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Wednesday, April 29, 2026

स्क्वाड्रन लीडर अनुज का पार्थिव शरीर श्मशान घाट लाया गया:रोहतक में कुछ देर में राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार; प्लेन क्रैश में शहीद हुए

रोहतक में ककराना गांव के श्मशान घाट में शहीद को श्रद्धांजलि देते लोग। इनसेट में अनुज शर्मा की फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar

रोहतक में ककराना गांव के श्मशान घाट में शहीद को श्रद्धांजलि देते लोग। इनसेट में अनुज शर्मा की फाइल फोटो।

असम में सुखोई फाइटर प्लेन क्रैश में शहीद हुए एयरफोर्स में स्क्वाड्रन लीडर अनुज शर्मा का पार्थिव शरीर शनिवार को उनके पैतृक गांव रोहतक के ककराना पहुंचा। कुछ देर में उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। घर पर परिवार के लोगों ने अंतिम दर्शन किए। अब उनका पार्थिव शरीर गांव के श्मशान घाट लाया गया है।

अनुज शर्मा को श्रद्धांजलि देने के लिए रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्‌डा और मंत्री अरविंद शर्मा समेत काफी संख्या में लोग एकत्रित हुए हैं। अनुज शर्मा की शादी होने वाली थी। इनकी मंगेतर भी पायलट हैं।

शहीद अनुज शर्मा के गांव से तस्वीरें…

रोहतक पहुंची स्क्वाड्रन लीडर अनुज शर्मा की पार्थिव देह।
रोहतक पहुंची स्क्वाड्रन लीडर अनुज शर्मा की पार्थिव देह।

ककराना गांव में अनुज शर्मा को श्रद्धांजलि देने पहुंचे कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्‌डा।
ककराना गांव में अनुज शर्मा को श्रद्धांजलि देने पहुंचे कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्‌डा।

अनुज शर्मा का जन्म 9 अगस्त 1993 को रोहतक के ककराना गांव में हुआ। जब अनुज मात्र 7 साल के थे तो परिवार गुरुग्राम शिफ्ट हो गया। अनुज शर्मा की पढ़ाई लिखाई गुरुग्राम में ही हुई। पढ़ाई में शुरू से ही होनहार होने के कारण अनुज शर्मा का 2015 में एयरफोर्स में सिलेक्शन हो गया। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद 2016 में ककराना गांव में अनुज का भव्य स्वागत भी किया गया।

अनुज शर्मा के पिता आनंद शर्मा भारतीय सेना में सूबेदार के पद से रिटायर हैं। उन्हीं को देखकर अनुज शर्मा ने भारतीय वायु सेना को जॉइन किया। शहीद अनुज शर्मा के एक छोटे भाई भी हैं। मनुज बीटेक की डिग्री लेकर इंग्लैंड में नौकरी करते हैं। वह भाई के शहीद होने की सूचना के बाद भारत लौट आए।

2016 में एयरफोर्स की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद ककराना गांव में अनुज शर्मा का स्वागत करते ग्रामीण।-फाइल फोटो
2016 में एयरफोर्स की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद ककराना गांव में अनुज शर्मा का स्वागत करते ग्रामीण।-फाइल फोटो

भारतीय वायुसेना के मुताबिक, SU-30 MK लड़ाकू विमान ने असम के जोराहट एयरबेस से गुरुवार शाम रेगुलर प्रैक्टिस के लिए उड़ान भरी थी। इसमें स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर सवार थे। उड़ान के कुछ समय बाद ही शाम करीब 7 बजकर 42 मिनट पर विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क टूट गया और विमान रडार से गायब हो गया।

विमान के लापता होने के तुरंत बाद वायुसेना ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। तलाश के दौरान पता चला कि विमान जोराहट से लगभग 60 किलोमीटर दूर कार्बी आंगलोंग के घने जंगलों में क्रैश हो गया है। वायुसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी साझा कर दोनों अधिकारियों स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर के शहीद होने की पुष्टि की।

Sahil Kasoon

The Air News (Writer/Editer)

Sahil Kasoon

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