हरियाणा में रिश्वतखोर तहसीलदार मंजीत मलिक सस्पेंड: 4 महीने से फरार, ACB ने घोषित किया था इनामी

कैथल, 03 जुलाई, Sahil Kasoon The Airnews – हरियाणा सरकार ने रिश्वतखोरी के आरोप में फंसे तहसीलदार मंजीत मलिक को सस्पेंड कर दिया है। गुरुवार को जारी आदेश में मंजीत को अंबाला डीसी ऑफिस में अटैच किया गया है। मंजीत मलिक फरवरी 2025 से ही फरार चल रहा है और उसे एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा इनामी घोषित किया जा चुका है।
कैसे शुरू हुआ रिश्वत का मामला
शिकायतकर्ता विजय कुमार, निवासी वार्ड-3, चीका (कैथल) ने ACB को बताया कि उसने अमर सिटी कॉलोनी में 151 गज का प्लॉट खरीदा था और वह अपनी भाभी के नाम रजिस्ट्री करवाना चाहता था। 23 जनवरी को तय तिथि पर उसने तहसीलदार कार्यालय पहुंचकर रजिस्ट्री क्लर्क प्रदीप कुमार से संपर्क किया। क्लर्क ने तहसीलदार से मिलवाया, जिन्होंने कहा कि कागजात सही हैं और 10 रुपए की टिकट लगाकर रजिस्ट्री करा लो। जब विजय ने 10 रुपए की टिकट को लेकर सवाल किया, तो क्लर्क ने कहा – इसका मतलब है कि 10 हजार रुपए रिश्वत देनी होगी।
शिकायत दी तो रजिस्ट्री पर स्टे का बहाना

यह तस्वीर 18 फरवरी की है, जिसमें ACB की टीम रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए रजिस्ट्री क्लर्क प्रदीप कुमार को गिरफ्तार कर ले जा रही है। – फाइल फोटो
जब विजय कुमार ने यह बात तहसीलदार को बताई तो वे भड़क गए और कहा कि खेवट पर स्टे है, इसलिए रजिस्ट्री नहीं होगी। तहसीलदार ने रजिस्ट्री का टोकन भी रद्द कर दिया। विजय ने कागजात चेक कर पता किया कि किसी प्रकार का कोई स्टे नहीं था। 6 फरवरी को फिर से तहसीलदार से मिलने पर वही 10 हजार रुपए रिश्वत की मांग दोहराई गई। इस पर विजय ने ACB को शिकायत कर दी।
ACB की कार्रवाई और तहसीलदार की फरारी
18 फरवरी 2025 को ACB ने गुहला तहसील में ट्रैप लगाकर रजिस्ट्री क्लर्क प्रदीप कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में क्लर्क ने बताया कि तहसील में “10 रुपए की टिकट” का कोड वर्ड रिश्वत के लिए इस्तेमाल होता था और यह सारा नेटवर्क तहसीलदार के निर्देश पर चलता था।
जब ACB की रेड हुई, तब तहसीलदार मंजीत मलिक चुनावी ड्यूटी पर मीटिंग कर रहा था, लेकिन जैसे ही भनक लगी, वह मीटिंग छोड़कर फरार हो गया। उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला और ACB ने 20 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया।
यह फोटो 18 फरवरी 2025 की है, जिस वक्त ACB की रेड हुई तो तहसीलदार चुनावी ड्यूटी से जुड़ी मीटिंग कर रहा था, लेकिन भनक लगते ही मीटिंग बीच में छोड़ फरार हो गया। – फाइल फोटो
चुनाव ड्यूटी छोड़ बिना सूचना हुआ फरार
तहसीलदार मंजीत मलिक को सीवन नगर पालिका चुनाव में सहायक रिटर्निंग अधिकारी (ARO) और नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन बिना किसी आधिकारिक सूचना या छुट्टी के वह रेड के दिन ही फरार हो गया। ACB की टीमें उसकी तलाश कर रही हैं।
लालबत्ती विवाद में भी रहा बदनाम
यह पहला मौका नहीं है जब मंजीत मलिक विवादों में आया हो। अप्रैल 2024 में गुहला ट्रांसफर के तुरंत बाद वह अपने पिता के नाम पर रजिस्टर्ड गाड़ी में लाल बत्ती लगाकर ऑफिस पहुंचा था। इस पर ट्रैफिक पुलिस ने 1500 रुपए का चालान काटा था। बाद में उसने लाल बत्ती हटा दी थी।
सरकारी आदेश और प्रशासन की स्थिति
सरकार ने अब जाकर मंजीत मलिक को निलंबित करते हुए अंबाला डीसी ऑफिस में अटैच कर दिया है। ACB के डीएसपी मुकेश के अनुसार मलिक अभी भी फरार है और टीमें उसकी तलाश कर रही हैं। मामला अब प्रदेश सरकार की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
मंजीत मलिक को सस्पेंड करने का ऑर्डर…







