हांसी में शहीद जवान का अंतिम संस्कार:मंत्री गंगवा ने दी श्रद्धांजलि; 1 साल का बेटा है, माता-पिता और भाई का हो चुका निधन
हांसी के गांव मय्यड़ में गुरुवार को शहीद जोगिंदर कुंडू को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। तिरंगे में लिपटे शहीद के पार्थिव शरीर की अंतिम यात्रा के दौरान पूरा वातावरण देशभक्ति के नारों से गूंज उठा और हर आंख नम थी।
सीआईएसएफ और पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने साथी को अंतिम सलामी दी। कैबिनेट मंत्री रणवीर सिंह गंगवा ने भी मौके पर पहुंचकर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

आईआरबी में सेवाएं दे रहे थे जोगिंदर कुंडू
बता दें कि जोगिंदर कुंडू सितंबर 2017 से इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) में अपनी सेवाएं दे रहे थे। वह वर्तमान में अंडमान-निकोबार में तैनात थे, जहां 23 दिसंबर को ड्यूटी के दौरान उनका आकस्मिक निधन हो गया था। गुरुवार देर रात उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव मय्यड़ पहुंचा।
एक साल का बेटा है
जोगिंदर कुंडू का निजी जीवन भी चुनौतियों से भरा रहा। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था, और फरवरी 2025 में उनके भाई का भी देहांत हो गया। उनके परिवार में अब उनकी पत्नी, एक साल का बेटा और एक शादीशुदा बहन हैं।

बचपन से ही अनुशासनप्रिय थे जोगिंदर कुंडू
गांव मय्यड़ के सरपंच ने बताया कि जोगिंदर कुंडू बचपन से ही अनुशासनप्रिय और कर्तव्यनिष्ठ थे। उन्होंने कहा, “देश सेवा उनके जीवन का मुख्य उद्देश्य था। उन्होंने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है। पूरा गांव अपने इस वीर बेटे पर गर्व महसूस कर रहा है।”
आने वाली पीढ़ियों प्रेरणा देगा बलिदान
अंतिम संस्कार के दौरान जब तिरंगे को शहीद की चिता से उतारकर सलामी दी गई, तो पूरा माहौल ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा। गांव मय्यड़ ने भले ही अपना एक सपूत खो दिया हो, लेकिन जोगिंदर कुंडू का यह बलिदान आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा।




