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Sunday, March 22, 2026

मोहाली पॉक्सो कोर्ट ने 2018 के बलात्कार मामले में पादरी बजिंदर सिंह को दोषी ठहराया

मोहाली पॉक्सो कोर्ट ने 2018 के बलात्कार मामले में पादरी बजिंदर सिंह को दोषी ठहराया, अन्य 5 आरोपी बरी

मोहाली: मोहाली के पॉक्सो कोर्ट ने शुक्रवार को 2018 के बलात्कार मामले में जालंधर के पादरी बजिंदर सिंह को दोषी ठहराया। हालांकि, इस मामले में पांच अन्य आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है। यह मामला विशेष रूप से चमत्कार के जरिए बीमारियों को ठीक करने का दावा करने वाले पादरी बजिंदर सिंह और उनके साथियों से जुड़ा हुआ था।

मामला क्या था?

जीरकपुर पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर चमत्कारिक इलाज का दावा करने वाले पादरी बजिंदर सिंह और उनके अन्य साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पीड़िता, जो एक ढाबा चलाने वाली महिला थी, ने आरोप लगाया कि पादरी ने उसके साथ बलात्कार किया और उसे ब्लैकमेल किया। यह घटना 2018 में हुई थी। पीड़िता ने बताया कि पादरी बजिंदर सिंह ने उसे इलाज के नाम पर अपनी जालसाजी का शिकार बनाया और फिर उसे धमकी दी।

पादरी बजिंदर सिंह का दावा

बजिंदर सिंह ने अपनी जमानत अर्जी में दावा किया था कि वह धार्मिक उपदेशक हैं और वह लोगों की बीमारियों का इलाज चमत्कार के माध्यम से करते हैं। लेकिन मामले की जांच के दौरान, पुलिस ने पाया कि वह सिर्फ लोगों को ठगने का काम कर रहे थे और महिला को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।

पुलिस ने क्या कहा?

जीरकपुर पुलिस ने इस मामले में कुल सात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था, जिनमें पादरी बजिंदर सिंह मुख्य आरोपी थे। पुलिस के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब पीड़िता ने बजिंदर सिंह पर बलात्कार और शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। पुलिस ने जांच के दौरान इस मामले से जुड़ी गंभीर आपराधिक गतिविधियों का खुलासा किया।

पॉक्सो कोर्ट का निर्णय

पॉक्सो कोर्ट ने पादरी बजिंदर सिंह को दोषी ठहराते हुए कहा कि आरोपों के खिलाफ पादरी का कोई ठोस बचाव नहीं था और पीड़िता के बयान में सच्चाई थी। हालांकि, कोर्ट ने इस मामले में अन्य पांच आरोपियों को बरी कर दिया, क्योंकि उनके खिलाफ पर्याप्त प्रमाण नहीं थे।

समाज में असंतोष

यह मामला समाज में गहरे असंतोष का कारण बन गया है, क्योंकि इसमें धार्मिक नेताओं द्वारा महिलाओं के साथ शोषण और गलत काम करने का आरोप लगाया गया है। कई सामाजिक संगठनों ने इसे लेकर विरोध दर्ज किया है और उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अदालत का फैसला

अदालत ने पादरी बजिंदर सिंह को दोषी ठहराया और कहा कि उसने धार्मिक विश्वासों का गलत फायदा उठाया और महिला के साथ शोषण किया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे सजा सुनाने के लिए अगली सुनवाई का आदेश दिया।

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