किसान नेता ने CIA को कानूनी नोटिस भेजा:हांसी पुलिस से 7 दिन में माफी मांगने की मांग; कोर्ट जाने की दी चेतावनी
सुरेश कोथ ने आरोप लगाया है कि पुलिस नोटिस में उन पर दबंगई जैसे गंभीर आरोप लगाए गए और बिना किसी सुनवाई के उनकी संपत्ति, वाहन व बैंक खाते जब्त करने की धमकी दी गई। उन्होंने इस कार्रवाई को न केवल कानून के खिलाफ, बल्कि नागरिक अधिकारों पर सीधा हमला बताया है।
किसान नेता द्वारा पुलिस को भेजे नोटिस की कॉपी…

सुरेश कोथ की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस में कहा गया है कि सीआईए स्टाफ प्रभारी द्वारा जारी किया गया नोटिस पूरी तरह से अवैध, अधिकार क्षेत्र से बाहर और धमकी भरा है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि बीएनएसएस की धारा 172 केवल निवारक निर्देश देने का अधिकार देती है, न कि संपत्ति कुर्क करने या जब्ती की धमकी देने का। संपत्ति की कुर्की केवल न्यायालय के आदेश और विधि द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही की जा सकती है।
कानूनी नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि बिना किसी साक्ष्य और सुनवाई का अवसर दिए दबंगई जैसा आरोप लगाना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। कोथ का कहना है कि इससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है और उन्हें मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है। उन्होंने इसे जानबूझकर डराने और दबाव बनाने की कार्रवाई बताया है।
सुरेश कोथ ने अपने नोटिस में साफ तौर पर मांग रखी है कि पुलिस द्वारा भेजा गया विवादित नोटिस तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए और इसकी लिखित सूचना 7 दिन के भीतर दी जाए। इसके साथ ही, उन्हें हुई मानसिक पीड़ा और परेशानियों के लिए बिना शर्त लिखित माफी मांगी जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा में उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे कानूनी रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे, जिसमें कोर्ट, हाईकोर्ट और मानवाधिकार आयोग का रुख करना शामिल है।




