सिरसा एसपी के सामने मां बोलीं- हत्यारों की लाश चाहिए:अपहरण कर बच्ची का मर्डर केस, पजामी निकली मिली; रेप का शक
सिरसा जिले के डबवाली में बच्ची के अपहरण और हत्या के मामले में नया खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने गांव से निकलने के बाद दो से ढाई घंटे के भीतर ही वारदात को अंजाम दिया और फिर अपने गांव लौट गया, उसके चेहरे पर कोई पछतावा तक नहीं था।
आरोपी की पहचान संजय के रूप में हुई है, जो स्वयं चार साल की एक बेटी का पिता है। मामले में रेप की आशंका भी जताई जा रही है, क्योंकि बच्ची के एक पैर की पजामी अंदर की तरफ निकली हुई थी। इस आधार पर बच्ची के शरीर से निजी अंगों के विसरा जांच के लिए भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट आज आने की संभावना है। पुलिस आज दोपहर बाद मामले में खुलासा करेगी।
पुलिस ने बताया कि बच्ची का पोस्टमॉर्टम करवा दिया गया है और सभी आवश्यक अंगों के विसरा जांच के लिए सुरक्षित रख लिए गए हैं। हालांकि, मृतका के परिजन और ग्रामीण अभी भी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। उन्होंने बच्ची का शव लेने से इनकार कर दिया है।
पीड़ित बच्ची की मां ने अपनी इकलौती बेटी को खोने का दुख व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस ने बहुत प्रयास किए, लेकिन मुझे मेरी बेटी की लाश मिली है, इसलिए मुझे भी बेटी के सभी हत्यारों की लाश चाहिए। यह मांग बच्ची की मां ने डबवाली और सिरसा के एसपी के समक्ष रखी।
इस पर सिरसा एसपी ने जवाब दिया कि ऐसा कोई कानून नहीं है जिसके तहत किसी की लाश लाकर रखी जा सके। उन्होंने आश्वासन दिया कि यह मांग सरकार तक पहुंचाई जाएगी। डबवाली एसपी ने कहा कि परिजन अपनी मांग रख सकते हैं, जो कि जायज है। उन्होंने बताया कि पुलिस अपनी तरफ से निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई करेगी।
सूत्रों की मानें तो बच्ची ने गर्म पजामी और उसके ऊपर एक और पेंट पहनी हुई थी। बच्ची के पहने ऊपर के कपड़े सेफ थे, पर उसकी एक पांव की अंदर की पहनी गर्म पजामी निकली हुई थी। इसी वजह से रेप की आशंका जताई जा रही है। बच्ची के पानी में डूबने से मौत मानी जा रही है यानी आरोपी द्वारा बच्ची को माइनर में पानी में डुबोया गया है।
आरोपी शातिर है। बच्ची के शरीर पर कोई निशान नहीं मिले हैं। सूत्रों की मानें तो सिर दबाकर पानी में डुबोया गया है। वहीं, पुलिस और बोर्ड के डॉक्टरों द्वारा बच्ची के साथ रेप होने की आशंका जताई जा रही है।
सिरसा एसपी दीपक सहारण बुधवार शाम को धरनारत लोगों को आश्वासन देने के लिए गए थे। एसपी दीपक सहारण बोले, मैं एसपी सिरसा हूं। एक चीज आपको आश्वास कर देते हैं कि जो कार्रवाई होगी, वो कानून के तहत होगी, कानून से बाहर कुछ नहीं होगा। जहां तक ये कह रहे कि बिटियां ….. अटकतें हुए बोले, इनकी बिटिया के जो भी पिता है, उनको डिटेन कर लिया है। वो तो कंपलेंटेंट है। बेटी के साथ है।
अब तो मैं यहीं कहूंगा कि मिट्टी है, उसे रीति-रिवाज अनुसार सदगति दी जाए। जो मांग है, उसकी कमेटी बना दो। इसमें कोई भी व्यक्ति अफवाह ना फैलाएं, सबको परमात्मा को जान देनी है। किसी की बहन-बेटी का मामला हो तो सोच समझकर बोलना चाहिए।
इतना कहते ही धरनारत लोग भड़क गए और एसपी से बोले, अफवाह कौन फैला रहा है। अफवाह क्लीयर करिए, कौन फैला रहा है। हमारी तो जायज मांग है, उसने अफवाह बताई जा रही है। कमाल होगी। जब लोग नहीं माने तो एसपी सहारण ने कहा, डबवाली एसपी मैडल को बोल देता हूं, आप सदगति की तैयारी कर ले। कमेटी बना ले। यह कहकर वहां से चले गए। पर ग्रामीण नहीं संतुष्ट नहीं हुए। इस दौरान एसपी निकिता भी मौजूद रही।
बच्ची के घटनाक्रम से जुड़े फोटो…





एसपी – मैंने रिक्वेस्ट करी है, कोई ना फैलाए। अफवाह कोई फैला रहा है। आप में से ही है, कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं।
धरनारत – पुलिस ने अभी तक कुछ नहीं बताया, अफवाह क्या है बताए।
एसपी – इसलिए मैं कह रहा हूं, आपके मन में बहुत सारे सवाल होंगे। शंका होगी। यहां 200 आदमी है तो 500 सवाल होंगे। एक-एक आदमी के 4-4 सवाल होंगे।
धरनारत – यहां तो दो ही आदमी है, एक बच्ची की मां, दूसरा पिता, इनको ही बताना है।
एसपी – इसकी जांच होगी, जांच में हमेशा समय लगता है। आप में से 4 आदमी छांट लो, जो प्रश्न है, वो बताए। लेकिन ऐसा नहीं 200 सवाल पूछेंगे और उनका जवाब देंगे।
धरनारत – सुबह 8 बजे छोरी दी थी, ऐसे थोड़े होता है। नार्मल है क्या, कितने घंटे हो गए।

पुलिस के अनुसार, आरोपी संजय ने करीब दो घंटों के अंतराल में ही घटना को अंजाम दे दिया। संजय बच्ची को गांव से बाहर सुनसान जगह पर ले गया था, ताकि कोई उसे देख ना सके। अंधेरा होने के चलते इस बीच कोई वहां आया भी नहीं। घटना के बाद बच्ची के शव को रोड से कुछ दूरी आगे माइनर में फेंक दिया।
मंगलवार शाम करीब साढे 5-6 बजे संजय बच्ची को लेकर गया था। रात करीब 9 बजे घटना को अंजाम देने के बाद अपने गांव ख्योवाली स्थित घर चला गया। घरवालों ने उसे तलाशा और गांव में मुनादी करवाई। पता न चला तो गोरी वालां पुलिस को सूचना दी। पुलिस को इसका सीसीटीवी वीडियो मिला, जिसमें संजय बच्ची को बाइक पर गांव से ले जाते दिख गया था। उसके साथ उसका भांजा भी था।
बाद में भांजे ने परिजनों व पुलिस को सारी कहानी बता दी। जब उसे पुलिस के आने का पता चला तो वह घर से गांव के खेतों में बाग की ओर भागकर छिपकर गया। संजय ने अपने भांजे से कहा, बच्ची को ले आओ, उसे चीज दिला देंगे। भांजा बच्ची को अपने साथ संजय के पास ले गया।
बस स्टैंड से तीनों बाइक पर साथ गए और गांव से निकलने पर भांजे को वहीं छोड़ दिया और खुद बच्ची लेकर झूट्ठीखेड़ा की ओर चला गया।

बच्ची की मां की डबवाली के एक गांव के युवक के साथ यह दूसरी शादी थी। इससे पहले उसकी शादी हिसार के गांव कैमरी निवासी के साथ हुई थी, उसी शादी से उसका एक बेटा व एक बेटी हुई। उसमें से बेटी इसी के पास रहती थी और वह इकलौती थी। अपनी मां की लाडली थी। मां बोली, वो मेरी बेटी की पूरी पूरी दुनिया थी और वहीं मुझसे छीन ली गई।
इससे बड़ा दुख एक मां के लिए कोई नहीं हो सकता। इस हत्या में और भी शामिल है, उनको भी पकड़ा जाए। कैमरी निवासी युवक मजदूरी करता है और गांव में भी कभी-कभार आता है। बेटा उसी के पास रहता है। इस बच्ची के हत्या की सूचना कैमरी गांव में भी सोशल मीडिया पर चल रही है। कैमरी के लोगों ने भी दुख जताया है। अभी वह खुद सामने नहीं आया है।
जानकारी के अनुसार, बच्ची का मंगलवार शाम को अपहरण हुआ था और बुधवार सुबह बच्ची का शव गांव से बाहरी ओर छोटी माइनर में बरामद हुआ था। मामले में डबवाली सदर थाना पुलिस ने संजय नामजद सहित 8-9 अन्य के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपी संजय से पूछताछ जारी है।
पुलिस पूछताछ में संजय ने गुमराह करने की कोशिश की और तीन बार अलग-अलग कहानी बताई। पहले बोला कि कुछ लोग हथियार लेकर आए और उससे बच्ची को ले गए। दोबारा बताया कि वह बच्ची को माइनर में फेंककर चला गया था।

मामले में डबवाली एसपी निकिता खट्टर ने बताया कि आरोपी संजय का पुलिस रिमांड की मांग करेंगे। बच्ची की मां के बयान पर संजय नामजद सहित अन्य के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। ऐसा बिल्कुल नहीं है कि पुलिस ने मामले में कहीं देरी की है। पुलिस के पास मंगलवार रात करीब 8.30 बजे सूचना मिली थी, तब तक ये घटना हो चुकी थी।
उसी समय सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया था और सीसीटीवी फुटेज चेक करने पर बाइक पर संजय के साथ बच्ची के अलावा अन्य बच्चा भी देखा गया। तुरंत बाद दो डीएसपी को भेज दिया गया और पुलिस टीम ने छानबीन शुरू कर दी। माइनर से बच्ची का शव मिलते ही आरोपी संजय को पकड़ लिया और उससे पूछताछ जारी है। घटना के पीछे उसकी मंशा के बारे में पता लगाएंगे।

सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा बोली, सरकार को जवाब देना चाहिए
इस मामले में सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा का बयान आया है कि सिरसा में 4 वर्ष की मासूम बच्ची का दिनदहाड़े अपहरण और फिर नृशंस हत्या होना, भाजपा सरकार के शासन में कानून व्यवस्था के पूरी तरह ध्वस्त हो जाने का दिल दहला देने वाला प्रमाण है।
यह सवाल बेहद गंभीर है कि जब इतनी छोटी बच्ची भी सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा? दिन के उजाले में एक बच्ची का अपहरण हो जाना यह दिखाता है कि पुलिस प्रशासन और सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है। आखिर अपराधियों में इतनी हिम्मत कैसे आ गई कि उन्हें कानून का कोई डर ही नहीं रहा I
यह केवल एक परिवार का नहीं, पूरे समाज का दर्द है। भाजपा सरकार को जवाब देना होगा कि महिला और बाल सुरक्षा के दावे जमीन पर क्यों खोखले साबित हो रहे हैं। इस जघन्य अपराध के दोषियों को बिना किसी देरी के गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख़्त से सख़्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। न्याय में देरी, पीड़ित परिवार के साथ अन्याय है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।




