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हरियाणा में भीषण बिजली संकट पर रणदीप सुरजेवाला का हमला: “धान की बिजाई के समय किसान बेहाल, भाजपा सरकार पूरी तरह विफल”

कैथल, 29 जून 2026 ( Sahil Kasoon ) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा में चल रहे भीषण बिजली संकट को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। कैथल से एक प्रेस बयान जारी करते हुए रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि आज पूरा हरियाणा भयंकर गर्मी की मार झेल रहा है, लेकिन प्रदेश सरकार जनता को बुनियादी बिजली आपूर्ति देने में भी पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। गांवों से लेकर शहरों तक हाहाकार मचा हुआ है। बिजली के लंबे और अघोषित कटों ने नागरिकों की जिंदगी को नर्क बना दिया है। सुरजेवाला ने कहा कि आज हरियाणा का कोई भी कोना ऐसा नहीं है जहां बिजली मिल रही हो। सरकार के झूठे दावों की पोल खुल चुकी है। भयंकर गर्मी और उमस के बीच प्रदेश की जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है।

रणदीप सुरजेवाला ने विस्तृत आंकड़े और जमीनी हकीकत सांझा करते हुए भाजपा सरकार की नाकामियों को उजागर किया है। हरियाणा में बिजली तंत्र पूरी तरह ध्वस्त है।जनता रात भर छतों पर जागने और दिन में सड़कों पर आंदोलन करने को मजबूर है। हरियाणा के ग्रामीण इलाकों और शहरों में स्थिति असहनीय हो चुकी है। गांवों में 12 से 15 घंटे और शहरों में 8 से 10 घंटे के लंबे अघोषित कट लग रहे हैं। रात-रात भर बिजली गायब रहने के कारण छोटे बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और बीमार लोग सो नहीं पा रहे हैं। लोग भीषण गर्मी और उमस के कारण सारी रात छतों पर या गलियों में टहलकर काटने को मजबूर हैं। नींद पूरी न होने और भयंकर गर्मी से लोग बीमार पड़ रहे हैं, लेकिन सरकार एसी कमरों में बैठकर तमाशा देख रही है। भयंकर गर्मी और उमस के इस मौसम में बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग तड़पने को मजबूर हैं। बिजली न होने के कारण पेयजल आपूर्ति भी पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे राज्य में पानी का भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है।बिजली न मिलने से पानी की सप्लाई भी पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे बूंद-बूंद पानी के लिए हाहाकार मचा है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मौजूदा बिजली संकट के कारण हरियाणा का अन्नदाता दोहरी मार का शिकार है। यह समय हरियाणा के किसान के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। धान (जीरी) की रोपाई और अन्य खरीफ फसलों की बिजाई का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। किसानों को इस वक्त नलकूप चलाने के लिए कम से कम 8 से 10 घंटे निर्बाध बिजली की सख्त जरूरत है। इस समय फसलों को प्रचुर मात्रा में पानी चाहिए। लेकिन खेतों के टयूबवेलों के लिए मात्र 3 से 4 घंटे ही लो-वोल्टेज बिजली दी जा रही है। पानी के अभाव में किसानों की धान समेत अन्य फसलें खेतों में ही सूखकर राख हो रही है। किसान औने-पौने दामों पर डीजल खरीदकर जनरेटर चलाने को मजबूर है, जिससे खेती की लागत दोगुनी हो गई है। यह सरकार किसान की आय दोगुनी करने का वादा करके आई थी, लेकिन उसने किसान को कर्ज के दलदल में धकेल दिया है।

सांसद रणदीप सुरजेवाला ने याद दिलाया कि साल 2014 तक कांग्रेस सरकार ने प्रदेश को बिजली के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर (सरप्लस) बनाया था। झाड़ली (झज्जर), खेदड़ (हिसार), यमुनानगर और पानीपत में नए थर्मल पावर प्लांट लगाकर राज्य की उत्पादन क्षमता को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचाया गया था। लेकिन पिछले एक दशक में मौजूदा सरकार ने एक भी नया पावर प्लांट लगाने या नया यूनिट चालू करने की जहमत नहीं उठाई। सरकारी संयंत्रों को उनकी पूरी क्षमता से न चलाकर निजी बिजली कंपनियों को फायदा पहुंचाने का खेल खेला जा रहा है। थर्मल पावर प्लांट की बहुत से यूनिटों को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है।

सुरजेवाला ने कहा कि प्रदेश की बिजली व्यवस्था कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी हुई है।भाजपा राज के पिछले 11-12 वर्षों में एक भी नया पावर प्लांट नहीं लगाया गया। सरकारी थर्मल प्लांटों को जानबूझकर पूरी क्षमता से नहीं चलाया जा रहा है ताकि महंगे दामों पर निजी कंपनियों से बिजली खरीदकर भ्रष्टाचार के खेल को अंजाम दिया जा सके।

रणदीप सुरजेवाला ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी प्लांटों को ठप रखना और जनता को बिजली के लिए तरसाना एक सोची-समझी साजिश है। अपने चहेते निजी बिजली उत्पादकों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार शॉर्ट-टर्म टेंडर के नाम पर एक्सचेंज से बेहद महंगे दामों पर बिजली खरीद रही है। इस महंगी बिजली खरीद का सीधा बोझ ‘फ्यूल सरचार्ज’ (FSA) और अन्य टैक्सों के रूप में आम उपभोक्ताओं के बिलों में जोड़कर वसूला जा रहा है। राज्य में बिजली की कोई वास्तविक कमी नहीं है, बल्कि यह संकट पूरी तरह से सरकार की अदूरदर्शिता, खराब प्लानिंग और कुप्रबंधन का नतीजा है। सरकार को पहले से पता था कि जून-जुलाई के महीनों में धान की बिजाई और गर्मी के कारण बिजली की मांग चरम पर होगी। इसके बावजूद एडवांस में बिजली खरीद या ट्रांसमिशन लाइनों के रखरखाव के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। नायब सैनी सरकार के कुप्रबंधन और निकम्मेपन ने हरियाणा को ‘अंधकार युग’ में धकेल दिया है, जिसका खामियाजा पूरा प्रदेश भुगत रहा है।

सांसद रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि गर्मी की तपिश में प्रदेश की त्रस्त जनता सड़कों पर आंदोलन के लिए मजबूर है। सरकार के निकम्मेपन के खिलाफ अब जनता का सब्र का बांध टूट चुका है। प्रदेश के कोने-कोने से खबरें आ रही हैं कि परेशान नागरिक, महिलाएं और युवा बिजली संकट के खिलाफ सड़कों पर उतरकर चक्का जाम और प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। कई जगहों पर बिजली दफ्तरों का घेराव हो रहा है। आम जनता को बुनियादी सुविधाएं मांगने के लिए पुलिस की प्रताड़ना और मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है, जो बेहद निंदनीय है।

हरियाणा की जनता की ओर से रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा सरकार से तुरंत निम्नलिखित कदम उठाने की मांग की है:-

1.धान की रोपाई के मद्देनजर किसानों को प्राथमिकता के आधार पर कृषि फीडर पर रोजाना कम से कम 10 घंटे निर्बाध और पूरी वोल्टेज के साथ बिजली दी जाए।

2. शहरों और गांवों में बिना बताए लगने वाले अघोषित कटों को तुरंत बंद किया जाए और न्यूनतम आपूर्ति सुनिश्चित हो।

3. राज्य के सरकारी थर्मल पावर प्लांटों के जो यूनिट तकनीकी कमियों या कोयले के बहाने बंद पड़े हैं, उन्हें तुरंत पूरी क्षमता से चालू किया जाए।

4. बिजली न मिलने के कारण जिन किसानों की धान समेत अन्य फसल खराब हुई है, उन्हें तुरंत विशेष गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजा दिया जाए।

5. बिजली-पानी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही निर्दोष जनता पर दर्ज किए गए झूठे पुलिस केस तुरंत वापस लिए जाएं।

सुरजेवाला ने भाजपा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने तुरंत अपनी कुंभकरणी नींद छोड़कर बिजली आपूर्ति को दुरुस्त नहीं किया, तो कांग्रेस पार्टी किसानों, व्यापारियों और आम जनता को साथ लेकर सड़कों पर उतरने और सरकार के खिलाफ जोरदार आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।

Sahil Kasoon

The Air News (Writer/Editer)

Sahil Kasoon

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