कांग्रेस ने कैंडल मार्च निकालकर की श्रद्धांजलि अर्पित बी बी बत्रा का बयान किसी आतंकी को बख्शा नहीं जाना चाहिए
रोहतक में आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता की मिसाल: कांग्रेस ने कैंडल मार्च निकालकर की श्रद्धांजलि अर्पित, सख्त कार्रवाई की उठाई मांग”
The Airnews | रिपोर्ट: Yash | स्थान: रोहतक, हरियाणा
प्रस्तावना
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर देश को झकझोर कर रख दिया है। इस निंदनीय हमले में निर्दोष लोगों की मौत के बाद रोहतक में कांग्रेस पार्टी ने एकजुटता और शांति का संदेश देते हुए एक विशाल कैंडल मार्च निकाला। इस मार्च के माध्यम से न केवल मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई बल्कि आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने की भी मांग की गई।
कैंडल मार्च की झलक: मौन, श्रद्धा और एकजुटता
रोहतक के अंबेडकर चौक से शुरू हुआ यह कैंडल मार्च एक सधी हुई चुप्पी और कैंडल की रौशनी के साथ आतंकवाद के विरुद्ध विरोध का प्रतीक बन गया। कैंडल मार्च में कांग्रेस के तीनों विधायक – भारत भूषण बत्रा, शकुंतला खटक और बलराम दांगी शामिल हुए। इनके साथ नगर पार्षद विजय गोयल और मेयर प्रत्याशी सूरजमल रोज भी उपस्थित रहे। आम जनता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी इस मार्च में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कैंडल मार्च के दौरान मौन धारण कर मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। हाथों में तिरंगा और कैंडल लिए कार्यकर्ता “शहीदों अमर रहें”, “आतंकवाद मुर्दाबाद” जैसे नारों से वातावरण को गुंजायमान करते नजर आए।
विधायक बीबी बत्रा का बयान: “किसी आतंकी को बख्शा नहीं जाना चाहिए”
विधायक भारत भूषण बत्रा ने कैंडल मार्च के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “यह हमला देश की आत्मा पर हमला है। हम कांग्रेस की ओर से इसकी कड़ी निंदा करते हैं और केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा न जाए। आतंकियों को कठोरतम सजा मिले, यही मृतकों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”
उन्होंने आगे कहा कि आज देश को एकजुट होने की जरूरत है और राजनीति से ऊपर उठकर इस प्रकार की घटनाओं के खिलाफ ठोस रणनीति बनाई जानी चाहिए।
शकुंतला खटक: “शहादत को जाया नहीं जाने देंगे”
कलानौर विधायक शकुंतला खटक ने कहा, “जो लोग पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गए, उनके परिवारों के साथ कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती से खड़ी है। यह हमला न केवल एक क्षेत्र पर, बल्कि पूरे देश की आत्मा पर हमला है। हमें उनकी शहादत को कभी भूलने नहीं देना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस घटना का करारा जवाब देना चाहिए। पूरा देश आज सरकार की ओर उम्मीद की नजरों से देख रहा है।
बलराम दांगी का आरोप: “पाकिस्तान की कायराना हरकतें”
महम के विधायक बलराम दांगी ने पाकिस्तान की तीखी आलोचना करते हुए कहा, “पाकिस्तान हमेशा से ऐसी कायराना हरकतें करता आया है। लेकिन हमारी सेना और देश की जनता हर बार मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। भारत सरकार द्वारा पाकिस्तान पर जो पाबंदियां लगाई गई हैं, हम उनका पूर्ण समर्थन करते हैं।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस समय राजनीतिक मतभेदों को भूलाकर देशहित को प्राथमिकता देनी चाहिए और हर पार्टी को इस मुहिम में साथ आना चाहिए।
जनता की प्रतिक्रिया: आक्रोश और एकजुटता
कैंडल मार्च में आम लोगों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। अनेक युवा, महिलाएं और बुजुर्ग इस मार्च में शामिल हुए। लोगों ने आतंकवाद के खिलाफ नारे लगाए और केंद्र सरकार से आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की मांग की।
युवा कार्यकर्ता दीपक शर्मा ने कहा, “यह सिर्फ कैंडल मार्च नहीं, बल्कि एक संदेश है कि देश अब और सहन नहीं करेगा। हमें आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सरकार का समर्थन करना चाहिए, लेकिन सरकार को भी तत्काल और कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।”
राजनीतिक एकता की आवश्यकता: आतंकवाद कोई दल नहीं देखता
इस अवसर पर वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि आतंकवाद किसी धर्म या राजनीतिक दल को नहीं देखता। यह पूरी मानवता के खिलाफ है। इसलिए राजनीतिक दलों को मिलकर इस गंभीर मुद्दे पर साझा रणनीति बनानी चाहिए।
भारत भूषण बत्रा ने कहा, “कांग्रेस पार्टी हमेशा से आतंकवाद के खिलाफ रही है। हम राजनीति को किनारे रखकर देशहित में फैसले चाहते हैं। अगर केंद्र सरकार सही दिशा में कदम उठाती है, तो कांग्रेस उसमें पूरी तरह से सहयोग करेगी।”
आतंकी हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस आतंकी हमले के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि क्या हमारी सुरक्षा एजेंसियां इस प्रकार की घटनाओं को रोक पाने में सक्षम हैं? क्या इंटेलिजेंस फेल्योर हुआ है? कैंडल मार्च में आए कुछ पूर्व फौजियों ने भी यह चिंता जाहिर की।
सेवानिवृत्त सूबेदार रामकुमार ने कहा, “सेना पर हमें गर्व है, लेकिन इंटेलिजेंस और सरकार को सतर्क रहना होगा। हम हर बार सिर्फ श्रद्धांजलि देकर चुप नहीं हो सकते।”
दृश्य चित्रण: तस्वीरों में विरोध और श्रद्धांजलि
कैंडल मार्च की तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा था कि रोहतक की सड़कों पर तिरंगे और कैंडल की रोशनी में जन भावना उमड़ रही थी। अंबेडकर चौक पर जब कैंडल मार्च का समापन हुआ, तो सभी ने एक साथ दो मिनट का मौन रखकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी।
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कैंडल हाथ में लिए कार्यकर्ता मौन श्रद्धांजलि दे रहे थे।
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मार्च के आगे तिरंगा लेकर चलते युवाओं की टोली।
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विधायक खटक, बत्रा और दांगी एक पंक्ति में चलकर एकता का प्रतीक बने।
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कैंडल मार्च के समापन पर “भारत माता की जय” के नारे गूंजे।
अंतिम संदेश: आतंकवाद के खिलाफ जन-जन की एकजुटता
यह कैंडल मार्च एक प्रतीक था – दर्द का, एकता का, और संकल्प का। रोहतक ने यह संदेश दे दिया कि देश किसी भी आतंकी कृत्य के आगे नहीं झुकेगा। शहीदों की शहादत को सलाम करते हुए जनता ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि आतंकवाद को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
देशवासियों की भावनाएं आज इस एक वाक्य में समाहित हैं – “अब और नहीं!”




