कुरुक्षेत्र में किसान नेता ने DFSC को मारा थप्पड़:10 से ज्यादा किसान नेता हिरासत में, जीरी खरीद को लेकर धरना दे रहे थे भाकियू अध्यक्ष
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में भारतीय किसान यूनियन चढूनी (भाकियू) के अध्यक्ष ने लघु सचिवालय परिसर में DFSC (जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक) को थप्पड़ जड़ दिया। DFSC राजेश कुमार धरने पर बैठे भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी से बातचीत करने आए थे। चढूनी अपनी ट्रॉली में पड़ी जीरी पर बैठे थे। नीचे उतरते ही उन्होंने DFSC को एक थप्पड़ मार दिया।
वहीं, मामले की सूचना मिलते ही पुलिस और विभाग के अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में थप्पड़ मारा गया। पुलिस ने चढूनी समेत 10-15 किसानों को हिरासत में लिया है और इन्हें झांसा थाने भेज दिया गया है।
गुरनाम सिंह चढूनी मंगलवार को ट्रैक्टर ट्राली में धान (जीरी) लेकर लघु सचिवालय पर पहुंचे थे। यहां उन्होंने प्रशासन पर धान की खरीद नहीं करने का आरोप लगाकर धरना प्रदर्शन शुरू किया था। आज उन्होंने किसानों को लघु सचिवालय पर इकट्ठा होने की कॉल दी थी।
किसान नेता चढ़ूनी ने प्रशासन पर उनकी धान की खरीद और उठान नहीं करने का आरोप लगाया था। उन्होंने किसी दूसरे जिले में धान बेचने को के लिए DC से परमिशन मांगी थी।
भाकियू पिहोवा का समर्थन घटना को लेकर सभी किसान संगठन और किसान जाट धर्मशाला में इकट्ठा हो रहे है। उधर, भाकियू पिहोवा ने चढूनी को समर्थन दिया है। भाकियू पिहोवा के प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच ने आरोप लगाया कि अधिकारी किसानों की सुन नहीं रहे हैं। धान में नमी के नाम पर कट लगाकर किसानों को लूटा जा रहा है।
आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि धरना प्रदर्शन करके किसानों ने खरीद शुरू करवाई थी। धरने के बाद कुछ जगह उठान शुरू हुआ था। आरोप लगाया कि नमी के नाम पर सेटिंग का खेल चल रहा है। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
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मुलताई में कुछ बैंक, कुछ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बिना पार्किंग के संचालित हो रहे हैं, तथा कुछ लोगों ने पार्किंग के लिए जगह बहुत कम दी है। जो वाहन पार्किंग के लिए पर्याप्त नहीं है। इससे ग्राहको को वाहन खड़े करने में बहुत परेशानी होती है। आखिर बिना पार्किंग के बैंक कैसे संचालित हो रहे हैं। ये तो नियमों का उल्लघंन हो रहा है। सड़क किनारे वाहन खड़े करने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। कई बार दुर्घटना तक हो जाती है। सरकारी जमीन पर वाहन खड़े हो रहे हैं । जबकि जिस भवन मे बैंक संचालित होती है उसकी स्वयं की पार्किंग होना जरूरी है। मुलताई में संचालित सभी बैंकों की पार्किंग व्यवस्था की जांच होना चाहिए।
कुछ बेसमेंट बिना अनुमति के बने हैं। कुछ व्यावसायिक भवनों के नक्शे बिना पार्किंग दिए पास हुए हैं। कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर पक्का अतिक्रमण कर लिया है। जांच होना चाहिए।
रवि खवसे, मुलताई (मध्यप्रदेश)