हरियाणा में ट्रांसफर-पोस्टिंग पर MLA-मंत्री नाराज, BJP विधायक दल की मीटिंग में उठा मुद्दा; CM बोले- फाइलें बेवजह न रोकें

हरियाणा (Sahil Kasoon The Airnews) कर्मचारियों और अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर एक बार फिर विधायकों और मंत्रियों की नाराजगी खुलकर सामने आई है। 29 जुलाई को चंडीगढ़ के संत कबीर कुटीर में हुई BJP विधायक दल की मीटिंग में दक्षिण हरियाणा के एक विधायक ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से शिकायत की कि उनकी सिफारिशें महीनों से लंबित हैं।
बैठक में विधायक के बयान का समर्थन करते हुए एक कैबिनेट मंत्री ने कहा— “हमारी ट्रांसफर-पोस्टिंग की फाइलें जलेबी की तरह घुमाई जा रही हैं”। मीटिंग में कई मंत्रियों ने अपनी लंबित फाइलों की संख्या भी CM के सामने रखी। सूत्रों के मुताबिक, मंत्रियों की 1500 से ज्यादा फाइलें CMO में अटकी हुई हैं।
सूत्र बताते हैं कि इस मुद्दे पर CM सैनी ने CMO के एक HCS रैंक के अधिकारी को फटकार लगाई और कहा कि मंत्रियों और विधायकों की फाइलें बेवजह न रोकी जाएं। बैठक खत्म होने के बाद संबंधित अधिकारी ने कई लंबित फाइलों को तुरंत मंजूरी भी दी।
विधायक या मंत्री CMO में सिफारिश नोट भेजते हैं। OSD स्तर का अधिकारी उपलब्धता के अनुसार मंजूरी देता है, अन्यथा CM से अनुमति लेता है।
विधायक आवेदन मंत्री को देते हैं फाइल ACS से होकर CM तक जाती है। CM की मंजूरी के बाद आदेश जारी होते हैं।
CM सैनी ने साफ कहा है कि सभी ट्रांसफर ऑनलाइन पॉलिसी के तहत होंगे। किसी को समस्या है तो DC की अध्यक्षता में बनी कमेटी में आवेदन दे सकता है।
ग्रुप-D पद (माली, स्वीपर, चपरासी) तक के ट्रांसफर भी केवल CM ऑफिस से होते हैं। OSD लेवल के अधिकारी ही आदेश जारी करते हैं।
2019 में CM मनोहर लाल के दूसरे कार्यकाल के पहले साल में मंत्रियों को सीमित अधिकार दिए गए थे, लेकिन बाद में ये अधिकार पूरी तरह समाप्त कर दिए गए। अब नायब सैनी के कार्यकाल में भी वही व्यवस्था जारी है।




