सोनीपत में इनेलो नेता भूपेंद्र दहिया की हत्या:पत्नी बोली-घर से 10 लाख रुपए लेकर निकले थे, परिजन बोले-उनके पास 15 लाख थे
सोनीपत के राई विधानसभा क्षेत्र से इनेलो के युवा हलका अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह उर्फ बीनू दहिया की हत्या की गई। तेजधार हथियार से कई हमले कर उनकी हत्या किए जाने के बाद शव को दिल्ली के एक फॉर्म हाउस में ले जाकर जलाने का प्रयास किया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हत्या के पीछे पैसों का एंगल सामने आ रहा है, हालांकि पुलिस अभी हर पहलू से मामले की गहन जांच कर रही है।
परिजनों के मुताबिक भूपेंद्र दहिया 1 जनवरी को दोपहर करीब 12 बजे घर पर खाना खाने के बाद कार्यालय जाने की बात कहकर निकले थे। उन्होंने अपनी पत्नी को बताया था कि किसी को 14-15 लाख रुपए का भुगतान करना है।
इसके लिए वह घर से करीब 10 लाख रुपए नकद लेकर निकले थे, जबकि शेष 4-5 लाख रुपए बैंक से निकलवाने की योजना थी। परिवार का दावा है कि उनके पास कुल 15 से 16 लाख रुपए मौजूद थे।
परिवार के लोगों का कहना है कि भूपेंद्र का किसी से कोई झगड़ा या विवाद नहीं था और न ही कभी किसी से कहासुनी हुई। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि नकदी की सूचना किसी को लग गई हो और इसी के चलते उनकी हत्या कर दी गई हो। हालांकि हत्या के पीछे की पूरी कहानी अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
मिली जानकारी के अनुसार भूपेंद्र शाम को दोबारा रामपुर बॉर्डर स्थित अपने कार्यालय गए थे। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन नहीं उठा। इसके बाद उनका भाई कार्यालय पहुंचा, जहां भूपेंद्र का शव पड़ा मिला। सिर के पीछे करीब तीन से चार वार किए जाने के निशान पाए गए, जिससे हत्या की क्रूरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या के बाद शव को दिल्ली के एक फॉर्म हाउस में ले जाकर जलाने की कोशिश की गई। मौके से 500–500 रुपए के जले हुए नोट, एक सोने का कड़ा और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। दिल्ली पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

परिजनों के अनुसार भूपेंद्र दहिया पिछले करीब 15 वर्षों से प्रॉपर्टी के कारोबार से जुड़े हुए थे। उनका लामपुर बॉर्डर और दिल्ली के नरेला क्षेत्र के पास कार्यालयों में नियमित आवागमन रहता था। इसी सिलसिले में उनका दिल्ली-एनसीआर में आना-जाना लगा रहता था।
गांव नाहरी निवासी भूपेंद्र अपने बड़े भाई मनोज, मां और बच्चों के साथ संयुक्त परिवार में रहते थे। वर्ष 2010 में उनकी शादी हुई थी। उनके दो बेटे हैं, जिनकी उम्र 14 और 12 साल है। बड़ा बेटा दक्ष राई स्पोर्ट्स स्कूल में आठवीं कक्षा का छात्र है, जबकि छोटा बेटा भी पढ़ाई कर रहा है। पत्नी गृहिणी हैं और मां भी परिवार के साथ रहती हैं। उनके पिता का निधन वर्ष 2002 में हो चुका है।
भूपेंद्र उर्फ बीनू दहिया इनेलो से लंबे समय से जुड़े हुए थे। पार्टी संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने के चलते 20 सितंबर 2025 को उन्हें राई विधानसभा क्षेत्र का इनेलो युवा हलका अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इनेलो जिला अध्यक्ष कुनाल गहलावत ने कहा कि प्रदेश में लगातार बढ़ रही हत्याओं से अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है।
नफे सिंह राठी हत्याकांड के बाद अब युवा हलका अध्यक्ष की हत्या सरकार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उनका कहना है कि सरकार का अपराध पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है।
भूपेंद्र दहिया की हत्या के बाद इनेलो परिवार और ग्रामीणों में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजनों और पार्टी नेताओं ने मांग की है कि मामले में जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई कर परिवार को न्याय दिलाया जाए।




