लाडवा थाने में बैंककर्मी से कुकर्म के आरोप झूठे निकले:कुरुक्षेत्र SP बोले- युवक कैंसर पेशेंट भी नहीं; 2 ASI- होमगार्ड सस्पेंड हुए थे
कुरुक्षेत्र ( Sahil Kasoon ) लाडवा थाने में बहुचर्चित कुकर्म केस में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया। SP चंद्रमोहन ने सोमवार को मीडिया के सामने दावा किया कि बैंककर्मी द्वारा पुलिस कर्मियों पर लगाए गए कुकर्म के आरोप गलत हैं। इस केस में कोई कुकर्म नहीं हुआ।
एसपी के मुताबिक शिकायतकर्ता बोन कैंसर का भी पेशेंट नहीं है। उन्होंने कहा कि डीएनए टेस्ट के अलावा स्वैप व कपड़ों का टेस्ट कराया गया। कहीं भी कुकर्म की पुष्टि नहीं हुई। इसके अलावा पुलिस कर्मियों का लाई डिटेक्टर टेस्ट भी कराया गया, जिसमें उनका पक्ष सही मिला। जबकि शिकायतकर्ता ने लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने से मना कर दिया। पूरे मामले की जांच SIT कर रही थी।
बैंककर्मी का आरोप था कि 17 जुलाई की रात को जांच के दौरान पुलिस उनसे पकड़ा और थाने ले गए। उसके बाद तीन कर्मियों ने मारपीट की और थाने के कमरे में कुकर्म किया। प्रारंभिक जांच के बाद इस केस में ASI संजीव कुमार व राजेंद्र कुमार और होमगार्ड जवान सुमित को सस्पेंड किया गया था। सीएम नायब सैनी के हलके से जुड़ा होने की वजह से मामला सुर्खियों में रहा।

SP चंद्रमोहन ने आगे कहा कि युवक बोन कैंसर का मरीज नहीं है। उसके डॉक्यूमेंट वेरिफाई किए और PGI चंडीगढ़ से भी इसकी पुष्टि की गई। युवक की कोई कीमोथेरेपी भी नहीं हुई है। उसके साथ कुकर्म मामले की भी जांच कराई गई। मेडिकल रिपोर्ट में उसके साथ कुकर्म की पुष्टि नहीं हुई है। इसके बाद पुलिस ने लाइव डिटेक्शन टेस्ट भी कराया, जिसमें भी सभी पुलिसकर्मी सही पाए गए।
SP चंद्रमोहन ने आगे कहा- शिकायतकर्ता को भी लाइव डिटेक्शन टेस्ट करवाने के लिए कहा गया था, मगर उसने इसके लिए इनकार कर दिया। हालांकि, युवक का बोर्ड से मेडिकल जरूर करवाया गया है। उसने मेडिकल करवाने से भी मना किया था, मगर जांच के लिए मेडिकल कराना जरूरी था। घटना की रात युवक को ब्लीडिंग नहीं हुई। कपड़ों पर भी कोई निशान नहीं थे।
SP ने कहा कि युवक अपने भाई के साथ लाडवा CHC गया था। जहां उसने बताया कि उसे दर्द हो रहा है। युवक का कुछ समय पहले ही कुल्हे का रिप्लेसमेंट हुआ था। उसके कारण उसे पेन हो रहा था। इसके बाद युवक को LNJP लाया था। यहां एनल फिशर (प्राइवेट पार्ट से ब्लीडिंग) के कारण सुबह के टाइम उसे ब्लीडिंग हो रही थी।

पीड़ित युवक ने दावा किया था कि वो 17 जून को इंद्री नाके पर होमगार्ड ने उसकी बाइक रुकवा ली थी। इसके बाद मोबाइल छीनकर लाड़वा थाने ले आए। जहां ASI संजीव कुमार व राजेंद्र कुमार और होमगार्ड सुमित ने उसके साथ मारपीट कर गलत काम किया।
पीड़ित ने आगे कहा था कि पुलिसकर्मी ने उसकी टांगें लड़कियों जैसी बताई थी। इसके बाद जहां उसके पैर पर कैंसर है, उस जगह रो जूते से रगड़ा था। बाद में पुलिसकर्मियों ने उसे छोड़ दिया। अगले दिन नहाने के दौरान उसे ब्लीडिंग हुई तो वो लाड़वा सीएचसी पहुंचा, जहां से डॉक्टरों ने LNJP रेफर कर दिया।
LNJP में भर्ती होने के बाद पीड़ित की एक वीडियो सामने आई थी, जिसमें वो बेड पर लेटा था। उसके एक हाथ में पट्टी बंधी थी। डॉक्टरों की देखरेक में उसका इलाज चला। पुलिस शिकायत के बाद बाद एसआईटी ने उसका मेडिकल कराया।
घटना के अगले दिन यानी 18 जून को पीड़ित एलएनजेपी में भर्ती हुआ था। उसकी एक वीडियो भी सामने आई थी। इस वीडियो में पीड़ित अस्पताल की गैलरी में अकेला घूमता नजर आ रहा था। उसके हाथ में कुछ पर्चे दिखाई दे रहे थे। इसके बाद पीड़ित अलग-अलग रूम में घुसता नजर आया था। उसके साथ एक मेडिकल स्टॉफ भी मौजूद था। युवक हॉस्पिटल में नॉर्मल घूमता नजर आ रहा था, जबकि अस्पताल में भर्ती होने के समय वह बेड पर लेटा था।




