रेवाड़ी में पत्नी ने प्रेमी संग रची पति की हत्या की साजिश: अंतिम संस्कार में बहाए आंसू, 49 कॉल और डिलीट चैट ने खोला राज
रेवाड़ी ( Sahil Kasoon ) 23 दिन पहले गांव आसलवास के पास नहर में मिली 21 वर्षीय युवक मोनू की डेडबॉडी के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, मोनू की हत्या उसकी पत्नी तन्नू ने अपने प्रेमी सोनू और उसके साथियों के साथ मिलकर कराई थी।
आरोपियों ने पहले युवक के मुंह और नाक को दबाकर उसे बेसुध किया और फिर हत्या को हादसे का रूप देने के लिए नहर में फेंक दिया। उसकी स्कूटी भी नहर के पास खड़ी कर दी थी। पुलिस भी इसे सुसाइड का केस मानकर जांच कर रही थी, लेकिन उसकी पत्नी की एक्टिविटी संदिग्ध लगी। पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। फिलहाल, पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी के एक साथी को अरेस्ट कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, मोनू दो बहनों का इकलौता भाई था। परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति को देखते हुए मोनू को 12वीं पास करने के बाद कंपनी में प्राइवेट नौकरी पकड़नी पड़ी। तीन साल पहले दुल्हन बनी तन्नू केवल तीन बार ही ससुराल में रही। इसी दौरान उसने प्रेमी के साथ मिलकर परिवार का इकलौता सहारा छीन लिया।


डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि 10 जून को आसलवास के पास नहर में एक युवक का शव मिला था, जिसकी पहचान गांव ढाणी जड़थल निवासी 21 वर्षीय मोनू के रूप में हुई थी। मोनू 2 दिन पहले घर से कंपनी के लिए निकला था। घर वापस नहीं लौटने पर पिता ने कसौला थाना में गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।मृतक के शरीर पर किसी प्रकार की चोट के निशान नहीं मिले थे। उसकी स्कूटी भी नहर के पास खड़ी मिली थी। इसे देखते हुए पुलिस ने दो आशंका जताई थी कि या तो मोनू की नहाते वक्त नहर में डूबने से मौत हुई या फिर उसने सुसाइड किया। इसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया था।

डीएसपी के मुताबिक, जांच के दौरान मृतक की पत्नी तन्नू की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पूछताछ में पता चला कि उसका मुंडनवास निवासी सोनू के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। सख्ती से पूछताछ करने पर तन्नू ने स्वीकार किया कि मोनू को दोनों के संबंधों की जानकारी हो गई थी। इसी कारण उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई। योजना के तहत तन्नू ने खुद मोनू को फोन कर कसौला क्षेत्र में बुलाया। वहां पहले से मौजूद सोनू और उसके साथियों ने मोनू के मुंह और नाक को तब तक दबाए रखा, जब तक वह बेसुध नहीं हो गया। इसके बाद उसे नहर में फेंक दिया, ताकि मामला दुर्घटनावश डूबने से मौत का लगे।

परिवार के मुताबिक, मोनू और तन्नू की शादी करीब 3 साल पहले हुई थी। दोनों बाहरवीं पास है। मोनू राजस्थान खुशखेड़ा की कंपनी में काम करता था। शादी के बाद तन्नू इसी साल 20 अप्रैल को पहली बार ससुराल आई। 3-4 दिन रहने के बाद वापस चली गई।
इसके बाद एक मई को आई और 16 को वापस मायके चली गई। 7 जून को मोनू को फिर तन्नु को लेने जाना था। कंपनी से सैलरी एक दिन लेट मिली। 8 मई को 4 बजे शिफ्ट पूरी कर घर पहुंचा और उसके बाद तन्नू को लेने के लिए कसौली के लिए निकला। 10 जून को आसलवास के पास नहर में शव मिला।
डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि पुलिस ने मृतक की पत्नी तन्नू और प्रेमी के साथी हरिओम निवासी मुंडनवास कमालपुर को गिरफ्तार कर अदालत से दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ कर वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जाएगी।
जरूरत पड़ने पर आरोपी महिला के परिजनों से भी पूछताछ की जाएगी। इसके अलावा मुख्य आरोपी सोनू और उसके अन्य साथियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

मगर, यहां उसकी एक गलती पकड़ में आ गई। मोनू की स्कूटी में रखे मिले मोबाइल का सारा डाटा डिलीट मिला। पुलिस ने जब यह मोबाइल परिवार को सौंपा तो उन्होंने साइबर एक्सपर्ट से मिलकर डाटा रिकवर करा लिया। इसमें तन्नू की पति से चैट और लापता होने वाले दिन 49 बार कॉल ने परिवार को शक पुख्ता कर दिया।
हालांकि बेटे की रस्म क्रिया के दिन पूरे होने तक परिवार ने बहू को इसका अहसास ही नहीं होने दिया। मगर, दिन पूरे होते ही परिवार ने हत्या का शक जताते हुए पुलिस को सारी बातें बता दीे। इसके बाद ही पुलिस ने तन्नूऔर उसके प्रेमी के एक साथी को अरेस्ट कर लिया।
युवक मोनू और उसकी हत्यारोपी पत्नी के कुछ PHOTO


गांव जड़थल निवासी 21 वर्षीय मोनू के फोन से मिली डिलीट चैट को परिवार ने रिकवर कराया। मृतक के परिवार के अनुसार पत्नी तन्नू के बुलाने पर मोनू ने पेट दर्द का बहाना बनाया था। वह डॉक्टर के पास दवा लेने की बात कहकर 8 जून की शाम स्कूटी लेकर घर से निकला। पिता को साथ ले जाने से इनकार कर दिया।
मोनू जब देर रात तक घर नहीं पहुंचा तो परिवार ने तलाश शुरू की। 9 जून की सुबह तन्नू के पास फोन कर मोनू के आने या बात होने के बारे में पूछा। तन्नू से इनकार कर दिया। इसके बाद परिवार ने कसौला थाना में गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज करवाई।
10 जून को आसलवास के पास नहर में एक शव मिला, जिसकी पहचान मोनू के रूप में हुई। शरीर पर कोई चोट का निशाना नहीं मिला। स्कूटी भी नहर किनारे खड़ी मिली। इसमें एक मोबाइल भी मिला। सूचना पर पहुंचे परिवार वालों ने नहाते वक्त डूबने या सुसाइड करने की पुलिस थ्यौरी से सहमति जतानी पड़ी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया और धारा 174 यानि इत्तेफाकिया कार्रवाई मानते हुए परिजनों को सौंप दिया।

पति मोनू का शव मिलने की सूचना के बाद तन्नू अपनी मां-पिता और भाई व अन्य लोगों के साथ मायके कसोली से ससुराल जड़थल पहुंची। आंखों में आंसुओं के साथ अंतिम संस्कार से दिन पूरे होने तक सभी रस्में निभाई। मां को अपने साथ रखा और भाई-पिता का भी नियमित आना-जाना रहा। अपने चेहरे के भाव और रहन-सहन से सभी को पति खोने का अहसास करवाती रही।
पुलिस ने 11 जून को मोनू का मोबाइल परिवार को सौंप दिया। मगर, मोबाइल का सारा डाटा डिलीट हो चुका था। इससे परिवार को शक हुआ। उन्होंने डिलीट डाटा रिकवर कर लिया, जिसे देखने के बाद उनके पांवों तले से जमीन खिसक गई। फोन में तन्नू और मोनू की चैट मिली। लापता होने वाले दिन यानि 8 जून को मोनू ने तन्नू के पास 49 बार फोन किया। दोनों के बीच केवल एक बार 3 मिनट बात हुई।
डिलीट चैट मिलने के बाद मर्डर को हादसा मान चुका परिवार बेटे की रस्म क्रिया के दिन पूरे होने तक चुप रहा। इसके बाद पुलिस को फोन से मिली चैट का डाटा सौंपा और हत्या का केस दर्ज कर जांच की मांग की। खुद फोन की जांच कर चुकी पुलिस ने भी शुरू में इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद परिवार पहले 21 जून और फिर 30 जून को डीएसपी से मिला। जब बात नहीं बनी तो परिवार 2 जुलाई को एसपी से मिला। इसके बाद तन्नू की गिरफ्तारी हो पाई।

पति के दोस्तों के साथ घूमने जाने की बात कही: परिवार ने मोनू के लापता होने पर तन्नू और उसके परिवार से संपर्क किया। उस वक्त सभी ने मोनू से बातचीत होने और अपने यहां आने से इनकार कर दिया। 11 जून को फोन मिलने के बाद तन्नू के पिता ने 8 जून को मोनू और तन्नू की 3 मिनट बात होने की बात स्वीकार की। बताया कि तन्नू ने मोनू से बातचीत की बात उसे बताई थी। तन्नू ने कहा था कि मोनू अपने दोस्तों के साथ बाहर घूमने जा रहा है। वह उसे मिलने के लिए घर से बाहर बुला रहा था, जिस पर मैंने इनकार कर दिया।
सैलरी के पैसे साथ लेकर आने को कहा: परिवार का कहना है कि मोनू को 7 जून को तन्नू को लेने के लिए जाना था। तन्नू ने सैलरी के पैसे साथ लेकर आने की शर्त रखी। 8 जून को वेतन मिलने के बाद मोनू ने सीएससी जाकर पैसे निकलवाए और घर में पेट दर्द का बहाना बनाकर तन्नू से मिलने पहुंच गया। यह सब तन्नू और मोनू की चैट से पता चला। मोनू के साथ तन्नू अपने प्रेमी सोनू के भी संपर्क में रही।
दम घोंटकर मारा, नहर में फेंका : पुलिस के मुताबिक, तन्नू ने पूछताछ में बताया कि 8 जून को उसने फोन कर मोनू को बुलाया। पहले से घात लगाकर बैठे तन्नु के प्रेमी मुंडनवास निवासी सोनू ने अपने ही गांव के हरिओम और अमन के साथ मिलकर मोनू को दबोच लिया। बेसुध होने तक उसका मुंह और नाक दबाकर रखें। इसके बाद उसे नहर में फेंक दिया।

डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने कहा कि तन्नू के साथ उसके प्रेमी सोनू का साथी हरिओम गिरफ्तार हो चुका है। मुख्य आरोपी सोनू और उसका दूसरा साथी अहम अभी फरार हैं। दोनो की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पत्नी ने प्रेमी के साथ हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार कर ली है। पुलिस अभी तथ्यों की जांच कर रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब देखिए पति मोनू संग तन्नू के चैट:-














