थाने के सामने कांग्रेस विधायक बलराम दांगी के कार्यालय पर फायरिंग, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
रोहतक ( Sahil Kasoon ) महम कांग्रेस विधायक बलराम दांगी के कार्यालय पर फायरिंग कर दी गई। हमलावर ताबड़तोड़ फायरिंग करने के बाद मौके से फरार हो गए। गोलियां चलने की आवाज सुनकर आसपास के इलाके में दहशत मच गई।
हैरानी की बात यह रही कि महम थाने के ठीक सामने ही विधायक का कार्यालय है, लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी। घटना की सूचना मिलते ही विधायक तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और पुलिस को सूचना दी।
इसके बाद ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस को कार्यालय के दरवाजों और शीशों में गोलियां फंसी मिलीं। 4 गोलियों के खोल भी पुलिस को मिले हैं। पुलिस घटनास्थल पर सीसीटीवी खंगाल रही है।
उधर, इस घटना पर विधायक बलराम दांगी के पिता एवं पूर्व मंत्री आनंद सिंह दांगी ने कहा कि कार्यालय पर फायरिंग होना समझ से परे है। हमारा कोई दुश्मन नहीं है। प्रदेश में कानून व्यवस्था का बुरा हाल है।

महम कांग्रेस विधायक बलराम दांगी के कार्यालय का केयरटेकर संजय शनिवार की सुबह करीब 7 बजे पहुंचा था। उसने देखा कि शीशे टूटे हुए है। उसने तुरंत विधायक बलराम दांगी को फोन करके सूचना दी कि कार्यालय के शीशे टूटे हुए है। विधायक ने संजय से फोटो भेजने को कहा। संजय ने जब फोटो भेजे तो पता चला कि फायरिंग हुई है।
केयरटेकर ने जब विधायक को फोटो भेजे तो उन्हें देखकर विधायक बलराम दांगी तुरंत मौके पर पहुंचे और जांच की। विधायक ने देखा कि फायरिंग के कारण शीशे टूटे हुए है। कार्यालय पर रात करीब 1 बजे 4 राउंड फायरिंग की गई, जिसमें एक गोली एल्युमिनियम के गेट में भी फंसी हुई थी, जबकि अन्य गोलियों से शीशे टूटे हुए थे।
विधायक बलराम दांगी ने बताया कि उन्होंने एसपी को फोन करके घटनाक्रम की जानकारी दी। मौके पर सीआईए और महम पुलिस पहुंची और सीसीटीवी की डीवीआर अपने साथ लेकर गई है। हमले का कारण पुलिस जांच में ही पता चलेगा।
महम थाना पुलिस ने बताया कि विधायक के कार्यालय पर फायरिंग की सूचना मिली थी। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने मौके से सीसीटीवी की डीवीआर ले ली है। पुलिस मामले में जांच कर रही है। जल्द ही फायरिंग करने वाले आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा।

महम में कांग्रेस का कार्यालय पुलिस स्टेशन के ठीक सामने है। इस वारदात से साफ है कि हमलावरों को पुलिस का भी डर नहीं है। वहीं, थाने के सामने फायरिंग होना और पुलिस को इसके बारे में पता नहीं चलना, पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर रहा है।

आनंद सिंह दांगी ने कहा कि कार्यालय के सामने पुलिस स्टेशन है। अब पुलिस का काम है आरोपियों को कैसे पकड़ेगी। पुलिस स्टेशन के सामने ही जब फायरिंग हो रही है तो आम आदमी का क्या होगा। ये तो पुलिस के लिए ही चुनौती है, क्योंकि थाने में डीएसपी भी बैठता है। प्रदेश में कानून व्यवस्था का बुरा हाल है।
आगे कहा कि कांग्रेस कार्यालय में पूरा दिन 50-100 आदमी बैठे रहते हैं और पूरा दिन चाय-पानी चलता है। क्योंकि कार्यालय के सामने थाना, तहसील, सब डिवीजन और लघु सचिवालय है। शायद इसी बात से कुछ लोगों को तकलीफ हो रही होगी।




