अजय सिंघल हरियाणा के नए DGP बने:1992 बैच के IPS अफसर, कपूर सीनियर लेकिन सुसाइड केस से चूके; ओपी सिंह रिटायर हुए
नए साल की पूर्व संध्या पर हरियाणा को नया DGP मिल गया है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की पैनल कमेटी ने DGP पद के दावेदार 3 अधिकारियों के पैनल को अंतिम रूप दिया था, जिनमें से 1992 बैच के IPS अजय सिंघल को हरियाणा पुलिस की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पैनल में सीनियॉरिटी के हिसाब से पूर्व डीजीपी शत्रुजीत कपूर आगे थे, लेकिन उन्हें वरिष्ठ होने का फायदा नहीं मिला। दिवंगत IPS वाई पूरन कुमार के सुसाइड केस में नाम आने के बाद उन्हें छुट्टी भेज दिया गया था। इसके बाद उन्हें DGP पद से हटाया गया। कपूर की रिटायरमेंट में 10 महीने ही बचे हैं। उनको दोबारा मौका न मिलने के पीछे एक वजह यह भी रही। लेटर में प्रकाश सिंह एंड अदर्स के केस में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया गया। जिसमें कहा कि डीजीपी पर नियुक्ति के लिए कम से कम दो साल का कार्यकाल बचा होना चाहिए।
कपूर के हटने पर ओपी सिंह को कार्यवाहक DGP की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वह सेवा की उम्र पूरी होने के चलते आज (31 दिसंबर) रिटायर हो गए हैं। पैनल में तीसरा नाम आलोक मित्तल का रहा। जिनकी रिटायरमेंट 30 जून 2029 को है। हालांकि वे 1993 बैच के आईपीएस हैं जबकि सिंघल उनसे एक साल सीनियर हैं।
नियुक्ति का नोटिफिकेशन…

पैनल में पहले नंबर पर थे शत्रुजीत कपूर केंद्र की ओर से हरियाणा सरकार को जो पैनल भेजा गया, उसमें पूर्व डीजीपी शत्रुजीत कपूर का नाम पहले नंबर पर था। उनका नाम IPS वाई पूरन कुमार के सुसाइड नोट में था। इसके बाद भी UPSC पैनल ने आरोपों को दरकिनार कर पैनल में सबसे सीनियर IPS शत्रुजीत का नाम पहले नंबर पर रखा।
इसके बाद 1991 बैच के IPS अफसर अजय सिंघल और 1993 बैच के आईपीएस आलोक मित्तल का नाम रखा गया था।
शाह के पंचकूला दौरे पर लगी मुहर सूत्रों की मानें तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाल में हुए पंचकूला दौरे दौरान ही अजय सिंघल के नाम पर मुहर लग गई थी। CM नायब सैनी ने ही सिंघल के नाम की पैरवी थी, जिसे शाह ने हरी झंड दे दी थी।
दरअसल, सिंघल ही ऐसे IPS अफसर हैं, जिन्हें लेकर अभी तक कोई विवाद नहीं है। इसके अलावा न ही उन पर किसी राजनीतिक दल का कोई ठप्पा लगा है। यही वजह रही कि केंद्रीय नेतृत्व और सीएम नायब सैनी ने सिंघल के नाम पर तैयार हुए।
2 साल से ज्यादा होगा कार्यकाल हरियाणा के DGP पद पर अजय सिंघल 2 साल से ज्यादा का कार्यकाल पूरा करेंगे। इसकी वजह यह है कि वह अक्टूबर 2028 में रिटायर होंगे। सिंघल करीब 34 महीने हरियाणा के DGP पद पर रहेंगे। इससे पहले IPS शत्रुजीत कपूर ने भी 2 साल से अधिक समय इस पद पर काम किया। इसके बाद उनकी जगह ओपी सिंह 79 दिन एडिशनल चार्ज पर रहे।
दो अफसरों को लगा झटका अजय सिंघल के डीजीपी बनने से 2 अफसरों को झटका लगा है। 1993 बैच के IPS अफसर एएस चावला अब DGP नहीं बन पाएंगे और रिटायर हो जाएंगे। इसकी वजह यह है कि उनका रिटायरमेंट 2027 को है। वहीं, इसी बैच के IPS आलोक मित्तल के पास अभी एक चांस है। क्योंकि उनका रिटायरमेंट 2029 में होगा।
अजय सिंघल के रिटायरमेंट से पहले जो भी DGP के लिए पैनल भेजा जाएगा, उसमें आलोक मित्तल का नाम शामिल होगा। इन अफसरों के अलावा 1 जनवरी 2028 तक IPS शत्रुजीत कपूर और IPS एसके जैन भी रिटायर हो जाएंगे।




