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Monday, September 28, 2026

फरीदाबाद में बोरवेल से निकली नेहा जिंदगी की जंग हारी:10 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

बच्ची को बोरवेल से निकालकर अस्पताल ले जाते एनडीआरएफ कर्मी। इनसेट में बच्ची नेहा। - Dainik Bhaskar

बच्ची को बोरवेल से निकालकर अस्पताल ले जाते एनडीआरएफ कर्मी। इनसेट में बच्ची नेहा।

हरियाणा ( साहिल कसून ) फरीदाबाद में 250 फीट गहरे बोरवेल में गिरी 3 साल की बच्ची नेहा को करीब 10 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन बाद सोमवार सुबह 4 बजे बाहर निकाला गया। बच्ची के शरीर में कोई हलचल नहीं थी। उसे तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बच्ची के शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। इससे उसकी मौत के सही कारणों का पता चलेगा।

घटना सीही गांव में रविवार शाम करीब 7 बजे हुई। बच्ची बोरवेल के पास खड़े एक ट्रैक्टर पर चढ़कर खेल रही थी। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया। बोरवेल नगर निगम का था। नगर निगम के XEN संजीव कुमार ने बताया कि बोरवेल करीब 15 साल से बंद था। कुछ दिन पहले ही उसका ढक्कन हट गया था।

हादसे की सूचना मिलते ही NDRF और SDRF ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया था। अंधेरा अधिक होने की वजह से बोरवेल के आसपास लाइटें लगाई गई। टीम ने बोरवेल के अंदर एक कैमरा भी डाला है। वीडियो में अंदर कुछ पत्थर दिखाई दे रहे थे। बच्ची के रोने की भी आवाज सुनाई दी।

बच्ची के पिता रामदीन का कहना है कि घटना के दौरान वह काम पर गए थे। गांव के लोगों ने बेटी के बोरवेल में गिरने की सूचना दी थी। रामदीन के चार बच्चे हैं, नेहा तीसरे नंबर की बेटी थी।

बच्ची को एंबुलेंस में अस्पताल लेकर जाते हुए।
बच्ची को एंबुलेंस में अस्पताल लेकर जाते हुए।

 सीही गांव में नगर निगम की जमीन पर बोरवेल लगा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि ये कई सालों से सूखा पड़ा है। रविवार शाम 3 साल की नेहा बस्ती के बच्चों के साथ बोरवेल के पास ही खेल रही थी। यहां एक ट्रैक्टर भी खड़ा था। खेलते-खेलते बच्चे इस ट्रैक्टर पर ही चढ़ गए। इसी दौरान नेहा अचानक ट्रैक्टर से गिरकर सीधे बोरवेल में गिर गई। नेहा के अंदर गिरते ही बच्चों ने शोर मचा दिया। आसपास के लोग वहां इकट्ठा हो गए। तुरंत ही नेहा के पिता रामदीन को घटना की जानकारी दी गई।  पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बोरवेल के अंदर से बच्ची के रोने की आवाज आ रही थी। इसके बाद NDRF और SDRF की टीम को मौके पर बुलाया गया और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।

बोरवेल में कैमरा डालकर बच्ची का रेस्क्यू करने की कोशिश की गई थी।
बोरवेल में कैमरा डालकर बच्ची का रेस्क्यू करने की कोशिश की गई थी।

125 फीट पर पानी भरा होना बनी बड़ी चुनौती

एनडीआरएफ अधिकारी कुणाल तिवारी के मुताबिक, बोरवेल कई साल से बंद था, लेकिन करीब 125 फीट की गहराई पर गंदा पानी भरा हुआ था। इससे रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी परेशानी आई। बच्ची का सिर नीचे की तरफ था। काफी मशक्कत के बाद टीम ने उसके पैर की मदद से उसे बाहर निकाला। बच्ची करीब 200 फीट से ज्यादा गहराई पर अटकी हुई थी।

बोरवेल में गिरी तीन साल की बच्ची की मां ने बताया-

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मैं चाय बनाने गई थी और जब तक मैं वापस लौटी तो मुझे पता चला कि बच्ची बोरवेल में गिर गई है। मैं वहां पहुंची और कोशिश की मगर नहीं निकल पाई।

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रेस्क्यू ऑपरेशन की तस्वीरें 

बोरवेल के पास से मिट्टी हतवाते पुलिसकर्मी।
बोरवेल के पास से मिट्टी हतवाते पुलिसकर्मी।
बोरवेल के पास खोदा गया गड्ढा।
बोरवेल के पास खोदा गया गड्ढा।
हादसे के बाद इकट्ठा हुई गांव की महिलाएं।
हादसे के बाद इकट्ठा हुई गांव की महिलाएं।

नगर निगम के XEN संजीव कुमार ने बताया कि करीब 15 साल पहले इस बोरवेल को बंद किया गया था। निगम की ओर से बोरवेल को ढक्कन लगाकर बंद किया गया था। ढक्कन हटने की जानकारी निगम को नहीं दी गई थी। मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बच्ची नेहा के पिता रामदीन का कहना है कि वे घटना के समय काम पर गए थे।
बच्ची नेहा के पिता रामदीन का कहना है कि वे घटना के समय काम पर गए थे।

रामदीन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के रहने वाले हैं। वे कई सालों से सीही गांव में ही रह रहे हैं। गांव में ही मजदूरी का काम करते हैं। परिवार में रामदीन, उनकी पत्नी और बच्चे हैं।

Sahil Kasoon

The Air News (Writer/Editer)

Sahil Kasoon

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