गांव दिल्लोवाली में आयोजित हुआ रात्रि प्रवास कार्यक्रम -गांव दिल्लोंवाली सहित आस-पास के दस गांवों में नहरी पानी परियोजना जल्द होगी पूरी, डीसी ने जारी किए निर्देश -डीसी अपराजिता ने प्रशासनिक अधिकारियों संग सुनी ग्रामीणों की समस्या–संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश।
कैथल, 12 जून ( Sahil Kasoon ) वीरवार को गांव दिल्लोवाली में रात्रि प्रवास कार्यक्रम में डीसी अपराजिता ने लोगों की शिकायतें सुनीं और मौके पर ही उनके समाधान के निर्देश दिए। गांव की सरपंच सोनिया देवी, वीरभान, सतपाल, ज्ञान चंद व राजपाल आदि ग्रामीणों ने फूल मालाओं व पुष्पगुच्छ के माध्यम से गांव में पहुंचने पर डीसी अपराजिता व अन्य अधिकारीगण का स्वागत किया। डीसी ने विभिन्न समस्याओं के समाधान के साथ-साथ गांव दिल्लोंवाली सहित आस-पास के दस गांवों के लिए नहरी पानी परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि पेयजल की समस्या का समाधान हो सके।
डीसी अपराजिता ने सबसे पहले कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके बाद डीसी ने ग्रामीणों की गंभीरता से समस्याएं सुनी। गांव की सरपंच सोनिया देवी ने गांव की समस्याओं को डीसी के समक्ष रखा। सरपंच ने कहा कि गांवों में बहुत से विकास कार्य हुए हैं, जिसमें गांव की सड़कें, गलियां, सोलर लाइट, सीसीटीवी कैमरे व अन्य विकास कार्य किए गए हैं। गांव के तालाब में से पानी की निकासी की समस्या का समाधान करवाया जाए। साथ ही तालाब का सौंदर्यीकरण भी करवाया जाए। गांव के स्कूल से लेकर जनरल चौपाल तक तारों को बदला जाए। गांव में आरओ प्लांट लगवाया जाए। सूखा व गीला कचरा के लिए वाहन उपलब्ध करवाया जाए। इन सभी समस्याओं के निपटान के लिए डीसी अपराजिता ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए।
ग्रामीण सतपाल सहित अन्य ने गांव में नील गाय यानि रोज की संख्या ज्यादा होने व इससे फसलों में काफी नुकसान होने की शिकायत रखी। जिसके लिए डीसी ने जिला वन अधिकारी कार्यालय को समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। इसके साथ ही ग्रामीणों ने गांव में ही पेंशन दिलवाए जाने की सुविधा की मांग की। जिस पर डीसी ने समाज कल्याण अधिकारी को इस समस्या के समाधान के निर्देश दिए। लोगों ने गांव में आवारा कुतों की संख्या बढ़ने बारे शिकायत रखी।
दिल्लोवाली में रात्रि प्रवास कार्यक्रम में डीसी अपराजिता





