कबड्डी प्लेयर शीलू बल्हारा को ससुराल पक्ष ने माफ किया! बेटे के नाम होगी 50 लाख की FD | Rohtak News
रोहतक में कबड्डी प्लेयर शीलू बल्हारा की पत्नी मुस्कान बल्हारा के सुसाइड केस में मंगलवार को फरमाणा गांव में पंचायत हुई। पंचायत में मुस्कान के परिवार ने शीलू के परिवार को माफ कर दिया। पंचायत में तय हुआ कि शीलू और मुस्कान के बेटे हार्दिक के नाम 50 लाख रुपए की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराई जाएगी।
इसके अलावा, जिस मकान में शीलू का परिवार रहता है, वह भी बेटे के नाम किया जाएगा। एकेडमी के नाम खरीदी गई जमीन भी उसके नाम कराने का फैसला हुआ। मुस्कान के पिता सुखबीर सिंह ने पंचायत के इस फैसले पर सहमति जताई और शिकायत वापस लेने पर राजी हो गए।
31 जुलाई को मुस्कान ने बहु अकबरपुर गांव स्थित ससुराल में फांसी लगाई थी। मुस्कान के पिता की शिकायत पर बहु अकबरपुर थाने में शीलू बल्हारा समेत 4 के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।


बहु अकबरपुर गांव के सरपंच प्रतिनिधि सत्यवान नंबरदार ने कहा कि शीलू के परिवार ने पंचायत में माफी मांगी। फरमाणा गांव की पंचायत ने चारों को माफ कर दिया। पंचायत में जिन बातों पर सहमति बनी है, उन्हें पूरा करने के लिए थोड़ा समय मांगा गया है। पंचायत ने इसकी पूरी जिम्मेदारी ली है। एक सप्ताह में बच्चे के नाम FD करवा दी जाएगी। जमीन नाम कराने में जितना समय लगेगा, उसकी जानकारी फरमाणा गांव की पंचायत को दी जाएगी।
फरमाणा गांव के पूर्व सरपंच सतीश ने कहा कि शीलू को वे अपने बेटे की तरह ही देखेंगे। अगर शीलू दूसरी शादी करना चाहता है तो उसका घर बसाने का भी प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि थाने में जाकर समय बढ़वाने की जरूरत हुई तो शीलू इसके लिए तैयार है। बुधवार तक का समय लिखित में दिया गया था, अब 10 दिन का अतिरिक्त समय मांगा जाएगा। जिस दिन जमीन, मकान और FD बच्चे के नाम हो जाएगी, उसी दिन शिकायत वापस ले ली जाएगी। पंचायत एक हफ्ते के भीतर यह प्रक्रिया पूरी कराने का प्रयास करेगी।

सीनियर एडवोकेट अशोक कादियान ने बताया कि अगर किसी महिला की ससुराल में सुसाइड के बाद मायके वाले दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराते हैं और बाद में पंचायत या आपसी सहमति से शिकायत वापस लेने को तैयार हो जाते हैं, तो सिर्फ शिकायत वापस लेने से केस अपने आप खत्म नहीं होता। इसमें पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होती है। अगर जांच में दहेज के लिए प्रताड़ित करने या मारपीट के सबूत नहीं मिलते हैं, तो पुलिस जांच के आधार पर केस में उचित धाराएं तय करेगी।

31 जुलाई शाम करीब 4 बजे मुस्कान ने घर की पहली मंजिल के कमरे में फांसी लगा ली। ससुराल वालों ने पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा तो वह फंदे पर लटकी मिली। सूचना पर पुलिस और मायके पक्ष गांव पहुंचे। मायके वालों ने हत्या का आरोप लगाकर हंगामा किया। करीब 3 घंटे बाद शव डेड हाउस भेजा गया।
मायके पक्ष की महिलाओं ने मुस्कान के ससुर सुरेंद्र पर हत्या का आरोप लगाया। हंगामा बढ़ने पर रात करीब 8 बजे पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों की पंचायत हुई। करीब 2 घंटे चली बैठक में कोई फैसला नहीं हो सका।
मुस्कान के पिता सुखबीर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बेटी की शादी 8 दिसंबर 2023 को शीलू बल्हारा से हुई थी। आरोप लगाया कि ससुराल वाले दहेज के लिए उसे प्रताड़ित करते थे। शीलू के दूसरी लड़कियों से संबंध और तलाक की धमकी देने का भी आरोप लगाया।
सुखबीर की शिकायत पर पुलिस ने शीलू, उसके पिता सुरेंद्र, मां निशा और भाई मनीष के खिलाफ BNS की धारा 80 (दहेज मृत्यु) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया। पंचायत के फैसले के बाद मुस्कान का अंतिम संस्कार बहु अकबरपुर में हुआ और शीलू ने चिता को मुखाग्नि दी।
पुलिस को पोस्टमॉर्टम की प्राइमरी रिपोर्ट मिल गई थी, जिसमें मुस्कान के शरीर पर किसी भी प्रकार के चोट के निशान नहीं थे। मुस्कान द्वारा फांसी का फंदा लगाकर सुसाइड करना ही पाया गया था। इसके बाद मुस्कान के मायके पक्ष ने 12 अगस्त तक का समय शीलू व उसके परिवार को दिया था।





