममेट पर लगा है। बताया जा रहा है कि आरोपी हरियाणा के नीलोखेड़ी के नजदीक बुटाना गांव का रहने वाला सतीश है। इटली की पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है। हालांकि, हत्या के पीछे की असली वजह अभी तक सामने नहीं आ सकी है।

16 दिसंबर को परिवार को मिली हत्या की सूचना परिवार के अनुसार, उन्हें 16 दिसंबर को एक कॉल आई, जिसमें बताया गया कि भगत सिंह की हत्या हो गई है। जानकारी में यह भी सामने आया कि हत्या 26 नवंबर को की गई थी। इस खबर के बाद पूरे परिवार में मातम पसर गया। परिजनों को विश्वास ही नहीं हो रहा कि घर का सहारा इस तरह अचानक उनसे छिन जाएगा।
दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया भगत सिंह अपने पीछे पत्नी रूमा, 12 साल की बेटी और 9 साल के बेटे को छोड़ गया है। वह परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसकी मौत के बाद बच्चों के भविष्य को लेकर परिवार की चिंता और भी बढ़ गई है।
50 लाख का कर्ज लेकर गया था विदेश, जमीन भी बेचनी पड़ी मृतक की पत्नी रूमा ने बताया कि उसके पति ने विदेश जाने के लिए करीब 50 लाख रुपए का कर्ज लिया था। इसके अलावा परिवार को जमीन भी बेचनी पड़ी थी। अभी तक इटली में भगत सिंह की नौकरी ठीक से शुरू नहीं हो पाई थी और घर से ही खर्च चल रहा था। अब उसके जाने के बाद परिवार पर कर्ज का भारी बोझ आ गया है।
एक महीने से नहीं हुई थी मां से बात मृतक की मां ने बताया कि बेटे से करीब एक महीने पहले आखिरी बार बात हुई थी। जब भी वे कॉल करती थीं, तो भगत सिंह कहता था कि बाद में बात करेगा या आकर सब बताएगा। उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि अगली खबर बेटे की मौत की होगी।

चार बहनों का भाई था भगत सिंह भगत सिंह की बहन ने बताया कि वे चार बहनें और दो भाई हैं। भगत सिंह छोटा भाई था, लेकिन घर की पूरी जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। वही घर को संभाल रहा था और सभी का सहारा था। अब उसके बाद कमाने वाला कोई नहीं बचा है। बहन ने सरकार से मदद की अपील करते हुए कहा कि इटली से बॉडी लाने में करीब 12 लाख रुपए का खर्च बताया जा रहा है, जिसे परिवार वहन करने की स्थिति में नहीं है।
जनवरी में भारत लौटने वाला था भगत सिंह रिश्तेदार राजीव चौहान ने बताया कि भगत सिंह को कुछ महीने पहले ही पीआर मिल गया था और दो महीने पहले उसे एक कंपनी में काम भी मिला था। वह जनवरी में भारत लौटने वाला था, क्योंकि उसकी भांजी की शादी तय थी। उसने फोन पर पहले ही कह दिया था कि वह घर आएगा और शादी की रस्मों में भाग लेगा। लेकिन उससे पहले ही यह दर्दनाक घटना हो गई।
हत्या की वजह अब भी रहस्य, पुलिस कर रही जांच परिजनों का कहना है कि भगत सिंह का किसी से कोई झगड़ा नहीं था। हत्या क्यों की गई, यह अब भी एक रहस्य बना हुआ है। इटली की पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। वहीं, परिवार की मांग है कि सरकार हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द भगत सिंह की पार्थिव देह भारत लाने में मदद करे, ताकि अंतिम संस्कार अपने देश में किया जा सके।




