महिला पहलवान यौन शोषण केस में बृजभूषण शरण सिंह बरी

महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में भाजपा नेता और भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को उन्हें बरी कर दिया। सुनवाई के दौरान बृजभूषण शरण सिंह और WFI के पूर्व सचिव विनोद तोमर कोर्ट में मौजूद रहे।
2 जुलाई 2026 को दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस मामले में 1133 दिनों के दौरान 127 सुनवाई हुईं। महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। इसके बाद ओलिंपियन विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया के नेतृत्व में हरियाणा के पहलवानों ने दो चरणों में जंतर-मंतर पर 38 दिन तक धरना दिया।
पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया ने X पर एक जैसी मीडिया स्टेटमेंट जारी की। इन्होंने लिखा, “महिला पहलवानों को सड़क पर उतरकर बृजभूषण सिंह के खिलाफ FIR करानी पड़ी थी। हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है और पहलवान अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। कोर्ट के फैसले को चुनौती देंगे।”
महिला पहलवानों के धरने की PHOTO





विनेश ने लिखा- “हमें सड़क पर उतरने और सत्ताधारी पार्टी के एक बाहुबली नेता के खिलाफ FIR दर्ज करवाने के लिए बहुत हिम्मत जुटानी पड़ी थी। सत्ता और अपने बाहुबल के दम पर बृजभूषण ने कई लड़कियों को डराकर उनके नाम वापस करवाए हैं। पर कई महिला पहलवान खड़ी रहीं और कोर्ट में बृजभूषण के खिलाफ लड़ाई लड़ती रहीं।
हमें इस बात का बहुत दुख है कि अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन हिंसा के आरोपों में दोषी नहीं माना। शुरू दिन से ही सारा तंत्र, सरकार और ये सिस्टम बृजभूषण को बचाने के लिए लगा हुआ है।”
हरियाणा कुश्ती संघ के अध्यक्ष रमेश बोहर ने कहा– सत्य की जीत हुई है। साजिश करने वाले मुंह के बल गिरे हैं। बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ एक साजिश रची गई थी, जो आखिरकार नाकाम साबित हुई। इस साजिश के पीछे भूपेंद्र सिंह हुड्डा और दीपेंद्र सिंह हुड्डा थे, जिन्होंने भारतीय कुश्ती संघ की कुर्सी हथियाने का प्रयास किया, लेकिन सत्य कभी हारता नहीं है। कुछ समय के लिए सत्य को छिपाया जा सकता है, मगर एक दिन वह सबके सामने आ ही जाता है।
द्रोणाचार्य अवॉर्डी महावीर फोगाट ने कहा कि कोर्ट का फैसला सर्वमान्य है। कोर्ट के फैसले को कौन बदल सकता है। सभी पहलवानों ने अपनी लड़ाई लड़ी, लेकिन आखिर में फैसला कोर्ट ने ही करना था, जोकि आज कर दिया है। कोर्ट से बड़ा इस देश में कोई नहीं है। पहलवानों का अगला कदम क्या होगा, इस पर अभी उनसे बातचीत नहीं हुई है।
पहलवानों के धरने में शामिल हुईं रेसलर अंशु मलिक के पिता धर्मबीर मलिक ने कहा कि कोर्ट और कानून से बड़ा कोई नहीं है। फैसला कोर्ट ने करना था, कर दिया। पलहवानों के धरने पर सवाल उठेगा, इस पर धर्मबीर ने कहा कि समाज का काम सवाल उठाना ही है।
फैसले के बाद पूर्व सांसद जब अपने आवास पहुंचे, तो समर्थकों ने उन पर फूल बरसाए। अबीर-गुलाल लगाकर उनका स्वागत किया। रिपोर्टर ने पूछा कि कितनी बड़ी खुशी का क्षण है आपके लिए? इस पर बृजभूषण बोले- होइहि सोइ जो राम रचि राखा।
बेटे करण भूषण ने फेसबुक पर पोस्ट किया। लिखा- साजिश हुई नाकाम, सत्य की हुई जीत। पिताजी बाइज्जत बरी हुए। सत्यमेव जयते! वहीं, WFI के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने कहा- “बृजभूषण पर झूठे आरोप लगाए गए थे। आज उन्हें सम्मानपूर्वक बरी कर दिया है। इससे पूरे कुश्ती जगत में खुशी का माहौल है।”

इसी साल 3 मई को विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा था, यूपी के गोंडा में 10 से 12 मई के बीच सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट हो रहा है। आज कुछ मजबूरियों के चलते मैं कहना चाहती हूं कि बृजभूषण शरण के खिलाफ कंप्लेंट करने वाले उन 6 विक्टिम में मैं भी शामिल हूं। मेरी गवाही भी कोर्ट में चल रही है। मेरा उसके घर (गोंडा) में जाकर कॉम्पिटीशन लड़ना मुश्किल होगा। मुझे नहीं लगता कि मैं अपना 100% दे पाऊंगी। एक लड़की के लिए ये काफी मुश्किल होगा।




