करनाल के युवक की अमेरिका में डूबने से मौत: दोस्त को बचाया, खुद गंवाई जान; 45 लाख का कर्ज लेकर गया था विदेश

हरियाणा के करनाल के 24 साल के युवक की अमेरिका की 1645 फीट गहरी झील में डूबने से मौत हो गई। युवक अपने दोस्तों के साथ नहाने झील में गया था। जहां उसका एक साथी पानी में डूबने लगा। उसे बचाने के लिए युवक ने तुरंत छलांग लगा दी। उसने दोस्त की जान तो बचा ली, लेकिन खुद पानी से बाहर नहीं निकल पाया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बाहर निकाला, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
युवक की पहचान अर्शदीप पुत्र प्रगट सिंह के रूप में हुई है। परिवार करनाल की विकास कॉलोनी में रहता है। परिवार के मुताबिक, अर्शदीप साल 2023 में डंकी रूट के जरिए अमेरिका गया था। परिवार ने विदेश भेजने के लिए करीब 45 लाख रुपए खर्च किए थे। इसके लिए कर्ज भी लिया था।
अर्शदीप अमेरिका के फ्रेस्नो शहर में अपनी बुआ-फूफा के पास रह रहा था। उनके बेटे हैरी के साथ एक स्टोर में काम करता था। परिवार ने सरकार और प्रशासन से अपील की है कि बेटे का शव जल्द से जल्द भारत लाने में मदद की जाए।

मृतक के छोटे भाई शरणदीप ने बताया कि उन्हें बुआ ने सूचना दी। अर्शदीप अपने 4-5 दोस्तों के साथ टाहो लेक पर गया था। वहां दो दोस्त पानी में डूबने लगे थे। अर्शदीप ने पहले एक दोस्त को बचाया और फिर दूसरे को भी बाहर निकाल लिया। इसके बाद वह खुद पानी में फंस गया। हालांकि उसे जल्दी बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन उसके शरीर में काफी पानी भर गया था, जिसके कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
अर्शदीप को तैरना आता था। वह पहले बाहर भी आ गया था, लेकिन उनका एक दोस्त पानी में डूबने लगा, जिसे तैरना नहीं आता था। अर्शदीप ने अपने दोस्त को डूबते देखा तो बिना समय गंवाए दोबारा पानी में छलांग लगा दी। उसने अपने दोस्त को सुरक्षित बाहर निकाल दिया, लेकिन खुद पानी से बाहर नहीं आ सका।
आसपास मौजूद लोगों ने उसे कुछ ही देर में बाहर निकाल लिया और अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया है और परिजन अब शव को भारत लाने की प्रक्रिया में लगे हुए हैं।
टाहो झील की PHOTOS



शरणदीप ने बताया कि दो साल पहले उनके पिता प्रगट सिंह की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। अब परिवार में मां मनप्रीत कौर और एक बड़ी बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। वह बीए तक पढ़ा हुआ था।
अर्शदीप ही परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था। उसका सपना था कि वह विदेश में काम करके पहले लिया हुआ कर्ज उतारे और फिर परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधार सके। इस हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया।

परिवार ने सरकार और प्रशासन से अपील की है कि अर्शदीप का शव जल्द से जल्द भारत लाने में मदद की जाए। अमेरिका में रह रहे रिश्तेदार भी औपचारिकताएं पूरी करने में जुटे हुए हैं, ताकि शव को जल्द भारत भेजा जा सके। परिजनों का कहना है कि परिवार पहले से ही आर्थिक रूप से दबाव में है और अब इस दुखद घटना ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया है।




