हरियाणा पुलिस भर्ती 2026: CET में देरी के बाद युवाओं की 3 साल उम्र छूट की मांग तेज, CM नायब सैनी को भेजा पत्र

हरियाणा पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती 2026 को लेकर प्रदेश के लाखों युवाओं में एक बार फिर नाराजगी देखने को मिल रही है। इस बार युवाओं ने भर्ती प्रक्रिया में आयु सीमा को लेकर सरकार से बड़ी मांग रखी है। युवाओं का कहना है कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) द्वारा कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) परीक्षा में हुई लंबी देरी के कारण हजारों योग्य अभ्यर्थी आयु सीमा पार कर चुके हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया में 3 वर्ष की अतिरिक्त आयु छूट दी जानी चाहिए, ताकि प्रभावित युवाओं को न्याय मिल सके।
प्रदेशभर के युवा इस मांग को लेकर लगातार मंत्रियों, विधायकों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर रहे हैं। इसी कड़ी में युवाओं ने मुख्यमंत्री नायब सैनी को एक लिखित पत्र भी भेजा है, जिसमें CET परीक्षा में हुई देरी का हवाला देते हुए उम्र में छूट देने की अपील की गई है।
युवाओं का कहना है कि CET परीक्षा 2022 के बाद काफी लंबे समय तक आयोजित नहीं की गई और आखिरकार जुलाई 2025 में इसका आयोजन हुआ। इस देरी के कारण भर्ती प्रक्रिया भी कई साल पीछे चली गई। जिन अभ्यर्थियों ने समय रहते तैयारी शुरू की थी, वे अब केवल आयु सीमा के कारण भर्ती से बाहर हो रहे हैं, जबकि वे शारीरिक, शैक्षणिक और अन्य सभी मानकों पर पूरी तरह योग्य हैं।
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा से मुलाकात के बाद युवा प्रतिनिधि सुमित ठाकुर ने बताया कि उनकी मांग पूरी तरह न्यायोचित है। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस कॉन्स्टेबल के करीब 5500 पदों पर भर्ती प्रस्तावित है, लेकिन CET में हुए विलंब को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। युवाओं की मांग है कि सभी वर्गों के अभ्यर्थियों को समान रूप से 3 वर्ष की अतिरिक्त आयु छूट दी जाए।

यदि यह छूट लागू होती है तो सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष से बढ़कर 28 वर्ष हो जाएगी, जबकि आरक्षित वर्गों के लिए यह सीमा 30 वर्ष से बढ़कर 33 वर्ष हो जाएगी। युवाओं का कहना है कि यह छूट केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को दी जाए, जो CET की देरी से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।
युवाओं ने अपने पत्र में उत्तर प्रदेश का उदाहरण भी दिया है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने भी पुलिस भर्ती प्रक्रिया में देरी को देखते हुए 3 साल की आयु छूट प्रदान की थी। ऐसे में हरियाणा सरकार को भी अपने युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इसी तरह का फैसला लेना चाहिए।
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में युवाओं ने लिखा है कि वे वर्षों से हरियाणा पुलिस जैसे सम्मानजनक पद के लिए कठिन परिश्रम कर रहे हैं। CET परीक्षा के बार-बार टलने से उनकी उम्र बढ़ती चली गई और अब वे केवल प्रशासनिक देरी के कारण भर्ती से वंचित हो रहे हैं। युवाओं का कहना है कि यह स्थिति उनके साथ अन्याय है और सरकार को इस पर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
प्रदेश के कई जिलों में युवा संगठनों द्वारा इस मांग को लेकर बैठकें और प्रतिनिधिमंडल तैयार किए जा रहे हैं। युवा नेताओं का कहना है कि अगर सरकार ने समय रहते फैसला नहीं लिया तो आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जा सकता है।
फिलहाल सरकार की ओर से इस मांग पर कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन मंत्रियों और विधायकों से लगातार मिल रही प्रतिक्रिया के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार करेगी। अब देखना यह होगा कि हरियाणा सरकार CET में देरी से प्रभावित युवाओं को राहत देती है या नहीं।




