हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल के भाई हरि सिंह का निधन
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल के भाई हरि सिंह का निधन: 80 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस, आज भिवानी में अंतिम संस्कार
The Airnews | भिवानी
हरियाणा के चार बार मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय बंसीलाल के छोटे भाई हरि सिंह का आज निधन हो गया। वे 80 वर्ष के थे और अपने पैतृक गांव गोलागढ़ (भिवानी) में रहते थे। उन्हें आज सुबह हार्ट अटैक आया, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। आज ही उनका अंतिम संस्कार गांव में किया जाएगा।
कृषि से जुड़ा था जीवन, समाज में थी सादगीपूर्ण पहचान
हरि सिंह अपने बड़े भाई बंसीलाल के राजनीतिक रुतबे के बावजूद सादा जीवन और कृषि से जुड़ा हुआ जीवन जीते रहे। वे बंसीलाल के सातवें नंबर के भाई थे और हमेशा गांव में ही रहकर खेती-बाड़ी करते थे। वे चार बच्चों के पिता थे और गांव गोलागढ़ के आमजन के बीच उनकी अच्छी पहचान थी।
गांव के सरपंच प्रतिनिधि संदीप के अनुसार, हरि सिंह शनिवार तक पूरी तरह स्वस्थ थे और घर पर आराम कर रहे थे। आज सुबह अचानक उन्हें सीने में दर्द हुआ और हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया।
राजनीतिक परिवार का हिस्सा, कई संबंध बड़े चेहरों से
हरि सिंह का परिवार हरियाणा की राजनीति में बेहद अहम भूमिका निभा चुका है। वे BJP की राज्यसभा सांसद किरण चौधरी के चाचा ससुर थे। इस प्रकार उनका संबंध वर्तमान राजनीतिक नेतृत्व से भी जुड़ा हुआ था।
स्वर्गीय बंसीलाल न केवल हरियाणा के चार बार मुख्यमंत्री रहे बल्कि उन्होंने दो बार केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में भी कार्य किया। बंसीलाल के पुत्र रणबीर महेंद्रा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष रहे, जबकि छोटे बेटे सुरेंद्र सिंह सांसद चुने गए। उनकी बहू किरण चौधरी राज्यसभा सांसद हैं और पोती श्रुति चौधरी वर्तमान हरियाणा सरकार में मंत्री हैं।
बंसीलाल की राजनीतिक यात्रा: एक झलक
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जन्म: 26 अगस्त 1927
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शादी: मात्र 15 वर्ष की उम्र में
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शिक्षा: जालंधर से प्रारंभिक पढ़ाई, फिर कानून की पढ़ाई
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राजनीतिक शुरुआत: वकालत के दौरान आंदोलनों में भाग लिया
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प्रेरणा स्रोत: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री दरबारा सिंह
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1957: हिसार डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बने
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1960 के दशक: राजनीति में पहचान बनाना शुरू किया
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2006 में निधन: बंसीलाल का राजनीतिक युग खत्म हुआ
गांव में शोक की लहर, आज होगा अंतिम संस्कार
हरि सिंह के निधन की खबर से गांव गोलागढ़ में शोक की लहर फैल गई है। परिजन, ग्रामीण और राजनीतिक शुभचिंतक आज उनके अंतिम दर्शन के लिए गांव पहुंच रहे हैं। बताया गया है कि अंतिम संस्कार आज ही गांव में संपन्न होगा।
गांव के बुजुर्गों और युवाओं के अनुसार, हरि सिंह भले ही बंसीलाल जैसे कद्दावर नेता के भाई थे, लेकिन उन्होंने हमेशा सादगी और विनम्रता को अपनाए रखा। यही कारण है कि वे गांव के बुजुर्गों में सम्मानित स्थान रखते थे।




