हरियाणा BJP में अंदरूनी घमासान: कुलदीप बिश्नोई को नोटिस की तैयारी, बड़ौली-बिश्नोई आमने-सामने

हरियाणा भाजपा में इन दिनों अंदरूनी टकराव खुलकर सामने आ गया है। कुलदीप बिश्नोई के एक वीडियो बयान के बाद पार्टी नेतृत्व सख्त नजर आ रहा है और उन्हें नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है। यह विवाद अब पार्टी अनुशासन बनाम व्यक्तिगत राजनीतिक ताकत की लड़ाई का रूप लेता दिख रहा है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने कहा कि कुलदीप बिश्नोई से उनके बयान पर जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “यह जरूरी नहीं होता कि जैसा बाप हो, बेटा भी वैसा ही हो।” बड़ौली ने यह भी स्पष्ट किया कि दिया गया बयान चुनावी संदर्भ में था और शब्दों के चयन में गलती हो सकती है।
बड़ौली के इस बयान के बाद सियासत और गरमा गई। इसके जवाब में कुलदीप बिश्नोई ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि “कागज के टुकड़ों वाले नोटिस से मैं डरने वाला नहीं हूं।” उन्होंने खुद को पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल का बेटा बताते हुए कहा कि ऐसे नोटिसों की उन्हें कोई परवाह नहीं है।
बिश्नोई ने पार्टी नेतृत्व पर भी सवाल उठाए और कहा कि अगर कार्रवाई करनी है तो पहले राज्यसभा सांसद और फिर प्रदेश अध्यक्ष पर होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पिता पर की गई टिप्पणी पर पार्टी नेतृत्व चुप्पी साधे हुए है।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल को लेकर टिप्पणी की थी। इसके बाद कुलदीप बिश्नोई ने वीडियो जारी कर कड़ी आपत्ति जताई और माफी की मांग की।
बिश्नोई ने अपने राजनीतिक प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा में भाजपा की सरकार बनाने में उनका अहम योगदान रहा है। उन्होंने दावा किया कि “तीन में से दो बार सरकार बनाने में मेरी भूमिका रही” और चेतावनी दी कि अगर उन्हें मजबूर किया गया तो वह सियासी समीकरण बदल सकते हैं।
फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने हरियाणा भाजपा के भीतर चल रही खींचतान को उजागर कर दिया है और आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ सकता है।




