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Tuesday, February 3, 2026

सरपंच के लेटर पैड पर ‘विदेशी’ को भाजपा से खतरा! विवादों में ग्राम पंचायत, पुलिस पर भी दबाव का आरोप

 


कैथल, 22 मई (Sahil Kasoon): कैथल जिले के गांव पट्टी अफगान में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां गांव की सरपंच मीनू द्वारा कथित तौर पर एक ऐसे व्यक्ति के नाम से लेटर पैड जारी किया गया है जो अब विदेश में रहता है। इस लेटर पैड में दावा किया गया है कि इस व्यक्ति को भारत में भाजपा पार्टी और उसके कार्यकर्ताओं से जान का खतरा है। इस मामले ने न केवल ग्राम पंचायत को विवादों में घेरा है, बल्कि पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि आरोप है कि पुलिस ने भी भाजपा के दबाव में आकर सुनवाई नहीं की।
यह घटना कुछ वर्ष पहले सामने आए उन फर्जी लेटर पैडों की याद दिलाती है, जो विदेश में रहने वाले बच्चों के लिए इनेलो पार्टी के नाम से तैयार किए जाते थे। तब इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने मीडिया में स्पष्ट किया था कि कुछ लोग उनकी पार्टी के नाम से फर्जी लेटर पैड तैयार कर उनकी पार्टी और देश को विदेश में बदनाम कर रहे हैं। अब ऐसा ही ट्रेंड सरपंचों द्वारा ग्राम पंचायत के लेटर पैड पर देखने को मिल रहा है।

अवैध प्रवास का नया हथकंडा?
सूत्रों का कहना है कि इस प्रकार के लेटर पैड का प्रयोग अवैध रूप से विदेश जाने वाले लोग वहां पकड़े जाने के बाद अदालत में पेश करते हैं। इसका उद्देश्य वहां की सरकारों और अदालतों को यह विश्वास दिलाना होता है कि इन लोगों को वास्तव में भारत और भारत सरकार से खतरा है, जिससे उन्हें वहां (विदेश) में रहने की इजाजत या नागरिकता मिल सके। वहीं, ऐसे पत्रों से भारत और सरकार की छवि भी विदेश में धूमिल होती है। विदेशी सरकारों को इन लेटरों को पढ़ने के बाद यह धारणा बन सकती है कि भारत में उसके नागरिकों पर बहुत अत्याचार होता है और कानून में भी उनकी कोई सुनवाई नहीं होती।

सरपंच के लेटर पैड पर क्या लिखा?

गांव पट्टी अफगान की सरपंच मीनू द्वारा दिए गए लेटर पैड के अनुसार, भीम सिंह नाम का एक व्यक्ति भारतीय लोक दल पार्टी से जुड़ा हुआ था। भाजपा पार्टी भीम सिंह को अपनी पार्टी में शामिल करना चाहती थी, लेकिन भीम सिंह ने मना कर दिया। इस पर भाजपा पार्टी के कार्यकर्ताओं ने वर्ष 2021 और 2022 में दो बार भीम सिंह पर जानलेवा हमला किया। सरपंच मीनू आगे लिखती हैं कि वह दोनों बार हमला होने पर भीम सिंह का कुशलक्षेम पूछने उसके घर गईं, जहां उन्होंने देखा कि उसे चोटें लगी थीं। भीम सिंह ने हमले के बारे में पुलिस को शिकायत दर्ज करवाने के लिए उनसे मदद भी मांगी थी। जब वे पुलिस के पास गए तो दोनों ही बार पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया। लेटर में यह भी लिखा है कि भारत में भीम सिंह की जान को खतरा था, इसलिए परिवार के सदस्यों ने उन्हें विदेश भेजने का निर्णय लिया था, जिसके बाद वह अमेरिका चला गया था।

सरपंच प्रतिनिधि का ‘अनजान’ बयान

इस पूरे मामले पर पट्टी अफगान के सरपंच प्रतिनिधि संदीप सिंह ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने बताया कि गांव का ही एक व्यक्ति उनकी पत्नी (सरपंच मीनू) से हस्ताक्षर करवाकर ले गया था। उस व्यक्ति ने बताया था कि पत्र विदेश में देना है। संदीप सिंह के अनुसार, उनकी पत्नी ने बिना पढ़े गलती से हस्ताक्षर कर दिए। बाद में उसी व्यक्ति ने उस लेटर को लेकर डी.सी. को शिकायत दे दी। इस मामले में ए.डी.सी. कार्यालय में जांच हुई थी, जहां उन्होंने अपने बयान दे दिए हैं।

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