बुलेट बाइक के धमाकों से अब नहीं चलेगा काम: कैथल पुलिस ने चालकों पर कसी नकेल, अप्रैल में 24.56 लाख का जुर्माना वसूला
बुलेट बाइक के धमाकों से अब नहीं चलेगा काम: कैथल पुलिस ने चालकों पर कसी नकेल, अप्रैल में 24.56 लाख का जुर्माना वसूला
कैथल, 09 मई (Sahil Kasoon The Airnews) – जिले में बुलेट बाइक से पटाखों जैसी आवाज निकालकर दहशत फैलाने वालों और अन्य ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाया है। पुलिस अधीक्षक (SP) आस्था मोदी के निर्देशों के तहत ट्रैफिक पुलिस ने अप्रैल माह में विशेष मुहिम चलाकर कुल 3813 चालान काटे और कुल ₹24,56,900 का जुर्माना वसूला।
SP आस्था मोदी की सख्ती: नियम तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
कैथल की ट्रैफिक एसएचओ एसआई राजकुमार के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें बनाकर सड़क सुरक्षा अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ चालान काटना नहीं, बल्कि आमजन को ट्रैफिक नियमों की गंभीरता और महत्ता समझाना भी रहा।
एसपी आस्था मोदी ने साफ शब्दों में कहा,
“चालान काटना हमारा उद्देश्य नहीं है, बल्कि लोगों की जिंदगी बचाना है। यदि हम ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करेंगे, तो न केवल खुद को बल्कि दूसरों को भी खतरे में डालते हैं।”
मॉडिफाइड बुलेट बाइक्स पर विशेष नजर
ट्रैफिक पुलिस ने विशेष रूप से उन बुलेट बाइक चालकों को टारगेट किया, जो मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर पटाखों जैसी तेज आवाज निकालते हैं। ये आवाजें लोगों में दहशत फैलाती हैं और ध्वनि प्रदूषण भी बढ़ाती हैं। अप्रैल महीने में अकेले 86 ऐसे बुलेट चालकों के चालान काटे गए।
चालान विवरण: कौनसी गलती पर कितनी कार्रवाई?
ट्रैफिक पुलिस द्वारा अप्रैल 2025 में की गई कार्रवाई का ब्योरा इस प्रकार है:
| उल्लंघन का प्रकार | चालान की संख्या |
|---|---|
| बिना नंबर प्लेट वाहन | 263 |
| गलत लेन में गाड़ी चलाना | 137 |
| बिना हेलमेट चलाना | 345 |
| ओवरस्पीड | 454 |
| गलत दिशा में ड्राइविंग | 924 |
| बिना सीट बेल्ट के ड्राइविंग | 352 |
| शराब पीकर वाहन चलाना | 21 |
| मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग | 2 |
| ब्लैक फिल्म लगी गाड़ियां | 3 |
| नाबालिग चालक (अंडरएज) | 10 |
| पराली लोड ट्रैक्टर से अवरोध | 4 ट्रैक्टर |
इसके अतिरिक्त 76 वाहनों को इम्पाउंड (जप्त) भी किया गया।
सड़क सुरक्षा के लिए जनजागरूकता का अभियान भी
कैथल पुलिस सिर्फ दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर रही, बल्कि जनजागरूकता के प्रयास भी तेज़ कर दिए गए हैं। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में आम जनता को ट्रैफिक नियमों के पालन की समझ देने के लिए पोस्टर, बैनर, पंपलेट और सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी जा रही है।
एसआई राजकुमार ने बताया:
“हम नियम तोड़ने वालों पर सख्ती कर रहे हैं, लेकिन साथ ही यह भी चाहते हैं कि लोग खुद नियम समझें और अपनाएं। हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, सीमित गति में चलना, यही जीवन सुरक्षा की कुंजी है।”
बुलेट का शोर बना चुनौती: युवाओं को सुधारने की जरूरत
शहर के युवाओं में बुलेट बाइक में मॉडिफाइड साइलेंसर लगवाकर शोर मचाने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है। पुलिस के मुताबिक ऐसे युवा आमतौर पर न तो हेलमेट पहनते हैं, न ही ट्रैफिक नियमों का पालन करते हैं। इन पर कड़ी नजर रखी जा रही है और साइलेंसर जब्त कर उन्हें स्टॉक में जमा किया जा रहा है।
SP का संदेश: “ट्रैफिक नियमों का पालन करें, जिम्मेदार नागरिक बनें”
एसपी आस्था मोदी ने जिलेवासियों से अपील की है कि सभी वाहन चालक ट्रैफिक नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक नियमों की अनदेखी महज़ एक नियम भंग नहीं, बल्कि किसी की जान जोखिम में डालने जैसा है।
“सड़क दुर्घटनाएं केवल लापरवाही से होती हैं। हमें खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए नियमों का पालन अनिवार्य है।”




