‘मैं दरिंदों से हार गया’ लिखकर जेल वार्डन का सुसाइड:सिरसा में DSP समेत 2 पर FIR, ड्यूटी टाइमिंग को लेकर परेशान करने का आरोप
हरियाणा में सिरसा जिला जेल के एक वार्डन ने सल्फास खाकर सुसाइड कर लिया। मरने से पहले वार्डन ने 2 सुसाइड नोट भी छोड़े, जिसमें उन्होंने DSP समेत 2 अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुझे ड्यूटी लगाने को लेकर इन्होंने मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का दबाव बनाया।
सुसाइड से पहले वार्डन ने अपने बेटे को फोन भी किया। उसने कहा कि दोनों अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर मैं जहरीला पदार्थ खा रहा हूं। मेरे बैग में जेल महानिदेशक और जेल सुपरिंटेंडेंट के नाम लिखा सुसाइड नोट रखा है। मैं इन दरिंदों से हार गया। अपना और मां का ख्याल रखना।
वार्डन के बेटे की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस में DSP और लाइन ऑफिसर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। SP दीपक सहारण का कहना है कि सुसाइड नोट में जिन अधिकारियों के नाम हैं, उन पर कार्रवाई की जाएगी।

मृतक की पहचान फतेहाबाद के हिजरावां खुर्द निवासी सुखदेव सिंह के रूप में हुई है। सुखदेव के बेटे जसपाल ने बताया कि गुरुवार शाम 5 बजे मेरे पास पिता का फोन आया। तब उन्होंने सल्फास निगल ली थी। उन्होंने DSP वरुण गोदारा और LO फूल कुमार को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया। मैं अपने परिवार के साथ एक घंटे में मौके पर पहुंच गया।
बेटे ने आगे बताया कि पहले पिता को सिविल अस्पताल ले गए। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राइवेट अस्पताल में ले गए। रात को उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। सूचना मिलते ही सुपरिंटेंडेंट भी मौके पर आ गए। 10-15 दिन पहले DSP ने झगड़ा किया था। दोनों अधिकारी उन्हें बहुत परेशान कर रहे थे। मेरे पिता हार्ट पेशेंट हैं। उन्हें 2 स्टंट डले हुए हैं।
सूत्रों के मुताबिक 31 दिसंबर को सुखदेव सिंह की जेल सुपरिंटेंडेंट और DSP से ड्यूटी बदलवाने को लेकर बहस हो गई थी। इसके बाद अधिकारियों ने नशा करने के शक में सुखदेव का सिविल अस्पताल में मेडिकल करवा लिया। इसके बाद 1 जनवरी को सुखदेव सिंह को वापस जेल बुला लिया। यहां सुखदेव सिंह ने अधिकारियों से माफी मांग ली। आरोप है कि DSP और LO नहीं माने। सुखदेव के बेटे ने आरोप लगाया कि इसके बाद पिता को जातिसूचक गालियां दी गईं। इसलिए पिता ने यह कदम उठा दलिया।

जेल महानिदेशक, हरियाणा कारागार विभाग, पंचकूला, डीसी सिरसा एवं पुलिस सुपरिंटेंडेंट सिरसा के नाम लिखे सुसाइड नोट में सुखदेव सिंह ने लिखा- “श्रीमान, मैं पिछले 7 साल से जिला जेल सिरसा में वार्डन के पद पर कार्यरत हूं। मैं पिछले 6 साल से दिल की बीमारी से पीड़ित हूं। 14 दिसंबर को मैंने पुलिस उप सुपरिंटेंडेंट वरुण गोदारा सिक्योरिटी से अनुरोध किया कि मेरी रात की ड्यूटी न लगाई जाए, जिस पर वे भड़क गए और मुझसे कहने लगे कि ‘आपको कोट मीना दीवार के नीचे ही रखेंगे।’
आगे लिखा कि उन्होंने लगातार 15 दिन तक मुझे तंग किया। 31 दिसंबर, 2025 को फिर शाम 6 बजे उन्होंने मुझे बुरा-भला कहा। मैंने नए साल पर जेल सुपरिंटेंडेंट के सामने, अपनी गार्ड के सामने माफी मांगी। इसके बाद एलओ फूल कुमार और डीएसपी वरुण गोदारा आए और सारा दिन मुझे ड्यूटी में खड़ा रखा और मुझे ड्यूटी पर लेने से इनकार कर दिया। बेटा, मैं दरिंदों से हार गया। बेटे, मुझे माफ कर देना। हिमांशु और अपनी मां और अंजु का ख्याल रखना। आई लव यू।”
दूसरे नोट में सुखदेव ने लिखा: “जेल सुपरिंटेंडेंट महोदय, मैंने आज सुबह आपके निवास पर नए साल की मुबारकबाद देने आया और तमाम गार्ड के सामने माफी मांगी। पूरी गार्ड ने आपसे मुझे माफ करने की मिन्नत की, जिसे आपने स्वीकार कर लिया। फिर भी एलओ ने मुझे ड्यूटी पर नहीं लिया और सारा दिन खड़ा रखा गया।
अब शाम को निराश होकर मैं इन दोनों अधिकारियों से तंग आकर आत्महत्या जैसा कदम उठा रहा हूं। डीएसपी और एलओ ने 15 दिन से मुझे परेशान किया। सर, मैं आपसे दोबारा माफी मांगता हूं। मुझे माफ करें और मुझे इंसाफ दिलाना, सर। आपकी मेहरबानी होगी। प्रार्थी, सुखदेव।”
जेल वार्डन के सुसाइड नोट की कॉपी…


सिरसा जेल सुपरिंटेंडेंट जसवंत सिंह ने कहा कि हमारे एक कर्मचारी ने सुसाइड किया है। यह घटना बेहद दुखद है। इसका जो कारण है, वो जांच के बाद ही पता लग पाएगा। जो अधिकारियों पर जातिसूचक गालियां देने के आरोप लगे हैं, वो मेरे सामने नहीं आए। सुखदेव ने माफी मांगी थी, मैंने माफ कर दिया था। 31 को उसका अल्कोहल का टेस्ट कराया गया था। इसके बाद सुखदेव की सेहत ठीक नहीं लगने पर LO ने उसे जॉइन नहीं कराया होगा। DSP अभी ड्यूटी पर नहीं है। मैंने उनसे संपर्क किया था, उनका मोबाइल बंद है।
वहीं DSP वरुण गोदारा ने कहा कि 31 दिसंबर की रात को सुखदेव ने शराब पी रखी थी। इसके बाद हमने पुलिस बुलाकर सिविल अस्पताल में उसका मेडिकल करवाया। माफी मांगने पर सुपरिंटेंडेंट से कहा था कि सुखेदव की जॉइनिंग कराने से मुझे कोई दिक्कत नहीं है।
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सिरसा जेल वार्डन सुसाइड केस में परिवार का खुलासा:दो घंटे खड़ा करके रखा, DSP के इशारे पर LO ने ड्यूटी जॉइन नहीं कराई
हरियाणा में सिरसा जिला जेल के वार्डन सुखदेव सिंह के सुसाइड केस में जेल प्रशासन व पुलिस जांच कर रही है। इसी बीच परिवार ने DSP वरुण गोदारा व लाइन ऑफिसर (LO) फूल कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सुखदेव के सुसाइड नोट में भी इन दोनों का जिक्र है।
परिवार का कहना है कि नए साल पर DSP के इशारे पर LO ने सुखदेव को ड्यूटी जॉइन नहीं करवाई। करीब दो घंटे तक खड़े रखा। सुखदेव बार-बार माफी मांगते रहे और ड्यूटी जॉइन कराने का आग्रह करते रहे। जब बात नहीं बनी तो परेशान होकर चले गए। 1 जनवरी को उन्होंने जहर खरीदकर निगल लिया।
यह भी कहा जा रहा है कि DSP और सुखदेव के बीच पहले तकरार भी हुई थी। सुखदेव के बेटे जसपाल का आरोप है कि DSP का जेल में तैनात गार्द से व्यवहार ठीक नहीं था। तू-तड़ाक करके बात की जाती थी।
वहीं, जेल सुपरिंटेंडेंट जसवंत सिंह ने कहा-

अभी जांच चल रही है, जांच रिपोर्ट के आधार पर कुछ कहा जा सकेगा। घटना दुखद है। जेल में गार्द से गलत व्यवहार करने की कोई शिकायत उनके सामने नहीं आई।

ता बोले- मैं DSP की मां से मिला था सुखदेव के पिता दीप ने बताया कि कई दिनों से DSP वरुण सुखदेव को परेशान कर रहा था। 10-15 दिन पहले भी झगड़ा हुआ था। मैं खुद DSP से बात करने के लिए फतेहाबाद में उनके घर गया था और DSP की मां से मिला था। मैंने DSP की मां से कहा था कि मेरे बेटे को दो स्टंट डाले हुए हैं, इसलिए उसकी ड्यूटी दिन-दिन में कर दें। मैंने उनसे यह भी कहा कि आप अपने बेटे को समझाओ कि वह उसे तंग न करे। उनकी मां ने कहा था कि वह अपने बेटे से बात करेंगी।
चार घंटों के बाद चार घंटे आराम के बाद दोबारा शिफ्ट जेल के कुछ कर्मियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि गार्द शिफ्ट ड्यूटी से अधिक परेशान हैं। जेल में मेन गेट व अन्य जगह पर अधिकतर गार्द की चार-चार घंटे डयूटी रहती है। चार घंटों के बाद चार घंटे आराम और फिर अगले चार घंटे दोबारा शिफ्ट शुरू हो जाती। इसी बात से सुखदेव परेशान था। सुखदेव ने सुपरिंटेंडेंट से कई बार मांग की कि उसे दिल की बीमारी है और उसकी ड्यूटी बदल दी जाए। 4-4 घंटों की शिफ्ट के बजाय 8 घंटे लगातार ड्यूटी लगाने को कहा था।
DSP बोले- सुखदेव ने शराब पी रखी थी तो मेडिकल कराया वहीं, इस घटना के बाद से DSP वरुण गोदारा छुट्टी पर चले गए हैं और उनका फोन भी बंद आ रहा है। उनका पक्ष जानने के लिए दैनिक भास्कर एप ने उनके नंबर पर टैक्स्ट मैसेज किया। उनके संबंधित एक अधिकारी से संपर्क किया तो उनको अपना पक्ष रखते हुए बताया- 31 दिसंबर की शाम को सुखदेव ने शराब पी रखी थी और इस पर उन्होंने पुलिस बुलाकर अस्पताल में ले जाकर मेडिकल करवाया था। फिर सुखदेव ने माफी मांगी तो मैंने सुपरिंटेंडेंट से कह दिया था कि मुझे कोई ऐतराज नहीं है ड्यूटी जॉइन कराने से। बाद में उसने सुसाइड कर लिया।
दो बच्चे, दोनों शादीशुदा सुखदेव सिंह मूल रूप से फतेहाबाद के हिजरावां खुर्द गांव के रहने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। दोनों बच्चे शादीशुदा हैं। उनकी सिरसा जेल में लगभग 7 साल से पोस्टिंग थी। 1 जनवरी को आत्महत्या करने से पहले, उन्होंने जेल महानिदेशक, हरियाणा कारागार विभाग, पंचकूला, और सिरसा डीसी एवं पुलिस सुपरिंटेंडेंट के नाम 2 सुसाइड नोट लिखे।




