डीसी ने किया घग्गर और सरस्वती क्षेत्र का निरीक्षण, करोड़ों रुपये की नई परियोजनाओं की रूपरेखा की तैयार
डीसी अपराजिता ने मंगलवार सुबह गुहला उपमंडल के बाढ़ संभावित संवेदनशील इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ घग्गर नदी, सरस्वती नदी और विभिन्न तटबंधों (बंधों) का निरीक्षण किया। डीसी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आगामी मानसून सीजन में बाढ़ की स्थिति दोबारा पैदा न हो।
डीसी ने सबसे पहले टटियाणा गेज का निरीक्षण किया। गौरतलब है कि 2023 की बाढ़ के दौरान यहाँ का तटबंध टूट गया था, जिससे भारी नुकसान हुआ था। यहाँ लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत से एक मजबूत दीवार बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। घग्गर नदी से मिट्टी निकालने (डिसिल्टिंग) का कार्य किया जाएगा, ताकि पानी का प्रवाह सुचारू बना रहे। इसी प्रकार बाढ़ प्रबंधन की दिशा में सबसे बड़ा कदम हांसी-बुटाना नहर पर उठाया जा रहा है, जहां करीब 15 करोड़ से हाई-टेक पंप हाउस लगाया जाएगा। इसके अलावा, हांसी-बुटाना पर करीब 3 करोड़ रुपये के तीन अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य भी प्रस्तावित किए गए हैं| डीसी ने रत्ताखेड़ा लुकमान, सरोला साइफन, भाटिया बंध और पोलड़ का दौरा किया और आवश्यक निर्देश दिये। रत्ताखेड़ा लुकमान के कुंडी वाला बंध पर मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए 500 फीट हिस्से में स्टोन पिचिंग की जाएगी। चीका-पटियाला रोड से कार सेवा ब्रिज तक डिसिल्टिंग के साथ-साथ साइफन के बैड (तल) को पक्का किया जाएगा, जिस पर 3 करोड़ रुपये खर्च होंगे। भाटिया बंध पर 25 क्यूसिक क्षमता का नया पंप हाउस लगाया जाएगा। सरस्वती नदी के निरीक्षण के दौरान डीसी ने पोलड़ गांव में स्थित पुराने पुल का निरीक्षण किया। लोक निर्माण विभाग द्वारा लगभग 15 करोड़ रुपये से नया पुल बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही, उन्होंने लोक निर्माण विभाग को कैथल-गुहला चीका रोड की मुरम्मत के सख्त आदेश दिए ताकि आम जनता को आवागमन में असुविधा न हो। डीसी ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। एसडीएम गुहला समय-समय पर कार्यों की समीक्षा करेंगे। हमारा उद्देश्य है कि ड्रेनेज सिस्टम इतना मजबूत हो कि भविष्य में कही भी बाढ़ जैसी स्थिति ना बने। इस मौक पर एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह, डीआरओ चंद्र मोहन, कार्यकारी अभियंता दिग्विजय शर्मा व वरूण कंसल, बीडीपीओ जगजीत सिंह, एसडीओ अजमेर सिंह के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

बाढ़ संभावित क्षेत्र का दौरा करने पहुंची डीसी अपराजिता




