JJP की रैली के लिए रणजीत चौटाला को निमंत्रण:जुलाना में 10 एकड़ में पंडाल लगा; ओपी चौटाला के कट आउट लगाए जाएंगे
जींद के जुलाना में जननायक जनता पार्टी (JJP) अपने में स्थापना दिवस पर कल (7 दिसंबर) बड़ी रैली करने जा रही है। रैली में भीड़ जुटाना अजय चौटाला परिवार के लिए चुनौती बन गया है। इसके लिए रणजीत चौटाला से मदद मांगी गई है। रैली से 2 दिन पहले दिग्विजय चौटाला ने रणजीत चौटाला को रैली में आने का निमंत्रण दिया है।
हालांकि रणजीत चौटाला ने रैली में शामिल होने को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले नहीं है। वहीं विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद लगातार हाशिये पर चल रही जजपा के लिए रैली में भीड़ जुटाना आसान नहीं लग रहा। दुष्यंत चौटाला ने जींद में ही रैली के लिए डेरा डाल लिया है।
वहीं दिग्विजय चौटाला प्रदेश की अलग-अलग समितियों के साथ बैठकें कर रहे हैं। जींद व आसपास के जिलों पर ही फोकस जजपा कर रही है। रैली के लिए 10 एकड़ में पंडाल लगाया जा रहा है। जुलाना के पास नेशनल हाईवे-352 (जींद-जुलाना रोड) के नजदीक खुले मैदान में यह रैली होगी।
रैली स्थल पर पार्किंग के लिए बड़े गुब्बारे लगाए जाएंगे। रैली स्थल के हर कौने पर गुब्बारे लगेंगे। इसके अलावा रैली स्थल पर डॉ. भीमराव अंबेडकर, शहीद भगत सिंह, जननायक चौधरी देवीलाल और पूर्व मुख्यमंत्री ओपी चौटाला के विशाल कटआउट्स लगाए जाएंगे।
रैली स्थल पर डबल मंच लगाया जाएगा। लोगों के बैठने के लिए जगह पूरी तरह ओपन रहेगी। जजपा का दावा है कि वह शहर में अपने चेक प्वाइंट बनाएगी ताकि रैली में आने वाले लोगों की गिनती वह कर सके। जजपा ने 7 साल पहले 9 दिसंबर 2018 को जींद के पांडु पिंडारा से रैली के साथ अपनी राजनीतिक शुरुआत की थी। जजपा जींद को अपने लिए शुभ मानती है इसलिए वह इस बार भी जींद में ही रैली कर रही है।
अक्टूबर 2018 में इनेलो (INLD) की गोहाना में रैली हुई थी। यहां ओमप्रकाश चौटाला और अभय चौटाला के सामने दुष्यंत चौटाला को अगला मुख्यमंत्री बनाने के नारे लगे। इस पर ओमप्रकाश चौटाला ने अनुशासनहीनता के आरोप में अपने बड़े बेटे अजय चौटाला और उनके 2 बेटों दुष्यंत और दिग्विजय को पार्टी से बाहर कर दिया था।
इसके बाद 2018 में INLD से अलग होकर उन्होंने जननायक जनता पार्टी बनाई। 2019 में विधानसभा चुनाव हुए तो JJP ने 10 सीटें जीती। चुनी गई सरकार के किंग मेकर बने और मात्र 31 साल की उम्र में दुष्यंत चौटाला हरियाणा के डिप्टी सीएम बने। इसके बाद लोकसभा चुनाव से पहले BJP-JJP का गठबंधन टूट गया।
लोकसभा चुनाव में JJP ने अपने प्रत्याशी उतारे, लेकिन सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। इसके बाद 7 विधायक भी जजपा से बागी हो गए। इनेलो और जजपा का वोट बैंक कांग्रेस की तरफ शिफ्ट हो गया था।





