साइबर फ्रॉड से बचाव हेतु आमजन रहें सतर्क : एसपी मनप्रीत सिंह सूदन अनजान ऐप्स और वेबसाइट्स पर ऑटो -पे की अनुमति देने से बचें बैंक खातों एवं यूपीआई ऐप्स में सक्रिय ऑटो-पे मेंडेट्स की नियमित जांच करें
कैथल, 08 जून (Sahil Kasoon) साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला पुलिस कैथल द्वारा ऑटो-पे, सब्सक्रिप्शन एवं ऑटो डेबिट से जुड़े साइबर फ्रॉड के संबंध में महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की गई है।
पुलिस अधीक्षक कैथल मनप्रीत सिंह सूदन ने जिला वासियों से अपील करते हुए कहा कि मोबाइल ऐप्स, वेबसाइट्स एवं ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग करते समय विशेष सतर्कता बरतें तथा किसी भी प्लेटफॉर्म को ऑटो पे अथवा ऑटो डेबिट की अनुमति देने से पूर्व उसकी विश्वसनीयता की पूरी जांच अवश्य करें। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी फर्जी मोबाइल ऐप्स, नकली वेबसाइट्स तथा आकर्षक ऑफर्स के माध्यम से लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। कई मामलों में देखा गया है कि उपभोक्ता अनजाने में ओटीपी दर्ज कर देते हैं या “अल्लोव ऑटो डेबिट” विकल्प को स्वीकार कर लेते हैं, जिसके बाद उनके बैंक खाते अथवा यूपीआई से निर्धारित अंतराल पर स्वतः राशि कटनी शुरू हो जाती है। नागरिक केवल अधिकृत एवं विश्वसनीय प्लेटफॉर्म पर ही ऑटो पे सुविधा का उपयोग करें। किसी भी अनजान लिंक, कॉल, मैसेज अथवा सोशल मीडिया विज्ञापन के बहकावे में आकर बैंकिंग अनुमति प्रदान न करें। उन्होंने आमजन को सलाह दी कि वे समय-समय पर अपने बैंक खाते, नेट बैंकिंग तथा यूपीआई ऐप्स जैसे फोनपे, गूगल पे, पेटीएम आदि में जाकर सक्रिय ऑटो पे मेंडेट्स की जांच करें। यदि कोई संदिग्ध या अनजान मेंडेट्स दिखाई दे तो उसे तुरंत बंद करवाएं तथा संबंधित बैंक को इसकी सूचना दें।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर नागरिक तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाएं अथवा पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करें। समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि को वापस प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है।

फोटो नं. 3 – एसपी मनप्रीत सिंह सूदन




