अमेरिका से 11 दिन बाद करनाल पहुंचा बेटे का शव: 2 एकड़ जमीन बेचकर भेजा था, अब चंदे से हुई वतन वापसी
हरियाणा ( Sahil Kasoon ) करनाल में अमेरिका से 11 दिन बाद आए बेटे के शव को देखकर मां बेटे से बात कराने की मिन्नतें करती रहीं। बहन भी भाई के शव को देखकर बेसुध हो गई। सुपनदीप के अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
16 जून को अमेरिका में सुपनदीप की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। सुपनदीप जॉब कर अपने रूम में लौटा था, अगले दिन तक जब दरवाजा नहीं खुला तो उसके दोस्तों ने दरवाजा तोड़कर देखा, जहां सुपनदीप बेहोशी की हालत में मिला। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद से ही परिजन सुपनदीप के शव को भारत लाने का प्रयास कर रहे थे। रविवार सुबह उसका शव दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचा, जिसके बाद एम्बुलेंस के जरिए गांव लाया गया। सुपनदीप के चाचा ने उसे मुखाग्नि दी।
करीब 2 साल पहले चाचा गुरदेव ने अपनी 2 एकड़ जमीन बेचकर अमेरिका भेजा था, अब शव को वापस लाने में भी परिवार के करीब 25 लाख रुपए लग गए। इसके लिए अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों ने चंदा भी इकट्ठा किया।

मृतक युवक सुपनदीप सिंह करनाल जिले के गांव सेखपुरा मंचूरी का रहने वाला था। चाचा गुरदेव सिंह ने बताया कि परिवार ने सुपनदीप सिंह को बेहतर भविष्य की तलाश में करीब दो वर्ष पहले कनाडा भेजा था। कनाडा में कुछ दिन रहने के बाद वह डंकी रूट के जरिए अमेरिका पहुंच गया था।
गुरदेव सिंह के मुताबिक, परिवार ने सुपनदीप को कनाडा भेजने के लिए अपनी करीब 2 एकड़ जमीन बेच दी थी। कनाडा में रहने के दौरान भतीजे ने कई जगह नौकरी की, लेकिन पैसे ठीक नहीं मिलने के कारण वह अमेरिका चला गया था। वर्तमान में वह अमेरिका के सैक्रामेंटो शहर में रहकर एक स्टोर पर नौकरी कर रहा था। सैक्रामेंटो शहर में ही रह रहे करनाल के ही कुछ युवकों के साथ किराए पर रहता था।
गुरदेव सिंह ने बताया कि सुपनदीप नाइट शिफ्ट में काम करता था। घटना वाले दिन भी वह ड्यूटी खत्म कर सुबह घर लौटा था। इसके बाद खाना खाकर सो गया था। शाम को जब उसके दोस्तों ने कमरे का दरवाजा खटखटाया, तो वह अंदर से बंद था।
इसके बाद युवकों के कई बार आवाज लगाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर जाकर देखा तो सुपनदीप अचेत अवस्था में पड़ा था। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों ने प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है।

गुरदेव सिंह ने बताया कि सुपनदीप के पिता गुरदीप सिंह का करीब 9 वर्ष पहले निधन हो गया था। परिवार में उसकी मां और एक बड़ी बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। मौत से दो दिन पहले ही सुपनदीप की फोन पर परिवार से बात हुई थी। उसने कहा था कि परिवार के सभी कर्ज चुका देगा और जो जमीन बिकी है, उसे भी वापस खरीद लेगा।
अमेरिका से शव भारत लाना परिवार के लिए आसान नहीं था। परिजनों ने सरकार, विदेश मंत्रालय और भारतीय समुदाय से मदद की अपील की। इसके बाद अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों ने चंदा इकट्ठा कर सुपनदीप के शव को भारत भेजने के लिए सहयोग किया।




