नारनौल के सूबेदार हीरालाल जम्मू-कश्मीर में शहीद, गश्त के दौरान खाई में गिरे, गांव अकबरपुर में होगा अंतिम संस्कार

हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल क्षेत्र का एक और वीर सपूत देश सेवा करते हुए अमर हो गया। भारतीय सेना की आतंकवाद विरोधी विशेष इकाई राष्ट्रीय राइफल्स (RR) में तैनात सूबेदार हीरालाल उत्तरी कश्मीर के बारामुला सेक्टर में गश्त के दौरान शहीद हो गए।
जानकारी के अनुसार, 9 जनवरी को सूबेदार हीरालाल अपने साथियों के साथ एक अत्यंत दुर्गम और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्र में नियमित पेट्रोलिंग पर थे। बर्फ जमी और फिसलन भरी पगडंडी पर संतुलन बिगड़ने से वह खाई में गिर गए, जिससे मौके पर ही उनका निधन हो गया।
सूबेदार हीरालाल महेंद्रगढ़ जिले के नांगल चौधरी थाना क्षेत्र के गांव अकबरपुर के निवासी थे। उनका जन्म 27 अप्रैल 1981 को हुआ था और उन्होंने 30 जनवरी 2000 को भारतीय सेना जॉइन की। करीब 23 वर्षों की सेवा के दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर सहित कई चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दीं और 23 मई 2023 को सूबेदार के पद पर पदोन्नत हुए।

शहीद अपने पीछे 88 वर्षीय पिता हरिराम, पत्नी रोशनी देवी, एक बेटा गजेंद्र और एक बेटी स्नेहलता को छोड़ गए हैं। बेटा आईआईटी पुणे में पढ़ाई कर रहा है, जबकि बेटी दिल्ली में नर्सिंग की शिक्षा ले रही है। पिता हार्ट के मरीज हैं और बेटे की शहादत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
तिरंगे में लिपटा सूबेदार हीरालाल का पार्थिव शरीर आज उनके पैतृक गांव अकबरपुर पहुंचेगा। गांव में तिरंगा यात्रा निकालने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। सेना की टुकड़ी उन्हें अंतिम सलामी देगी। गांव और क्षेत्र के लोग अपने वीर सपूत को नम आंखों से अंतिम विदाई देंगे।




