loader image

जीवन कुंडू हत्याकांड में सरकार ने मानी सभी मांगें! CM सैनी संग बैठक के बाद 14 दिन बाद होगा अंतिम संस्कार

हिसार के बहुचर्चित जीवन कुंडू हत्याकांड में महापंचायत के बाद न्याय संघर्ष समिति के साथ आज वार्ता में सरकार ने सभी मांगें मान ली हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ हुई बैठक में मुख्य आरोपी रमेश अत्री की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया गया है।

समिति सदस्य पूर्व सरपंच रवि कुंडू ने बताया कि 15 अगस्त को हांसी में दर्ज मुकदमे रद्द करने, पकड़े गए सभी वाहन वापस लौटाने और पीड़ित परिवार की मदद करने पर भी सहमति बनी है। इसके बाद जीवन की हत्या के 14 दिन बाद परिवार आज किनाला में दाह संस्कार के लिए माना है।

मामले में बीजेपी के पूर्व प्रदेश महामंत्री सुरेन्द्र पूनिया ने मध्यस्था की, उनके साथ कमेटी सदस्य चंडीगढ़ गए थे। जिसके बाद सीएम ने परिवार की हर संभव मदद की बात कही।

पंचायत ने इससे पहले स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री संग होने वाली यह बैठक बेनतीजा रही, तो 18 अगस्त से हिसार-दिल्ली, हिसार-सिरसा और हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा।

15 अगस्त को हांसी के नेहरू कॉलेज में मुख्यमंत्री के जिला स्तरीय ध्वजारोहण कार्यक्रम से पहले सिसाये पुल नाके पर भारी हंगामा हुआ था। सुबह 6:40 बजे करीब 150 से 200 लोगों की भीड़ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ समारोह स्थल की ओर बढ़ी।

अधिकारियों के समझाने के बावजूद भीड़ उग्र हो गई और पुलिसकर्मियों पर बैरिकेड्स तोड़कर ट्रैक्टर चढ़ाने व पथराव की कोशिश की गई।

स्थिति बिगड़ती देख ड्यूटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा। इस झड़प में हांसी SP विनोद कुमार समेत कई जवान घायल हो गए थे। पुलिस ने इन पर कई धाराओं के केस दर्ज कर लिया।

पुलिस-किसानों में टकराव की तस्वीरें…

प्रदर्शनकारियों को आगे से बढ़ने से रोकती हांसी पुलिस।
प्रदर्शनकारियों को आगे से बढ़ने से रोकती हांसी पुलिस।
हांसी में भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू किया और बचने के लिए शेड के नीचे छिप गए।
हांसी में भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू किया और बचने के लिए शेड के नीचे छिप गए।
हांसी एसपी खुद लोगों पर पत्थर फेंकते दिखे थे।
हांसी एसपी खुद लोगों पर पत्थर फेंकते दिखे थे।


 FIR के अनुसार, 15 अगस्त सुबह करीब 6:40 बजे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और वाहनों में 150-200 लोग सिसाये पुल पर एकत्रित हुए। कार्यकारी मजिस्ट्रेट उदयवीर झाझड़िया, DSP क्राइम रविंद्र सांगवान और थाना प्रभारी सुखजीत सिंह ने भीड़ को समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने।

पुलिस के अनुसार, उपद्रवियों द्वारा पुलिस बल को धमकी दी गई कि तुम सभी यहां से भाग जाओ, नहीं तो हम तुम पर ट्रैक्टर चढ़ाकर जान से मार देंगे और किसी भी कीमत पर मुख्यमंत्री को आज शहर हांसी में ध्वजारोहण नहीं करने देंगे।

भीड़ के लगातार हिंसक होने और बैरिकेड्स तोड़कर पुलिसकर्मियों पर जान से मारने की नीयत से ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश के बाद, ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 16 व 17 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज की अनुमति दी। पुलिस बल ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को डेटा रोड कैंची तक खदेड़ा।

इसी बीच सूचना पाकर एसपी हांसी विनोद कुमार भारी पुलिस बल के साथ कैंची चौक पहुंचे। उपद्रवियों ने दोबारा पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। एसपी विनोद कुमार ने खुद आगे होकर जवानों का मनोबल बढ़ाते हुए भीड़ को तितर-बितर कराया, जिसके बाद मुख्यमंत्री का ध्वजारोहण कार्यक्रम शांतिपूर्ण संपन्न हो सका।

CIA इंचार्ज और हांसी SP के खिलाफ गुस्सा…

सीआइए इंचार्ज कप्तान सिंह AK 47 पकड़ता हुआ। अपनी बात रखते सांसद दीपेंद्र हुड्‌डा और इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला।
सीआइए इंचार्ज कप्तान सिंह AK 47 पकड़ता हुआ। अपनी बात रखते सांसद दीपेंद्र हुड्‌डा और इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला।

मामले में दीपेंद्र हुड्‌डा ने कहा- हांसी में CIA इंचार्ज कप्तान सिंह द्वारा AK-47 जैसे खतरनाक हथियारों को लहराना, एक-दूसरे से छीना-झपटी और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पथराव के दृश्य कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। हांसी में जो स्थिति बनी और जिस तरह पुलिस अधिकारियों की भूमिका सामने आई है, उसकी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।

दिग्विजय चौटाला ने कहा कि सरकार ने एक नया कल्चर बना लिया है। पुलिस का रूप वर्दी से बेवर्दी हो गया है। बेवर्दी गुंडे के रूप में आए पुलिसकर्मी हैं। प्रदेश में कितनी बार हम घटनाक्रम देख चुके हैं। हिसार के एचएयू, जीजेयू में और फिर चैनत गांव के धरने पर भी ऐसा ही हुआ। आज भी ऐसा हो रहा है। एके 47 लेकर बिना वर्दी के आना कौन से कानून में लिखा हुआ है। असोल्ट राइफल जो देश की सीमा की सुरक्षा के लिए दी हुई हो, उसको एक पुलिसवाला गुंडा चलाने का प्रयास करता है।

संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि पुलिस ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के उन आदेशों की अनदेखी की, जिसमें प्रदर्शनों के दौरान अधिकारियों को वर्दी में होना अनिवार्य किया गया है। मोर्चा का आरोप है कि सादे कपड़ों में आए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने AK-47 से गोलियां चलाने का प्रयास किया।

Sahil Kasoon

The Air News (Writer/Editer)

Sahil Kasoon

The Air News (Writer/Editer)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!