हरियाणा: भाभी से अवैध संबंध के शक में घूमा देवर का दिमाग, कर दी पहलवान की हत्या
हरियाणा: भाभी से अवैध संबंध के शक में घूमा देवर का दिमाग, कर दी पहलवान की हत्या
Edited By: Sahil Kasoon
बहादुरगढ़ के मांडौठी गांव में हत्या का सनसनीखेज मामला
बहादुरगढ़, हरियाणा: हरियाणा के बहादुरगढ़ स्थित मांडौठी गांव से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां राकेश उर्फ घुघू पहलवान की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्या के बाद आरोपी ने खुद वारदात का खुलासा किया, जिसने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है।
गोली मारकर कुएं में फेंका गया शव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घुघू पहलवान को पहले गोली मारी गई, फिर उसके गले में चक्की के पत्थर के बड़े पाट बांधकर उसे खेत में बने कुएं में धकेल दिया गया। यह पूरी घटना हत्या के आरोपी देवेंद्र उर्फ सोनू के बयान के बाद सामने आई।
27 मार्च से लापता था घुघू पहलवान
राकेश उर्फ घुघू 27 मार्च से लापता था। परिजनों ने 29 मार्च को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों ने गांव के कुछ लोगों पर शक जाहिर किया, जिसके आधार पर पुलिस ने देवेंद्र से सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ में देवेंद्र ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और हत्या की पूरी कहानी उजागर कर दी।
अवैध संबंधों के शक में रची गई साजिश
एसीपी दिनेश कुमार के अनुसार, आरोपी देवेंद्र को शक था कि उसके भाई राकेश उर्फ घुघू के उसकी पत्नी (देवेंद्र की भाभी) से अवैध संबंध थे। इसी शक के चलते उसने राकेश को खेतों में बुलाया और पीछे से गोली मार दी। फिर शव को कुएं में फेंकने से पहले पत्थर से बांध दिया, ताकि वह ऊपर न आ सके।
शव हुआ बरामद, पुलिस जांच में जुटी
देवेंद्र की निशानदेही पर पुलिस ने शव को कुएं से बरामद कर लिया है। पुलिस ने देवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है और अब इस हत्याकांड में शामिल अन्य लोगों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
एसीपी दिनेश कुमार का कहना है:
“जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”
कोर्ट में पेशी और रिमांड की तैयारी
गिरफ्तार आरोपी देवेंद्र को पुलिस ने बहादुरगढ़ कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर ली है। पुलिस का उद्देश्य है कि आरोपी को रिमांड पर लेकर हत्या में इस्तेमाल हुए हथियार की बरामदगी की जाए। साथ ही अन्य आरोपियों की पहचान भी की जा सके।
गांव में फैला मातम, समाज में गूंज उठा सवाल
घटना के बाद मांडौठी गांव में शोक और सनसनी का माहौल है। गांववाले हैरान हैं कि शक के चलते ऐसा क्रूर कृत्य कैसे किया जा सकता है। यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि शक और अविश्वास रिश्तों को किस हद तक तोड़ सकता





