हरियाणा के ग्रामीण इलाकों में बिजली का नया शेड्यूल लागू ?
हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज।
हरियाणा के ग्रामीण इलाकों में बिजली का नया शेड्यूल लागू: जानिए किस समय मिलेगी लाइट और कहां होगा बदलाव | The Airnews
चंडीगढ़, 19 अप्रैल 2025:
हरियाणा के लाखों ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए बिजली विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति का नया शेड्यूल 20 अप्रैल 2025 से लागू किया जा रहा है। यह फैसला खास तौर पर दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के अंतर्गत आने वाले उपभोक्ताओं के लिए लिया गया है, जिसमें दिल्ली जोन और हिसार जोन को विशेष रूप से शामिल किया गया है।
राज्य के ऊर्जा मंत्री अनिल विज की देखरेख में जारी हुए इस आदेश में ग्रामीण इलाकों के लिए बिजली आपूर्ति की समय-सारिणी स्पष्ट रूप से घोषित की गई है। विभाग का यह दावा है कि इससे बिजली की आपूर्ति अधिक नियमित, प्रभावी और अनुशासित होगी।
क्या है नया बिजली शेड्यूल?
बिजली वितरण निगम के हिसार स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार ग्रामीण घरेलू फीडरों (11 केवी) के लिए दो प्रमुख जोनों—दिल्ली जोन और हिसार जोन—में नया टाइमटेबल लागू किया गया है।
दिल्ली जोन (20 अप्रैल से लागू)
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शाम: 6:30 PM से अगली सुबह 6:00 AM तक
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दोपहर: 11:15 AM से 3:45 PM तक
हिसार जोन (20 अप्रैल से लागू)
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शाम: 7:00 PM से अगली सुबह 6:30 AM तक
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दोपहर: 12:00 PM से 4:30 PM तक
नोट: दोनों जोनों में कुल मिलाकर 16 घंटे की बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। यह पहले की तुलना में अधिक स्थिर और व्यवस्थित मानी जा रही है।
ग्रामीण उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
हरियाणा के ग्रामीण इलाकों में बिजली की अनियमित आपूर्ति लंबे समय से एक बड़ी समस्या रही है। खासकर कृषि पर निर्भर जनता के लिए बिजली समय पर न मिलना फसल उत्पादन में बाधा डालता रहा है। यह नई व्यवस्था इस समस्या को काफी हद तक हल कर सकती है। तय समय में बिजली की उपलब्धता से किसान अब अपने कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से कर पाएंगे।
विभाग द्वारा जारी निर्देश और अनुशासन
बिजली विभाग ने सिर्फ समय-सारिणी घोषित नहीं की, बल्कि इसके कड़ाई से पालन के लिए सख्त निर्देश भी जारी किए हैं। अधिसूचना में बताया गया है कि ग्रिड अनुशासन बनाए रखने हेतु Zero Cut और Load Restrictions लागू किए जाएंगे।
सभी Superintending Engineers (SE Operation) को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र के सभी उप-केंद्रों, डिवीजनल कार्यालयों, उप-डिवीजनल कार्यालयों, JE कार्यालयों, शिकायत केंद्रों और सार्वजनिक स्थलों पर Power Regulatory Measures (PRM) को प्रमुखता से प्रदर्शित करें।
24 घंटे बिजली वाले RDS फीडरों पर शेड्यूल लागू नहीं
यह महत्वपूर्ण है कि यह नया शेड्यूल केवल उन्हीं ग्रामीण फीडरों पर लागू होगा, जहां अब तक 24 घंटे बिजली की आपूर्ति नहीं हो रही थी।
जहां पहले से ही RDS (Rural Domestic Supply) फीडर पर 24 घंटे बिजली मिल रही है, उन क्षेत्रों में यह नया शेड्यूल लागू नहीं होगा। ये फीडर पहले की तरह ही अपनी पूर्व व्यवस्था के अनुसार बिजली प्रदान करते रहेंगे।
कर्मचारियों पर होगी सख्त कार्रवाई
बिजली विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो भी कर्मचारी इस PRM व्यवस्था का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश राज्य के प्रमुख अधिकारियों तक भी पहुंचाया गया है, जिसमें शामिल हैं:
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मुख्य अभियंता (पावर)
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निदेशक परिचालन एवं परियोजना
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मुख्य अभियंता वाणिज्यिक
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मुख्य अभियंता परिचालन
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अन्य संबंधित अधिकारी
इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि विभाग इस व्यवस्था को कागज़ों तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि ज़मीन पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करना चाहता है।
क्यों लाया गया यह बदलाव?
हरियाणा में गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है और बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। पिछले वर्षों के अनुभवों से सीख लेते हुए यह फैसला लिया गया है कि बिजली की आपूर्ति को सीमित समय के भीतर योजनाबद्ध तरीके से किया जाए, ताकि ओवरलोड, अनियमित कटौती, और ग्रिड फेलियर जैसे संकटों से बचा जा सके।
इस शेड्यूल के लागू होने से:
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उपभोक्ताओं को पहले से तय समय पर बिजली मिलेगी।
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ट्रांसफॉर्मर और ग्रिड पर भार नियंत्रित रहेगा।
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मेंटेनेंस कार्य भी तय अंतराल में प्रभावी ढंग से हो पाएंगे।
जनता की प्रतिक्रिया
गांवों में रहने वाले उपभोक्ताओं ने इस नए फैसले पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। कुछ लोगों का मानना है कि निश्चित समय में बिजली मिलना राहत देने वाला है, वहीं कुछ का कहना है कि दिन में सिर्फ 4.5 घंटे बिजली मिलना खेती के कार्यों में मुश्किलें खड़ी कर सकता है।
ग्रामीण उपभोक्ता रामनिवास (गांव लांधड़ी, हिसार) ने कहा:
“हमें खुशी है कि अब बिजली का समय तय हो गया है। अब खेतों में काम की प्लानिंग करना आसान होगा।”
एक अन्य किसान सुरेंद्र (गांव हांसी) बोले:
“दोपहर में ज्यादा गर्मी में लाइट काटना सही नहीं है। सरकार को दिन की बिजली का समय और बढ़ाना चाहिए।”
आगे की योजना और समीक्षा
बिजली विभाग ने यह भी बताया है कि इस व्यवस्था की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी। यदि इस शेड्यूल से सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं तो भविष्य में इसे अन्य क्षेत्रों में भी अपनाया जा सकता है।
विभाग की प्राथमिकता:
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उपभोक्ताओं की संतुष्टि
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सिस्टम में पारदर्शिता
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बिजली की सतत और स्थिर आपूर्ति




