सिरसा में 9 किसान बिजली टावर पर चढ़े, गुरनाम चढ़ूनी पहुंचे
हरियाणा के सिरसा में बुधवार की सुबह भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के जिलाध्यक्ष समेत 9 किसान बिजली टावर पर चढ़कर बैठ गए। इनमें एक दिव्यांग भी शामिल है। ये किसान अपने साथ चारपाई और खाने पीने का राशन ले गए हैं। चेतावनी दी कि जब तक उनकी मुआवजा बढ़ोतरी की मांग पूरी नहीं होगी, वे नीचे नहीं उतरेंगे।
सूचना मिलते ही सबसे पहले पुलिस टीम मौके पर पहुंची और टावर के आसपास घेरा डाल दिया। प्रशासन और बिजली निगम के अफसर भी मौके पर पहुंच गए और किसानों को समझाने का प्रयास किया। मगर, किसान सोनीपत सहित अन्य जिलों की तरह बढ़े हुए मुआवजे की मांग कर रहे है।
उधर, भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने भी किसानों का समर्थन किया है। सोशल मीडिया पर लाइव आकर कहा कि किसान टावर से छलांग ना लगाए, मैं आ रहा हूं। दोपहर बाद मौके पर पहुंचे और सिरसा एसडीएम व डीएसपी से बातचीत की। इसी दौरान सामान ले जा रहे बिजली निगम की लेबर को किसान ने थप्पड़ मार दिए, जिस लेकर हंगामा हो गया।
बिजली टावर पर बैठे किसानों के कुछ PHOTOS…



यह मामला शहर से कुछ दूरी पर स्थित वैदवाला गांव का है। यहां चढ़ूनी ग्रुप के सिरसा जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह के खेत में हाईटेंशन लाइन के तीन टावर लगे है। बुधवार सुबह बिजली निगम और पुलिस प्रशासन खेत में लगे टावर पर काम कराने आया था। आरोप है कि इस दौरान खेत मालिक भूपेंद्र सिंह को मौके पर जाने से रोका गया। खेत मालिक ने पूछा कि वह उसका खेत है, आप कैसे रोक सकते हो। इसी बात पर दोनों पक्ष में बहस हो गई और वह टावर पर चढ़ गया। इसकी सूचना मिलते ही चढ़ूनी ग्रुप से जुड़े अन्य किसान नेता भी गांव में पहुंच गए। उन्होंने मुआवजे में बढ़ोतरी की मांग करते हुए भूपेंद्र सिंह का समर्थन किया। मगर, अफसरों के न सुनने पर आठ किसान और टावर पर चढ़ गए। इनमें हरदेव सिंह, सुखदेव सिंह, सोना राम, प्रेम मोमी, वेद प्रकाश, गुरसेवक सिंह बग्गू वाले शामिल है।इसकी सूचना मिलते ही डीएसपी भी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए हैं। पुलिस द्वारा बिजली निगम की टावर संबंधित लेबर टीम को बुलाया गया है। मगर, किसानों का कहना है कि वे लेबर को नहीं आने देंगे। इसी पर जिद पर अड़े हैं। पुलिस ने टावर को घेरा डाल दिया है। अन्य किसानों को टावर के ऊपर चढ़ने से रोका जा रहा है।

सिरसा में किसान संगठनों की कल मंगलवार को प्रशासन के साथ मीटिंग हुई थी, जो विफल रही। इसमें किसानों ने बाकी जिलों की तरह पूरा मुआवजा देने की मांग थी। सिरसा में कुछ किसानों को अभी भी मुआवजा नहीं मिला है और कुछ को बहुत कम मुआवजा मिला है।
इसी का विरोध किसान नेता जता रहे हैं। कहना है कि बड़े-बड़े टावर खेतों में लगाए हुए हैं। मुख्यमंत्री से उनकी मांग है कि पूरा मुआवजा दिया जाए, मुख्यमंत्री भी इसकी घोषणा कर चुके हैं।

टावर पर चढ़ने वाले किसान चढूनी ग्रुप से है। इसकी सूचना मिलते ही अध्यक्ष गुरनाम सिंह ने लाइव आकर मैसेज जारी किया है कि कोई भी टावर से छलांग ना लगाए। हम अपनी लड़ाई लड़ेंगे और मैं भी कुछ देर में पहुंच रहा हूं। सभी साथी मौके पर पहुंचे। उधर, गुरनाम सिंह की अपील पर किसान नेता मैक्स साहूवाला, गुरी मल्लेकां, अखिल भारतीय किसान सभा हमजिंदर सिंह, अखिल भारतीय किसान सभा से भजनलाल बाजेकां, रामकिशन फौजी, इकबाल सिंह नेजाडेला आदि पहुंच गए है।
पगड़ी संभाल जट्टा किसान यूनियन से राज्य प्रधान मनदीप नथवान भी सिरसा पहुंचे और भूपेंद्र की पत्नी से मामले की जानकारी ली। दोपहर बाद गुरनाम सिंह भी मौके पर पहुंच गए थे।
टावर कमेटी के मेंबर तनुज खट्टर की माने तो हुकमावाली और चोरमोर से डबल सर्किट लाइन करके 220 केवी बिजलीघर में लाई जा रही है। यह सरकार की ओर से अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है, ताकि किसी भी इमरजेंसी में लाइट बहाल रहे। इसके बिना लाइट बहाल हो पाना मुश्किल है। इस समय फतेहाबाद-सिरसा-मताना सिंगल लाइन है। कई बार मौसम खराब या ओवरलोड के चलते लाइन बंद रहती है। इसके बिना सिरसा में लाइट देने का कोई ऑप्शन नहीं है।





