हरियाणा के 2 जवान जम्मू-कश्मीर में शहीद:400-फीट गहरी खाई में गिरी गाड़ी; एक की एक साल पहले शादी हुई, पत्नी 2 माह की प्रेग्नेंट
मोहित 5 साल पहले आर्मी में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। करीब एक साल पहले ही उनकी शादी हुई थी। उनकी पत्नी ढाई महीने की प्रेग्नेंट हैं। मोहित नवंबर में शादी की सालगिरह मनाने के लिए छुट्टी आए थे। 2 साल पहले ही उनकी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर में हुई थी।
गांव के सरपंच नरेश ने बताया कि मोहित की पार्थिव देह आज शुक्रवार को सेना द्वारा पूरे सैन्य सम्मान के साथ गांव लाई जाएगी, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा।
जम्मू कश्मीर में हुए हादसे के 2 PHOTOS…


बर्फ की वजह से 400 मीटर गहरी खाई में गिरी गाड़ी :
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को सेना की गाड़ी 400 फीट गहरी खाई में गिर गई। इसमें 10 जवानों की मौत हो गई, जबकि 11 को एयर लिफ्ट कर उधमपुर मिलिट्री हॉस्पिटल भेजा गया है। हादसा भद्रवाह-चंबा इंटरस्टेट रोड पर खन्नी टॉप के पास हुआ। डोडा के डिप्टी कमिश्नर हरविंदर सिंह ने बताया कि सड़क पर बर्फ होने की वजह से ड्राइवर ने गाड़ी से कंट्रोल खो दिया था।
गाड़ी से ऊपरी पहाड़ी पर जा रहे थे जवान :
सेना के अधिकारी ने बताया कि गाड़ी में सवार 21 जवान डोडा से ऊपरी पोस्ट पर जा रहे थे। सेना ने अभी यह नहीं बताया है कि जान गंवाने वाले और घायल जवान किन राज्यों से हैं। भद्रवाह-चंबा रोड जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश को जोड़ता है। रास्ते में ऊंचे पहाड़, गहरी खाइयां और घने जंगल हैं। सड़क बेहद संकरी है और कई जगह तीखे मोड़ (हेयरपिन बेंड) हैं। जहां हादसा हुआ, उस खन्नी टॉप इलाके की समुद्र तल से ऊंचाई 9 हजार फीट है। यहां मौसम तेजी से बदलता है। ठंड और कोहरा छाया रहता है। बर्फबारी के बाद यह रास्ता ज्यादा खतरनाक हो जाता है।
केंद्रीय गृहमंत्री और रक्षा मंत्री ने भी जताया दुख :
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इस हादसे पर दुख जताया। इन्होंने कहा कि हमने अपने जिन वीर जवानों को खोया है, उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि डोडा से आई दुखद खबर सुनकर बहुत दुख हुआ।

सरपंच नरेश ने बताया कि शहीद जवान मोहित परिवार का बड़ा चिराग था। मोहित का छोटा भाई जितेंद्र है, जो कि गांव में गाड़ी चलाने का काम करता है। पिता सतपाल खेती बाड़ी करते हैं। सरपंच ने कहा कि मोहित के परिवार में और कोई सेना में नहीं है। वे अपनी मेहनत की बदौलत वह सेना में भर्ती हुए और अब देश के लिए जान गंवा दी।
शुरू से ही सेना में जाने का जुनून : मोहित के शहीद होने की बात गांव में पता चलते ही लोगों के बीच मोहित को लेकर चर्चा चलने लगी। लोग उनके देश के प्रति सेवा भाव और सेना में जाकर देश सेवा के किस्से आपस में सुनाने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है मोहित में सेना के प्रति भावना कुट कूट कर भरी हुई थी।:
सरपंच नरेश कुमार ने बताया कि मोहित पढ़ाई में भी काफी अच्छे थे। सेना की तैयारी के लिए गांव की सड़कों पर दौड़ लगाते थे। 12 वीं कक्षा तक की पढ़ाई सरकारी स्कूल में की थी। उन्होंने रोजाना गांव से 4 किलोमीटर दूर गांव सिलानी के सरकारी स्कूल में पढ़ने जाना होता था।
सुधीर एक बच्चे के पिता हादसे में यमुनानगर के छछरौली क्षेत्र के गांव शेरपुर के जवान सुधीर नरवाल भी शहीद हो गए। उनकी शहादत की सूचना गुरुवार देर शाम परिजनों को मिली, जिसके बाद गांव शेरपुर में शोक की लहर दौड़ गई। कुछ ही दिन पहले सुधीर के पिता का निधन हो गया था। उन्हें एक बेटा भी है।




