क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के नाम पर साइबर ठगी से रहें सतर्कः एसपी उपासना
कैथल, 21 जनवरी ( ) आधुनिक युग में साइबर अपराधी अब बैंक अधिकारियों या कस्टमर केयर प्रतिनिधियों के रूप में खुद को प्रस्तुत कर क्रेडिट कार्ड धारकों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ये ठग लोगों को कॉल, एसएमएस या व्हाट्सएप मैसेज के माध्यम से संपर्क कर क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का लालच देते हैं और इस बहाने से व्यक्तिगत व वित्तीय जानकारी चुराते हैं। एसपी उपासना ने बताया कि ठग सबसे पहले बड़े ही प्रोफेशनल तरीके से बात कर भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं। इसके बाद वे पीड़ितों से कार्ड नंबर, ओटीपी, सीवीवी, जन्मतिथि जैसी गोपनीय जानकारी मांगते हैं। कई मामलों में ठग लिंक या फर्जी एप्लिकेशन डाउनलोड करवाकर मोबाइल का रिमोट एक्सेस भी हासिल कर लेते हैं। एक बार जानकारी मिलते ही ठग कुछ ही मिनटों में खातों से पैसे निकाल लेते हैं या ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं।
एसपी उपासना ने कहा कि आमजन को सतर्क और सजग रहना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी बैंक या अधिकृत संस्था फोन पर कभी ओटीपी, कार्ड नंबर या अन्य गोपनीय जानकारी नहीं मांगती। नागरिक किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई ऐप डाउनलोड करें। उन्होंने बताया कि इस तरह के मामलों में अधिकांश लोग ठगों की बातों में आकर बिना पुष्टि किए संवेदनशील जानकारी साझा कर देते हैं, जिससे ठगों को फायदा मिल जाता है। इसलिए ऐसी किसी भी कॉल या संदेश की विश्वसनीयता की पुष्टि करने के लिए संबंधित बैंक के आधिकारिक ग्राहक सेवा नंबर पर सीधे संपर्क करें। एसपी ने नागरिकों से अपील की कि यदि किसी के साथ साइबर ठगी की घटना घटे तो तुरंत 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। समय रहते दी गई जानकारी से कई बार ट्रांजेक्शन को रोका जा सकता है और राशि वापस भी करवाई जा सकती है।




