सिरसा में बच्ची अपहरण-मर्डर केस में POCSO लगी:भांजे की अहम भूमिका, बच्ची चिल्लाने पर बोला-ये मां को बताएगी, मामा ने माइनर में फेंकी
सिरसा जिले के डबवाली में अपहरण बच्ची मर्डर केस की कहानी हैरान कर देने वाली है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मामा के साथ भांजे की भी अहम भूमिका निकली है। भांजे ने ही मामा को बच्ची को ले जाने की राय दी और घटना को अंतिम अंजाम देने तक साथ रहे। जब बच्ची ने चिल्लाते हुए चिल्लाई, तो भांजा मामा से बोला- ये अपनी मां को बताएगी।
इस बात का दोनों को डर बन गया और एक माइनर की पटरी पर खड़ा हो गया और दूसरे ने पानी में फेंक दी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी संजय ने बच्ची को खेतों में ले जाने के बाद उसके साथ गलत काम करने की कोशिश की थी और भांजा पास खड़ा उसे देखता रहा। इसे देखते हुए पुलिस ने दोनों आरोपी मामा-भांजे के खिलाफ हत्या के साथ-साथ पोक्सो की धारा भी जोड़ दी है। आरोपी संजय ने पुलिस पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। जांच के तहत सभी आरोपी और बच्ची के कपड़े सील कर कब्जे में लिए हैं।
पुलिस ने आरोपियों का मेडिकल करवाया है और उनके सैंपल लिए गए हैं।
मामले में बच्ची के मौजूदा पिता पहली बार मीडिया के सामने आए, जिन्होंने घटना को लेकर दर्दनाक खुलासे किए। बाल आयोग ने भी मामले में संज्ञान लिया है और जांच के लिए धरने पर पहुंची थी। मगर उस समय परिजन व ग्रामीणों में रोष था, इसलिए बयान दर्ज नहीं हो पाए। अब उनकी टीम दोबारा आएगी।

पुलिस के अनुसार, बच्ची अक्सर संजय की बहन के घर आती-जाती थी। उनके घर पर खेलती थी। किशोर ने पहले भी गलत करने की कोशिश की, पर कामयाब नहीं हुआ। मंगलवार शाम को उसका मामा उनके घर आया हुआ था। दोनों ने प्लानिंग बनाई और किशोर ने कहा, इसी को ले चलते हैं। शाम 5 बजे के आसपास बच्ची अपने घर के बाहर गली में खेल रही थी।
मामा के कहने पर वह बच्ची को घर के बाहर खेलते हुए चीज बुलाने के लिए अपने साथ ले गया। वहां से उसे बस स्टैंड पर ले गया और संजय अपने भांजे व बच्ची को बाइक पर साथ ले गया।
गांव से बाहर निकलते ही पहले शराब ठेके से शराब ली और सेवन किया। ओढ़ा पंप से होते हुए पन्नी वाला मोटा गांव चले गए। वहां नहर से राइट साइड में सड़क के साइड खेतों में गए। वहीं पर संजय ने बच्ची के साथ गलत काम करने की कोशिश की। किशोर सड़क किनारे खड़ा रहा। उसी वक्त बॉवरियां की झोपड़ी है, तो किसी ने बैटरी की लाइट जला दी।
उसे देख संजय बच्ची को लेकर भांजे के साथ बाइक पर सवार होकर नुहियांवाली में चले गए। रत्ताखेड़ा नहर पुल से करीब 50 मीटर दूरी पर आगे बाइक पर खड़े हो गए और बच्ची भी कई देर से परेशान होने से रोने-चिल्लाने लगी। तभी भांजे ने अपने मामा से कहा, ये अपनी मां को बताएगी। इस बात का डर दोनों में हो गया और संजय नशे में होने के कारण मंशा खो चुका था। उसने बच्ची को मारने की प्लानिंग बनाई।
बच्ची को लेकर माइनर की पटरी पर पहुंचे। अचानक बच्ची को संजय ने माइनर में फेंक दिया और बच्ची ने दम तोड़ दिया। इसके बाद दोनों मामा-भांजा वापस गांव में आ गए। कुछ देर तक किसी को पता नहीं चला। जब गांव में पुलिस पहुंची, तो दोनों को पकड़े जाने की आशंका हो गई। संजय अपनी बहन के घर पर ही छिप गया। किशोर बाहर बच्ची के साथ तलाशने में बच्ची के परिजनों व ग्रामीणों के साथ घूमता रहा।
जब पुलिस को सीसीटीवी फुटेज हाथ लगी, तो किशोर भी बच्ची के साथ जाता दिखा। पुलिस व ग्रामीणों ने किशोर से पूछा, तो हर बार अलग-अलग जानकारी दी। इससे पुलिस को बच्ची को तलाशने में काफी समय लग गया। तब पीछे से संजय बहन के घर की दीवार लांघकर बाहर खेतों की ओर भाग गया।

डबवाली सदर थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह के अनुसार, गांव से जाने से लेकर वापस आने तक लोकेशन मैच खाई। गांव से निकलने पर शराब ठेके की और ओढ़ा पंप की। दोनों जगह की सीसीटीवी फुटेज खंगाली, तो दोनों बच्ची के साथ नजर आए और इस तरह पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए अंतिम पड़ाव जा पहुंची।
मीडिया से बातचीत में बच्ची के पिता ने बताया कि वारदात वाले दिन वे इंटरलॉक फैक्ट्री में दिहाड़ी पर काम कर रहे थे। शाम करीब 6:30 बजे जब वे घर लौटे, तो परिजनों ने बताया कि बच्ची गुम हो गई है। काफी तलाश के बाद भी जब बच्ची नहीं मिली, तो सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए। फुटेज में साफ दिखा कि पड़ोस के मामा-भांजे बच्ची को बाइक पर बैठाकर ले गए।
बच्ची घर के आगे खेल रही थी, वहीं से उसे उठाया गया। आरोपियों से किसी तरह की कोई रंजिश नहीं थी, उनके घर आना-जाना था और बच्ची अक्सर वहीं खेलती थी।

बच्ची के अंतिम संस्कार के बाद मां ने बताया कि मुख्यमंत्री से उनकी बात करवाई गई, जिन्होंने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। मां ने कहा–पुलिस और गांव के लोगों ने पूरा सहयोग दिया। मुझे बस मेरी बच्ची को न्याय चाहिए, इसके अलावा मुझे कुछ नहीं चाहिए। वहीं, बच्ची के असल पिता हिसार के कैमरी निवासी ने भी पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।

मंगलवार शाम 5 बजे आरोपी संजय बच्ची को भांजे के साथ बाइक पर लेकर गया और दो से ढाई घंटों में घटना को अंजाम दे दिया। अगले दिन बुधवार सुबह बच्ची का शव गांव से बाहर खेतों में पड़ा। उसी दिन परिजनों व ग्रामीणों ने गांव में धरना शुरू कर दिया।
धरने के तीसरे दिन डबवाली SDM अर्पित सिंघल ने वीडियो कॉल के माध्यम से मुख्यमंत्री नायब सिंह के OSD से परिजनों की बातचीत करवाई। परिजनों की मांगों पर सहमति बनने के बाद वे अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
डबवाली SP निकिता खट्टर का कहना है कि मामले में आरोपी संजय से पूछताछ चल रही है। गहनता से जांच जारी है, जिसके खिलाफ सबूत मिलते जाएंगे, उनको गिरफ्तार किया जाएगा। अभी संजय व उसके भांजे को ही पकड़ा है।




