करनाल में बीरू हत्याकांड के 2 बदमाश एनकाउंटर में ढेर! SP ने निभाया 10 घंटे का वादा |
हरियाणा के करनाल में बीरू वाल्मीकि हत्याकांड के 27 घंटे बाद ही पुलिस ने दोनों बदमाशों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। घोघड़ीपुर नहर के पास देर रात करीब 12 बजे पुलिस और बाइक सवार बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस के अनुसार, बदमाशों ने टीम को देखते ही कई राउंड फायर किए।
जवाबी कार्रवाई में दोनों को गोली लगी। पुलिस उन्हें अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मारे गए बदमाशों की पहचान हर्ष (24) निवासी नीलोखेड़ी और बीरबल (29) निवासी गांव मटरवा खेड़ी, कैथल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों ने ही बीरू वाल्मीकि की बुधवार रात को सिर में गोली कर उसकी हत्या की थी।
हत्या के बाद दिनेश भाऊ ने इस हत्याकांड की जिम्मेदारी लेते लेते हुए पोस्ट किया था। लिखा था-
आज जो करनाल मे बीरू की हत्या हुई है वो मैंने हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया ने करवाई है। थोड़ा एडवांस बोल रहा था तो थोड़ा सोच समझ के बोला करो हम सोशल मीडिया वाले नहीं हैं हम हर बात का जवाब गोलियों से देते हैं।
इसके बाद पत्नी और परिवार ने आरोपियों के एनकाउंटर की मांग करते हुए करीब 45 मिनट तक अंबेडकर चौक जाम रखा था। एसपी ने मौके पर पहुंचकर परिवार से दस घंटे मांगे थे। इसके बाद पुलिस एक्टिव हुई और सात के खिलाफ केस दर्ज कर हमलावरों की तेजी से तलाश शुरू की थी।



पुलिस के अनुसार बीरू की हत्या के बाद आरोपियों की तलाश के लिए 5 टीमें लगाई गई थीं। देर रात पुलिस को सूचना मिली कि दो संदिग्ध बाइक पर सवार होकर नहर की पटरी से घोघड़ीपुर गांव की तरफ जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। टीम को देखते ही बाइक सवार दोनों युवकों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिसकर्मियों ने बचाव करते हुए जवाबी कार्रवाई की।
इसमें दोनों बदमाशों को गोली लगी और दोनों घायल होकर नीचे गिर गए। मुठभेड़ के बाद पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों के पास पहुंचकर तलाशी ली। दोनों के कब्जे से बंदूक, कारतूस और बाइक बरामद हुई है। दोनों घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया।
एनकाउंटर की सूचना मिलते ही एसपी नरेंद्र बिजारणिया समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू कराई। FSL टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अब मुठभेड़ के दौरान हुई फायरिंग और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाएगी।

सदर बाजार निवासी बीरू (28) अपनी एक्टिवा स्कूटी पर बुधवार की रात करीब 9 बजे भगवडिया गैस एजेंसी के रास्ते अपनी बहन के पास जा रहा था। इसी दौरान वहां डिस्कवर बाइक पर 2 बदमाश आए। बीरू के पास आते ही उन्होंने तुरंत हथियार निकालकर पॉइंट ब्लैंक (बहुत पास) से उस पर फायर कर दिया। गोली सीधे बीरू के सिर में जाकर लगी। गोली लगते ही बीरू सड़क पर गिर गया। इसके दोनों बदमाश बाइक लेकर मौके से फरार हो गए। गोली की आवाज सुनकर गैस एजेंसी के पास भीड़ लग गई। बीरू को करनाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे अमृतधारा अस्पताल रेफर कर दिया। यहां इलाज के करीब 30 मिनट बाद उसकी मौत हो गई। गुरुवार दोपहर आरोपियों की गिफ्तारी की मांग करते हुए परिजन गांधी चौक के पास रोड पर ही बैठ गए। करीब 45 मिनट रोड जाम रही। करनाल एसपी नरेंद्र बिजारणिया ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कल सुबह 10 बजे तक का समय मांगा है। इसके बाद परिजनों ने जाम खोल दिया। परिजनों का कहना है, आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।

सीआईए-1 और एसडीयू की टीमों ने गांव घोघड़ीपुर नहर पुल के पास करीब 500 मीटर दूरी पर नाकाबंदी की। पीछा कर रही टीम भी वहीं पहुंच गई। पुलिस की घेराबंदी देखकर आरोपियों ने बाइक मोड़ने की कोशिश की, लेकिन संतुलन बिगड़ने से बाइक गिर गई। इसके बाद दोनों आरोपी अलग-अलग दिशाओं में भागने लगे और पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने बिना किसी चेतावनी के फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान एक गोली सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे उनकी जान बच गई। इसी तरह सीआईए-1 इंचार्ज की जैकेट पर भी गोली लगी। पुलिस टीम ने आरोपियों को सरेंडर करने की चेतावनी दी, लेकिन उन्होंने फायरिंग जारी रखी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।
मुठभेड़ के दौरान कई राउंड फायरिंग हुई। इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार और एसआई मनोज कुमार ने पहले चेतावनी स्वरूप हवाई फायर किए। इसके बाद पुलिस टीम द्वारा जवाबी कार्रवाई में सिपाही रोहित कुमार ने एके-47 से 3 राउंड फायर किए। सीआईए टीम की ओर से 3 राउंड, एसआई जयपाल द्वारा 2 राउंड, इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार द्वारा 1 राउंड, एएसआई राजेश कुमार द्वारा 2 राउंड और एसआई कृष्णचंद द्वारा 1 राउंड फायर किया गया। लगातार फायरिंग के बीच दोनों आरोपी घायल होकर गिर पड़े।
घटनास्थल पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए आईजी करनाल अशोक कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों ने ही बीरू हत्याकांड को अंजाम दिया था। उन्होंने कहा कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद टीमों को अलर्ट किया गया। आरोपियों को सरेंडर करने का मौका दिया गया, लेकिन उन्होंने पुलिस पर ही फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों को गोली लगी। आईजी ने कहा कि करनाल में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि पुलिस हर समय उनकी सुरक्षा के लिए तैयार है।




