हरियाणा के पूर्व मंत्री के बेटे गगनजोत संधू ने की आत्महत्या, पंजाब के फार्म हाउस पर खुद को मारी गोली
हरियाणा के पूर्व मंत्री स्व. जसविंदर सिंह संधू के बेटे गगनजोत संधू ने शुक्रवार को सुसाइड कर लिया। उन्होंने पंजाब में रोपड़ जिले के पखराली गांव स्थित ककोट फार्म हाउस पर खुद को गोली मारी। गगनजोत आज सुबह ही रोपड़ पहुंचे थे। फार्म हाउस पर वह अकेले थे।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के लिए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। शव रोपड़ के सरकारी अस्पताल में भिजवाया गया है। कल पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।
रोपड़ सदर थाने के SHO सन्नी खन्ना ने बताया कि अभी मामले की जांच की जा रही है। उसके बाद ही कुछ बता पाएंगे।
बता दें कि गगनजोत कुरुक्षेत्र के गुमथाला गढ़ू गांव से दो बार सरपंच रहे। उनके पिता जसविंदर संधू पिहोवा से चार बार विधायक रहे। ओपी चौटाला की सरकार में उन्हें कृषि मंत्री बनाया गया था। साल 2019 में लीवर कैंसर के चलते उनका निधन हो गया था।


पूर्व मंत्री जसविंदर सिंह संधू के तीन बेटे थे। सबसे बड़े बेटे जसतेज संधू, दूसरे नंबर पर गगनजोत संधू और सबसे छोटे हरकीरत संधू हैं। गगनजोत संधू की पत्नी का नाम सिमरनजीत कौर है। उनके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा आफताब चंडीगढ़ में पढ़ाई कर रहा है, जबकि छोटा बेटा जोरावर स्पेन में पढ़ रहा है। जसविंदर संधू की पत्नी अमरजीत कौर का भी निधन हो चुका है।

गगनजोत संधू पर नवंबर 2021 में पिहोवा थाने में दो मामले दर्ज हुए थे। पहला मामला FIR नंबर 422/2021 था, जो 16 नवंबर 2021 को दर्ज हुआ। इसमें गगनजोत और दो अन्य पर धारा 307, 323, 34, 341, 452, 506 IPC और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत केस दर्ज हुआ था। आरोप था कि उन्होंने अवतार सिंह और उसके परिवार पर फायरिंग की। इस मामले में गगनजोत ने गिरफ्तारी से पहले ही पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत ले ली थी।
21 नवंबर 2021 को FIR नंबर 425/2021 दर्ज हुई। इसमें आरोप था कि 17 नवंबर को गगनजोत और उसके साथियों ने भाजपा नेता तरणदीप की भाभी स्वर्णजीत कौर को SUV से कुचलने की कोशिश की। इस केस में गगनजोत को 14 जनवरी 2022 की रात गिरफ्तार किया गया। अगले दिन कोर्ट में पेश करने पर उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया। बाद में इस केस में धारा 307 हटाई गई। अगस्त 2023 में समझौता हो गया।
29 मार्च 2026 को कुरुक्षेत्र के गुमथला गढ़ू में प्रॉपर्टी विवाद में फायरिंग का मामला दर्ज हुआ। पुलिस के मुताबिक, गगनजोत ने प्रॉपर्टी डीलर संदीप कुमार पर गोली चलाई, जिससे उसके दोनों पैरों में चोट लगी। इस मामले में गगनजोत को 30 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से 12 बोर की बंदूक, खाली कारतूस और कार बरामद की।

गगनजोत के पिता जसविंदर सिंह संधू हरियाणा की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे। उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत जमीनी स्तर से हुई थी। साल 1987 में चौधरी देवीलाल की सरकार के दौरान वे अपने गांव गुमथला गढ़ू के सरपंच चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने मुख्यधारा की राजनीति में कदम रखा और साल 1991 में लोकदल के टिकट पर पहली बार पिहोवा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़कर जीत दर्ज की। साल 1996 में लगातार दूसरी बार भी विधायक चुने गए।

जसविंदर सिंह संधू के राजनीतिक जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव साल 2000 में आया, जब वे तीसरी बार विधायक बने और उन्हें ओमप्रकाश चौटाला सरकार में कृषि मंत्री जैसी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई। हालांकि, साल 2005 के विधानसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी हरमोहिंदर सिंह चट्ठा से हार का सामना करना पड़ा।
इसके बाद, साल 2014 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने एक बार फिर पिहोवा सीट से वापसी की और चौथी बार विधायक चुने गए। इस दौरान उन्हें लीवर कैंसर हो गया। 19 जनवरी 2019 को उनका निधन हो गया।




