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Thursday, February 5, 2026

जींद वेयरहाउस से 490 गेहूं बैग चोरी का बड़ा मामला: कोर्ट के आदेश पर उचाना पुलिस हुई एक्टिव, इंचार्ज और सुपरवाइजर पर केस दर्ज

जींद वेयरहाउस से 490 गेहूं बैग चोरी का बड़ा मामला: कोर्ट के आदेश पर उचाना पुलिस हुई एक्टिव, इंचार्ज और सुपरवाइजर पर केस दर्ज

Sahil Kasoon | The Airnews | जींद | 9 मई 2025

हरियाणा के जींद जिले के उचाना क्षेत्र में स्थित एक वेयरहाउस से 490 गेहूं बैगों की चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस गबन की शिकायत महीनों पहले पुलिस को दी गई थी, लेकिन कार्रवाई तब हुई जब मामला कोर्ट पहुंचा। अब जाकर पुलिस ने वेयरहाउस इंचार्ज और सुपरवाइजर पर चोरी का केस दर्ज कर जांच शुरू की है।


 घटना की पृष्ठभूमि: 25 हजार मीट्रिक टन गेहूं का स्टॉक था

ओरिगो कोमोडिटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, गुरुग्राम की तरफ से शिकायत में बताया गया कि उन्होंने उचाना के हैफेड संजीव पीईजी वेयरहाउस में वर्ष 2023-24 की फसल के 2,01,595 गेहूं बैग स्टोर किए थे। यह गेहूं लगभग 25 हजार मीट्रिक टन था, जिसे सरकार की भंडारण योजना के तहत सुरक्षित रखा गया था।

लेकिन 30 दिसंबर 2024 को जब कंपनी ने फिजिकल वेरिफिकेशन कराया, तो वेयरहाउस में 764 बैग कम मिले। इसके बाद एफसीआई और हैफेड के साथ संयुक्त जांच कराई गई, जिसमें 490 बैग कम पाए गए


 जाँच में सामने आए अहम तथ्य

संयुक्त जाँच में खुलासा हुआ कि चैंबर 1A, 2A, 2B, 2C, 2D और 2F में गेहूं के बैगों की संख्या कम थी। यह चोरी व्यवस्थित रूप से और समयबद्ध ढंग से की गई थी, जिससे साफ़ प्रतीत होता है कि इसमें आंतरिक लोगों की मिलीभगत है।

शिकायतकर्ता कंपनी का आरोप है कि वेयरहाउस इंचार्ज कृष्ण और सुपरवाइजर अजय की मौजूदगी में ही पूरा माल स्टॉक हुआ था और चोरी भी उन्हीं की निगरानी में हुई। दोनों के पास माल की जिम्मेदारी थी, और दोनों ने साजिश के तहत बैग चोरी किए, जिससे कंपनी को भारी नुकसान हुआ।


 शिकायतों की अनदेखी: पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता

कंपनी ने 31 दिसंबर 2024 को ही उचाना थाना पुलिस को पहली शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद:

  • 29 जनवरी 2025 और 11 फरवरी 2025 को डीएसपी को शिकायत दी गई

  • 21 फरवरी 2025 को एसपी को भी ज्ञापन सौंपा गया

इसके बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इस पुलिसिया लापरवाही से तंग आकर कंपनी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया


कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मामला

नरवाना के एसडीजेएम (ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट) संदीप कुमार ने 8 मई 2025 को कोर्ट में प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर वेयरहाउस इंचार्ज और सुपरवाइजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि पुलिस ने स्पष्ट रूप से मामले की अनदेखी की है, और प्राथमिकी दर्ज करना अनिवार्य है

कोर्ट के आदेशों के बाद उचाना थाना पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है


 फर्म को हुआ आर्थिक नुकसान

ओरिगो कोमोडिटी के प्रतिनिधियों का कहना है कि:

“गेहूं के 490 बैग की कीमत लाखों रुपये में है। न केवल हमारी कंपनी को आर्थिक झटका लगा है, बल्कि यह मामले प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े करता है।”


 अब क्या होगी अगली कार्रवाई?

  • उचाना थाना पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, वेयरहाउस रिकॉर्ड और स्टाफ की कॉल डिटेल की जांच कर रही है

  • दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए तलब किया जाएगा

  • यदि पुष्टि होती है, तो आरोपियों की गिरफ्तारी भी तय मानी जा रही है


 विशेषज्ञों की राय

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार:

“एफआईआर दर्ज करने में देरी अपने आप में प्रशासनिक लापरवाही है। यदि शिकायतकर्ता को बार-बार गुहार लगाने के बाद भी सुनवाई न मिले, तो यह पुलिस एक्ट के उल्लंघन की श्रेणी में आता है।”

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