हिसार में शहीद कर्मबीर सिंह का हुआ अंतिम संस्कार:जम्मू में दिल का दौरा पड़ने से हुआ निधन, जवानों ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर
हिसार जिले के नारनौंद थाना क्षेत्र के गांव थुराना निवासी भारतीय थल सेना की महार रेजिमेंट की सातवीं बटालियन में तैनात हवलदार कर्मबीर सिंह पान्नू का सोमवार सुबह निधन हो गया। वे जम्मू के सुजवान कैंप में ड्यूटी पर थे, जहां उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा। उनके निधन की खबर से गांव और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
शहीद हवलदार कर्मबीर सिंह वर्ष 2004 में भारतीय सेना में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। उन्होंने अपने सेवाकाल में देश सेवा को सर्वोपरि रखा और अपनी अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते थे। कर्मबीर सिंह के परिवार में उनकी पत्नी सुनीता, 15 वर्षीय बेटी कनिका और 12 वर्षीय बेटा तनुज हैं। उनके पिता हवा सिंह का पहले ही निधन हो चुका है, और उनके बड़े भाई सुरेश खेती-बाड़ी का कार्य करते हैं।
बेटे ने दी पिता को मुखाग्नि
घर पर पार्थिव शरीर के पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। मां, पत्नी और बेटा बेटी का रो-रोकर बुरा हाल था। ग्रामीणों और रिश्तेदारों की भीड़ शहीद के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ी। इसके बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम यात्रा निकाली गई। रास्ते में लोग फूल बरसाकर शहीद को श्रद्धांजलि दे रहे थे। कर्मबीर पान्नू अमर रहें के नारों के बीच जब तनुज ने पिता को मुखाग्नि दी, तो पूरा गांव गूंज उठा।

सेना के जवानों ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर
अंतिम संस्कार के दौरान सेना के जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे, नारनौंद के एसडीएम विकास यादव ने पहुंचकर शहीद को श्रद्धांजलि दी। ग्रामीणों ने कहा कि गांव ने एक होनहार और देशभक्त सपूत खो दिया है। शहीद कर्मबीर सिंह की शहादत को गांव और क्षेत्र हमेशा याद रखेगा। गांव में हर आंख नम है, लेकिन देश सेवा में उनके बलिदान पर गर्व भी है।
विधायक विनोद भयाना ने कहा कि कर्मबीर पान्नू एक सच्चे देशभक्त थे। उन्होंने देश की सेवा में अपने प्राण न्योछावर किए, यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। वह बेहद सरल और शांत स्वभाव के थे। गांव और परिवार को उन पर हमेशा गर्व रहेगा।

गांव में पसरा सन्नाटा, लेकिन दिलों में गर्व हवलदार कर्मबीर पान्नू की शहादत की खबर मिलते ही गांव में मातम छा गया। हर घर में शोक, हर आंख नम। लेकिन जब सेना की सलामी के बीच अंतिम यात्रा निकली, तो हर चेहरे पर गर्व की चमक थी। ग्रामीणों ने कहा कि हमारा बेटा भले चला गया, लेकिन वह देश के दिल में हमेशा जिंदा रहेगा।




