कैथल में अवैध डेयरी पर कार्रवाई, 1300 लीटर दूध नष्ट:खाद्य सुरक्षा विभाग ने लाइसेंस न दिखाने पर चालान काटा, सैंपल लिए

हरियाणा के कैथल जिले के कलायत में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुरानी तहसील के सामने चल रही एक अवैध डेयरी पर छापेमारी के दौरान टीम ने लगभग 1300 लीटर असुरक्षित और खराब गुणवत्ता वाला दूध बरामद किया। जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने इस पूरे दूध को मौके पर ही बहाकर नष्ट कर दिया।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. पवन के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान डेयरी संचालक संदीप कुमार कोई भी वैध लाइसेंस या दस्तावेज पेश नहीं कर सका। बिना लाइसेंस डेयरी चलाने के आरोप में मौके पर ही चालान काटा गया और डेयरी को तुरंत बंद करने का लिखित नोटिस जारी किया गया। विभाग ने दूध की गुणवत्ता की गहन जांच के लिए दो नमूने (Samples) लेकर लैब भेज दिए हैं।

कैथल जिले में विभाग की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ डॉ. पवन ने बताया कि जिले में मिलावटखोरी के खिलाफ विशेष अभियान छेड़ा गया है। इसके तहत लगातार छापेमारी की जा रही है। कई डेरियों पर भी कार्रवाई हुई है। उनका कहना है कि दूध के सैंपल प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
- 12 स्थानों पर छापेमारी की जा चुकी है।
- 30 से अधिक दूध के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
- 4 डेयरियों (कंगथली, सिवान और कलायत क्षेत्र) को मिलावट की पुष्टि होने पर सील कर दिया गया है।

दो बार सैंपल फेल होने पर रद्द होगा लाइसेंस
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी डेयरी का नमूना ‘सबस्टैंडर्ड’ पाया जाता है, तो दोबारा सैंपलिंग होगी। अगर दूसरी बार भी रिपोर्ट नेगेटिव आती है, तो डेयरी का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर उसे हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा।




